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एनजीटी का सख्त आदेश: सार्वजनिक जगहों पर कचरा फैलाने वालों पर लगेगा जुर्माना
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) ने सख्त कदम उठाए हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के अनुपालन में सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने और अवैध डंपिंग करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
जारी आदेशों के अनुसार सड़कों, नदियों, जलाशयों, वेटलैंड, झीलों, नालों, पंचायत या राजस्व भूमि तथा पीडब्ल्यूडी सहित अन्य विभागों की जमीन पर कचरा डालने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। एनजीटी ने इस तरह की गतिविधियों को पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इसे नागरिकों के स्वच्छ वातावरण के अधिकार का उल्लंघन माना है।
एमसीजी की ओर से तय नियमों के तहत कचरा फैलाने या डंपिंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। बल्क वेस्ट जनरेटर, संस्थाओं या व्यक्तियों पर पहली बार 25,000 रुपये और दूसरी बार 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं सामान्य (नॉन-बल्क) कचरा जनरेटर की ओर से पहली बार उल्लंघन पर 5,000 रुपये और दूसरी बार 10,000 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने अतिरिक्त आयुक्तों, संयुक्त आयुक्तों, उप-नगर आयुक्तों, कार्यकारी अभियंताओं सहित विभिन्न अधिकारियों को पर्यावरणीय मुआवजा लगाने के अधिकार दिए हैं। निगम ने स्पष्ट किया है कि वसूली गई राशि निगम के खाते में जमा होगी और इसका उपयोग ठोस कचरा प्रबंधन व वैज्ञानिक निस्तारण में किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति जुर्माना नहीं भरता है, तो उससे राशि भू-राजस्व बकाया की तरह वसूली जाएगी।
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सौम्या
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जारी आदेशों के अनुसार सड़कों, नदियों, जलाशयों, वेटलैंड, झीलों, नालों, पंचायत या राजस्व भूमि तथा पीडब्ल्यूडी सहित अन्य विभागों की जमीन पर कचरा डालने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। एनजीटी ने इस तरह की गतिविधियों को पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इसे नागरिकों के स्वच्छ वातावरण के अधिकार का उल्लंघन माना है।
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एमसीजी की ओर से तय नियमों के तहत कचरा फैलाने या डंपिंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। बल्क वेस्ट जनरेटर, संस्थाओं या व्यक्तियों पर पहली बार 25,000 रुपये और दूसरी बार 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं सामान्य (नॉन-बल्क) कचरा जनरेटर की ओर से पहली बार उल्लंघन पर 5,000 रुपये और दूसरी बार 10,000 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने अतिरिक्त आयुक्तों, संयुक्त आयुक्तों, उप-नगर आयुक्तों, कार्यकारी अभियंताओं सहित विभिन्न अधिकारियों को पर्यावरणीय मुआवजा लगाने के अधिकार दिए हैं। निगम ने स्पष्ट किया है कि वसूली गई राशि निगम के खाते में जमा होगी और इसका उपयोग ठोस कचरा प्रबंधन व वैज्ञानिक निस्तारण में किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति जुर्माना नहीं भरता है, तो उससे राशि भू-राजस्व बकाया की तरह वसूली जाएगी।
सौम्या