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गुरुग्राम के विकास में स्थिरता को मुख्य आधार बनाना जरूरी : राव इंद्रजीत
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केंद्रीय मंत्री ने गुड़गांव सस्टेनेबिलिटी हैंडबुक 2026 का किया विमोचन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने शुक्रवार को गुरुग्राम में गुड़गांव सस्टेनेबिलिटी हैंडबुक 2026 का विमोचन किया। यह गुड़गांव फर्स्ट संस्थान द्वारा प्रकाशित शृंखला का पांचवां प्रकाशन है। उन्होंने कहा कि आर्थिक तरक्की और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलने वाले पूरक लक्ष्य हैं। यह कार्यक्रम गुरुग्राम के सोयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में आयोजित हुआ।
राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि गुरुग्राम भारत के सबसे तेजी से बढ़ते शहरों में से एक है। इसकी तरक्की ने कई अवसर पैदा किए हैं। हालांकि, पानी की सुरक्षा, कचरा प्रबंधन और आवागमन जैसी जटिल चुनौतियां भी सामने आई हैं। मंत्री ने जोर दिया कि गुरुग्राम के विस्तार के साथ विकास के लिए स्थिरता को मुख्य आधार बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के जीवन की गुणवत्ता इन्हीं लक्ष्यों से तय होगी। एक मजबूत, समावेशी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार गुरुग्राम के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है।
गुड़गांव फर्स्ट की संस्थापक एवं निदेशक शुभ्रा पुरी और शोधकर्ता आयुष दास गुप्ता ने हैंडबुक के प्रमुख निष्कर्ष प्रस्तुत किए। क्षेत्र विशेषज्ञ चेतन अग्रवाल, राहुल खेरा, सारिका पांडा भट्ट और संगीता नैयर ने भी विभिन्न क्षेत्रों का अवलोकन दिया। उन्होंने बताया कि यह हैंडबुक नीति-निर्माताओं, व्यवसायों और शोधकर्ताओं के लिए एक उपयोगी संसाधन है। इसका उद्देश्य गुड़गांव को अधिक टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार शहर बनाने हेतु संवाद को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम में मानेसर की मेयर इंद्रजीत यादव भी उपस्थित थीं। उनके साथ स्थिरता क्षेत्र के कई विशेषज्ञ, विद्यार्थी और शिक्षक भी शामिल हुए।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने शुक्रवार को गुरुग्राम में गुड़गांव सस्टेनेबिलिटी हैंडबुक 2026 का विमोचन किया। यह गुड़गांव फर्स्ट संस्थान द्वारा प्रकाशित शृंखला का पांचवां प्रकाशन है। उन्होंने कहा कि आर्थिक तरक्की और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलने वाले पूरक लक्ष्य हैं। यह कार्यक्रम गुरुग्राम के सोयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में आयोजित हुआ।
राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि गुरुग्राम भारत के सबसे तेजी से बढ़ते शहरों में से एक है। इसकी तरक्की ने कई अवसर पैदा किए हैं। हालांकि, पानी की सुरक्षा, कचरा प्रबंधन और आवागमन जैसी जटिल चुनौतियां भी सामने आई हैं। मंत्री ने जोर दिया कि गुरुग्राम के विस्तार के साथ विकास के लिए स्थिरता को मुख्य आधार बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के जीवन की गुणवत्ता इन्हीं लक्ष्यों से तय होगी। एक मजबूत, समावेशी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार गुरुग्राम के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है।
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गुड़गांव फर्स्ट की संस्थापक एवं निदेशक शुभ्रा पुरी और शोधकर्ता आयुष दास गुप्ता ने हैंडबुक के प्रमुख निष्कर्ष प्रस्तुत किए। क्षेत्र विशेषज्ञ चेतन अग्रवाल, राहुल खेरा, सारिका पांडा भट्ट और संगीता नैयर ने भी विभिन्न क्षेत्रों का अवलोकन दिया। उन्होंने बताया कि यह हैंडबुक नीति-निर्माताओं, व्यवसायों और शोधकर्ताओं के लिए एक उपयोगी संसाधन है। इसका उद्देश्य गुड़गांव को अधिक टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार शहर बनाने हेतु संवाद को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम में मानेसर की मेयर इंद्रजीत यादव भी उपस्थित थीं। उनके साथ स्थिरता क्षेत्र के कई विशेषज्ञ, विद्यार्थी और शिक्षक भी शामिल हुए।
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