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Gurugram News: निजी स्कूलों के मान्यता प्रमाण पत्रों की जांच अनिवार्य
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29 मार्च तक पूरा करना होगा सत्यापन, विभाग द्वारा जारी प्रमाण पत्र होंगे मान्य
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली को लेकर उठते सवालों के बीच मौलिक शिक्षा निदेशालय ने बड़ा कदम उठाया है। हालिया जांच में सामने आया कि कुछ स्कूल नियमों की आड़ में न सिर्फ सीटों की जानकारी छिपा रहे हैं, बल्कि मान्यता से जुड़े दस्तावेजों में भी गड़बड़ी कर रहे हैं। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों द्वारा सीट डिक्लेरेशन पोर्टल पर अपलोड किए मान्यता प्रमाणपत्रों को अनिवार्य कर दिया है। सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को 29 मार्च तक यह प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीट डिक्लेरेशन पोर्टल पर दर्ज आकड़ों की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कई स्कूल प्राथमिक कक्षाओं के सामने नो विकल्प का चयन कर सीटों की संख्या शून्य दिखा रहे हैं। इन सभी को देखते हुए निदेशालय ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे निजी स्कूलों द्वारा अपलोड किए गए मान्यता प्रमाणपत्रों और अन्य दस्तावेजों की गहराई से जांच करें। इसके लिए वेरिफिकेशन पोर्टल भी सक्रिय कर दिया गया है, जहां पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि केवल वही प्रमाणपत्र मान्य होंगे जो विभाग द्वारा जारी किए गए हैं।
किसी शिक्षा बोर्ड की संबद्धता या अनुमति पत्र को मान्यता का आधार नहीं माना जाएगा। साथ ही, किसी भी तरह के गलत, पुराने या अधूरे दस्तावेजों को तुरंत खारिज करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध रखा गया है और 29 मार्च 2026 तक हर हाल में सत्यापन पूरा करना अनिवार्य किया गया है। एक बार डाटा दर्ज होने के बाद उसमें किसी तरह का बदलाव संभव नहीं होगा, जिससे लापरवाही नहीं हो सकेगी।
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गुरुग्राम। निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली को लेकर उठते सवालों के बीच मौलिक शिक्षा निदेशालय ने बड़ा कदम उठाया है। हालिया जांच में सामने आया कि कुछ स्कूल नियमों की आड़ में न सिर्फ सीटों की जानकारी छिपा रहे हैं, बल्कि मान्यता से जुड़े दस्तावेजों में भी गड़बड़ी कर रहे हैं। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों द्वारा सीट डिक्लेरेशन पोर्टल पर अपलोड किए मान्यता प्रमाणपत्रों को अनिवार्य कर दिया है। सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को 29 मार्च तक यह प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीट डिक्लेरेशन पोर्टल पर दर्ज आकड़ों की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कई स्कूल प्राथमिक कक्षाओं के सामने नो विकल्प का चयन कर सीटों की संख्या शून्य दिखा रहे हैं। इन सभी को देखते हुए निदेशालय ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे निजी स्कूलों द्वारा अपलोड किए गए मान्यता प्रमाणपत्रों और अन्य दस्तावेजों की गहराई से जांच करें। इसके लिए वेरिफिकेशन पोर्टल भी सक्रिय कर दिया गया है, जहां पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि केवल वही प्रमाणपत्र मान्य होंगे जो विभाग द्वारा जारी किए गए हैं।
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किसी शिक्षा बोर्ड की संबद्धता या अनुमति पत्र को मान्यता का आधार नहीं माना जाएगा। साथ ही, किसी भी तरह के गलत, पुराने या अधूरे दस्तावेजों को तुरंत खारिज करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध रखा गया है और 29 मार्च 2026 तक हर हाल में सत्यापन पूरा करना अनिवार्य किया गया है। एक बार डाटा दर्ज होने के बाद उसमें किसी तरह का बदलाव संभव नहीं होगा, जिससे लापरवाही नहीं हो सकेगी।