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Gurugram News: खेड़की दौला टोल पर हंगामा, दो ट्रांसपोर्टर हिरासत में
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तीन दिवसीय हड़ताल से थमी रफ्तार, दिल्ली बॉर्डर पर कम हुए कॉमर्शियल वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। दिल्ली-एनसीआर में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्टर्स कांग्रेस के आह्वान पर बृहस्पतिवार को तीन दिवसीय महा-चक्का जाम और ट्रांसपोर्टर की हड़ताल शुरू हुई। इसका असर पहले ही दिन जिले में बड़े स्तर पर देखने को मिला। दिल्ली की ओर जाने वाले ट्रकों और कॉमर्शियल वाहनों की आवाजाही में भारी कमी दर्ज की गई, जिससे जिले की औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो गईं। वहीं, खेड़की दौला टोल पर प्रदर्शन और सड़क जाम करने पहुंचे दो ट्रांसपोर्टर्स को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने पहुंचा दिया।
हड़ताल के चलते दिल्ली से जुड़े प्रमुख बॉर्डर और हाईवे पर ट्रकों की लंबी कतारें नजर आईं। सरहौल बॉर्डर, कापसहेड़ा बॉर्डर और घिटोरनी बॉर्डर पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम मालवाहक वाहन दिखाई दिए। कई ट्रांसपोर्टरों ने अपने वाहन यार्ड और पार्किंग स्थलों पर खड़े कर दिए। ट्रांसपोर्ट संगठनों के अनुसार 21 मई सुबह से 23 मई रात तक दिल्ली सीमा में किसी भी प्रकार के मालवाहक वाहन को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
खेड़की दौला टोल पर बृहस्पतिवार सुबह लगभग साढ़े 11 बजे 8-10 बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर महा-चक्का जाम के समर्थन में पहुंचे। प्रदर्शनकारी टोल पर गाड़ियों को रोककर विरोध दर्ज कराने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रोक दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क जाम करने के लिए किसी प्रकार की लिखित अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई। इसके बाद कई ट्रांसपोर्टर्स को हिरासत में लेकर खेड़की दौला थाने ले जाया गया। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सरकार लगातार कॉमर्शियल वाहनों पर नए नियम और प्रतिबंध लागू कर रही है, जिससे व्यवसाय पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। खासतौर पर ग्रीन टैक्स में बढ़ोतरी, एक नवंबर से बीएस-4 वाहनों को बंद करने की तैयारी और अन्य नियमों को लेकर ट्रांसपोर्टरों में भारी नाराजगी है।
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आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित होने से बढ़ेगी परेशानी
हड़ताल का असर आम लोगों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। फल-सब्जी, दूध, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित होने से बाजारों में आने वाले दिनों में किल्लत की स्थिति बन सकती है।
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पुलिस ने अभी भी उनके दो साथियों को हिरासत में रखा हुआ है। उन्होंने बताया कि अमित और मोहन नामक दो ट्रांसपोर्टरों को अब तक नहीं छोड़ा गया है, जिससे ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी बनी हुई है और यह हड़ताल अभी दो दिनों तक ऐसे ही जारी रहेगी। -प्रदीप मोदी, महासचिव, जिला ट्रांसपोर्टर संघ
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सुबह कुछ ट्रांसपोर्टरों को थाने लाया गया था। उन्हें समझाने के बाद छोड़ दिया गया और स्थिति पूरी तरह सामान्य है। -किशन, थाना प्रभारी, खेड़की दौला
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। दिल्ली-एनसीआर में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्टर्स कांग्रेस के आह्वान पर बृहस्पतिवार को तीन दिवसीय महा-चक्का जाम और ट्रांसपोर्टर की हड़ताल शुरू हुई। इसका असर पहले ही दिन जिले में बड़े स्तर पर देखने को मिला। दिल्ली की ओर जाने वाले ट्रकों और कॉमर्शियल वाहनों की आवाजाही में भारी कमी दर्ज की गई, जिससे जिले की औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो गईं। वहीं, खेड़की दौला टोल पर प्रदर्शन और सड़क जाम करने पहुंचे दो ट्रांसपोर्टर्स को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने पहुंचा दिया।
हड़ताल के चलते दिल्ली से जुड़े प्रमुख बॉर्डर और हाईवे पर ट्रकों की लंबी कतारें नजर आईं। सरहौल बॉर्डर, कापसहेड़ा बॉर्डर और घिटोरनी बॉर्डर पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम मालवाहक वाहन दिखाई दिए। कई ट्रांसपोर्टरों ने अपने वाहन यार्ड और पार्किंग स्थलों पर खड़े कर दिए। ट्रांसपोर्ट संगठनों के अनुसार 21 मई सुबह से 23 मई रात तक दिल्ली सीमा में किसी भी प्रकार के मालवाहक वाहन को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
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खेड़की दौला टोल पर बृहस्पतिवार सुबह लगभग साढ़े 11 बजे 8-10 बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर महा-चक्का जाम के समर्थन में पहुंचे। प्रदर्शनकारी टोल पर गाड़ियों को रोककर विरोध दर्ज कराने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रोक दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क जाम करने के लिए किसी प्रकार की लिखित अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई। इसके बाद कई ट्रांसपोर्टर्स को हिरासत में लेकर खेड़की दौला थाने ले जाया गया। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सरकार लगातार कॉमर्शियल वाहनों पर नए नियम और प्रतिबंध लागू कर रही है, जिससे व्यवसाय पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। खासतौर पर ग्रीन टैक्स में बढ़ोतरी, एक नवंबर से बीएस-4 वाहनों को बंद करने की तैयारी और अन्य नियमों को लेकर ट्रांसपोर्टरों में भारी नाराजगी है।
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हड़ताल का असर आम लोगों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। फल-सब्जी, दूध, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित होने से बाजारों में आने वाले दिनों में किल्लत की स्थिति बन सकती है।
पुलिस ने अभी भी उनके दो साथियों को हिरासत में रखा हुआ है। उन्होंने बताया कि अमित और मोहन नामक दो ट्रांसपोर्टरों को अब तक नहीं छोड़ा गया है, जिससे ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी बनी हुई है और यह हड़ताल अभी दो दिनों तक ऐसे ही जारी रहेगी। -प्रदीप मोदी, महासचिव, जिला ट्रांसपोर्टर संघ
सुबह कुछ ट्रांसपोर्टरों को थाने लाया गया था। उन्हें समझाने के बाद छोड़ दिया गया और स्थिति पूरी तरह सामान्य है। -किशन, थाना प्रभारी, खेड़की दौला