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Gurugram News: दिव्यांग बच्चों की पहचान पर फोकस, घर-घर जाकर किया जाएगा सर्वे
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रैंप व विशेष सुविधाओं पर जोर, प्रबंध पोर्टल पर अपडेट होगा पूरा डेटा
गुरुग्राम। जिले में इस बार प्रवेश उत्सव अभियान को नए तरीके से लागू करते हुए दिव्यांग बच्चों की पहचान और उन्हें स्कूलों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो बच्चे अब तक किसी कारणवश स्कूल नहीं पहुंच पाए हैं, उन्हें ढूंढकर मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
अभियान के तहत शिक्षकों की टीम गांवों और शहरी बस्तियों में घर-घर जाकर सर्वे कर रही है। इस दौरान ऐसे दिव्यांग बच्चों की पहचान की जा रही है, जो अभी तक स्कूल से दूर हैं। उनके अभिभावकों को शिक्षा के महत्व और सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि वे अपने बच्चों का दाखिला करवाने के लिए प्रेरित हो। शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि दिव्यांग छात्रों के लिए जरूरी सुविधाएं जैसे रैंप, विशेष बैठने की व्यवस्था और सहायक संसाधन सुनिश्चित किए जाएं, ताकि उन्हें पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही, सभी छात्रों का रिकॉर्ड प्रबंध पोर्टल पर अपडेट रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सरोज कुमारी दहिया के अनुसार, 23 मार्च से शुरू हुआ यह अभियान 15 मई तक चलेगा। इसका उद्देश्य सिर्फ दाखिला बढ़ाना नहीं, बल्कि ड्रॉपआउट को रोकना और हर बच्चे तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है। संवाद
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गुरुग्राम। जिले में इस बार प्रवेश उत्सव अभियान को नए तरीके से लागू करते हुए दिव्यांग बच्चों की पहचान और उन्हें स्कूलों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो बच्चे अब तक किसी कारणवश स्कूल नहीं पहुंच पाए हैं, उन्हें ढूंढकर मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
अभियान के तहत शिक्षकों की टीम गांवों और शहरी बस्तियों में घर-घर जाकर सर्वे कर रही है। इस दौरान ऐसे दिव्यांग बच्चों की पहचान की जा रही है, जो अभी तक स्कूल से दूर हैं। उनके अभिभावकों को शिक्षा के महत्व और सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि वे अपने बच्चों का दाखिला करवाने के लिए प्रेरित हो। शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि दिव्यांग छात्रों के लिए जरूरी सुविधाएं जैसे रैंप, विशेष बैठने की व्यवस्था और सहायक संसाधन सुनिश्चित किए जाएं, ताकि उन्हें पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही, सभी छात्रों का रिकॉर्ड प्रबंध पोर्टल पर अपडेट रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सरोज कुमारी दहिया के अनुसार, 23 मार्च से शुरू हुआ यह अभियान 15 मई तक चलेगा। इसका उद्देश्य सिर्फ दाखिला बढ़ाना नहीं, बल्कि ड्रॉपआउट को रोकना और हर बच्चे तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है। संवाद
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