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Gurugram News: अस्पताल में बढ़े त्वचा रोगी
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रोजाना पहुंच रहे 180 से 200 मरीज, पसीने के कारण बढ़ रहा फंगल इंफेक्शन (दाद)
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बारिश और बढ़ती उमस के कारण जिले में त्वचा संबंधी रोगों के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। नागरिक अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी के साथ-साथ त्वचा रोग (डर्मेटोलॉजी) ओपीडी में प्रतिदिन 180 से 200 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे अधिक मरीज फंगल इंफेक्शन (दाद), खुजली, एलर्जी, रैशेज, घमौरियां और बैक्टीरियल त्वचा संक्रमण से पीड़ित हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने और लगातार पसीना आने से त्वचा लंबे समय तक गीली रहती है। ऐसे में फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण तेजी से फैलते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में इन रोगों का खतरा अधिक रहता है। कई मरीजों में त्वचा पर जलन और तेज खुजली की शिकायत भी सामने आ रही है।
ऐसे करें बचाव
डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए शरीर और त्वचा को साफ व सूखा रखना जरूरी है। भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें, सूती व ढीले कपड़े पहनें और तौलिया, कपड़े जैसी व्यक्तिगत वस्तुएं किसी अन्य के साथ साझा न करें। त्वचा पर संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी क्रीम या दवा का प्रयोग न करें। समय पर उपचार कराने से संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है और गंभीर जटिलताओं से बचाव संभव है।
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सीबीसी जांच की दी जा रही सलाह
बदलते मौसम के चलते वायरल संक्रमण और मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं। नागरिक अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में प्रतिदिन 300 से 400 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 10 से 15 प्रतिशत मरीज बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द और कमजोरी जैसी शिकायतों के साथ आ रहे हैं। चिकित्सक जरूरत के अनुसार, मरीजों को सीबीसी ब्लड जांच कराने की सलाह दे रहे हैं, ताकि संक्रमण की सही पहचान कर समय पर उपचार शुरू किया जा सके।
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लगातार उमस और पसीना आने से त्वचा पर नमी बनी रहने के कारण दाद, फंगल संक्रमण और बैक्टीरियल इंफेक्शन के मामले बढ़ रहे हैं। साफ-सफाई रखने, त्वचा को सूखा रखने और समय पर उपचार कराने की सलाह दी जा रही है। कोशिश करें खुद से इलाज करने से बचें। -डाॅ. नीरज मेहता, त्वचा रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बारिश और बढ़ती उमस के कारण जिले में त्वचा संबंधी रोगों के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। नागरिक अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी के साथ-साथ त्वचा रोग (डर्मेटोलॉजी) ओपीडी में प्रतिदिन 180 से 200 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे अधिक मरीज फंगल इंफेक्शन (दाद), खुजली, एलर्जी, रैशेज, घमौरियां और बैक्टीरियल त्वचा संक्रमण से पीड़ित हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने और लगातार पसीना आने से त्वचा लंबे समय तक गीली रहती है। ऐसे में फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण तेजी से फैलते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में इन रोगों का खतरा अधिक रहता है। कई मरीजों में त्वचा पर जलन और तेज खुजली की शिकायत भी सामने आ रही है।
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ऐसे करें बचाव
डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए शरीर और त्वचा को साफ व सूखा रखना जरूरी है। भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें, सूती व ढीले कपड़े पहनें और तौलिया, कपड़े जैसी व्यक्तिगत वस्तुएं किसी अन्य के साथ साझा न करें। त्वचा पर संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी क्रीम या दवा का प्रयोग न करें। समय पर उपचार कराने से संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है और गंभीर जटिलताओं से बचाव संभव है।
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सीबीसी जांच की दी जा रही सलाह
बदलते मौसम के चलते वायरल संक्रमण और मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं। नागरिक अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में प्रतिदिन 300 से 400 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 10 से 15 प्रतिशत मरीज बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द और कमजोरी जैसी शिकायतों के साथ आ रहे हैं। चिकित्सक जरूरत के अनुसार, मरीजों को सीबीसी ब्लड जांच कराने की सलाह दे रहे हैं, ताकि संक्रमण की सही पहचान कर समय पर उपचार शुरू किया जा सके।
लगातार उमस और पसीना आने से त्वचा पर नमी बनी रहने के कारण दाद, फंगल संक्रमण और बैक्टीरियल इंफेक्शन के मामले बढ़ रहे हैं। साफ-सफाई रखने, त्वचा को सूखा रखने और समय पर उपचार कराने की सलाह दी जा रही है। कोशिश करें खुद से इलाज करने से बचें। -डाॅ. नीरज मेहता, त्वचा रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल