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Gurugram News: हाईटेक सिटी में लो क्लास पैदल रास्ते
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मिलेनियम सिटी में पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों की सुरक्षा भगवान भरोसे है
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जीएमडीए और नगर निगम द्वारा सड़कों के रखरखाव पर हर साल करोड़ों खर्च करने के बावजूद शहर की राहें राहगीरों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। हाईटेक सिटी के नाम से पहचाने जाने वाले शहर में सड़कों का जाल तो बिछा है, लेकिन पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। यहां पैदल रास्ते एकदम लो क्लास हैं। हुडा सिटी सेंटर से सुभाष चौक जैसे व्यस्त मार्ग पर साइकिल ट्रैक और फुटपाथ अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं। टूटे रास्तों और जलभराव के बीच पैदल चलना दूभर है, जिससे प्रशासन के विकास दावों की पोल खुल रही है।
राजीव चौक पर पैदल चलना दूभर
राजीव चौक पर न तो कोई साइकिल ट्रैक है और न ही पैदल चलने वालों के लिए कोई फुटपाथ है। यहां वाहनों की रफ्तार इतनी तेज होती है कि सड़क पार करना तो दूर लोग साइड में पैदल भी नहीं चल सकते हैं।
बख्तावर चौक से राजीव चौक तक नहीं है साइकिल ट्रैक
सेक्टर-47 की ओर से पैदल आने वालों को बख्तावर चौक से राजीव चौक तक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग पर साइकिल ट्रैक तो दूर का बात है यहां फुटपाथ भी पूरा नहीं बना है। सड़कों पर एक लेन में कार खड़ी रहती है, जिससे लोगों को परेशानी होती है।
ट्रैक न होने पर फुटपाथ पर चलती हैं साइकिल
न्यू गुरुग्राम में भी सड़कों की प्लानिंग नहीं हो रही है। इसके लिए जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार ही नहीं है। सेक्टर-102 की सोसाइटी में काम करने वाली महिला फुटपाथ पर साइकिल चलाकर जाती हैं। साइकिल ट्रैक नहीं होने के कारण वह फुटपाथ का प्रयोग करती हैं।
वर्जन
1.. रेलव रोड से लेकर उद्योग विहार तक कोई साइकिल ट्रैक नहीं है। रोजाना आने जाने में जान हथेली पर रखनी पड़ती है। -धर्मेन्द्र ठापकुर, धनवापुर
2.. लक्ष्मण विहार-1 से सेक्टर-37 औद्योगिक क्षेत्र मेंं आने-जाने वालों के लिए सबसे अधिक परेशानी साइकिल सवार की होती है। सुबह-शाम पीक ऑवर में वाहन दुर्घटना का डर बना रहता है। - नरेश कुमार, लक्ष्मण विहार फेज-वन
3.. बाबा प्रकाश पुरी चौक से लेकर रेलवे स्टेशन व आस-पास की सड़कों पर चलने वालों के लिए साइकिल ट्रैक व फुटपाथ गायब है। अधिकारी इस ओर ध्यान ही नहीं देते हैं। - दान सिंह, प्रकाशपुरी चौक
4.. सूरत नगर से लेकर मानेसर तक के बीच में साइकिल वालों का कोई गुजारा नहीं है। आए दिन लोग वाहन दुर्घटना के शिकार होते रहते हैं। - लल्लन सिंह, सूरतनगर
वाहन दुर्घटना का विवरण..
वर्ष-वाहन दुर्घटना - साइकिल या पैदल
वर्ष 2024 - 478 - 180
वर्ष 2025- 472 - 160
2026 में अब तक - 107 - 52
सड़क सुरक्षा की बैठक में होने वाली वाहन दुर्घटना के आधार पर संबंधित विभागों को इसे रोकने के लिए निर्देश दिया जाता है। जहां पर संभव है वहां पर साइकिल ट्रैक बनाने की प्लानिंग की जा रही है। - अजय कुमार, उपायुक्त
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जीएमडीए और नगर निगम द्वारा सड़कों के रखरखाव पर हर साल करोड़ों खर्च करने के बावजूद शहर की राहें राहगीरों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। हाईटेक सिटी के नाम से पहचाने जाने वाले शहर में सड़कों का जाल तो बिछा है, लेकिन पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। यहां पैदल रास्ते एकदम लो क्लास हैं। हुडा सिटी सेंटर से सुभाष चौक जैसे व्यस्त मार्ग पर साइकिल ट्रैक और फुटपाथ अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं। टूटे रास्तों और जलभराव के बीच पैदल चलना दूभर है, जिससे प्रशासन के विकास दावों की पोल खुल रही है।
राजीव चौक पर पैदल चलना दूभर
राजीव चौक पर न तो कोई साइकिल ट्रैक है और न ही पैदल चलने वालों के लिए कोई फुटपाथ है। यहां वाहनों की रफ्तार इतनी तेज होती है कि सड़क पार करना तो दूर लोग साइड में पैदल भी नहीं चल सकते हैं।
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बख्तावर चौक से राजीव चौक तक नहीं है साइकिल ट्रैक
सेक्टर-47 की ओर से पैदल आने वालों को बख्तावर चौक से राजीव चौक तक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग पर साइकिल ट्रैक तो दूर का बात है यहां फुटपाथ भी पूरा नहीं बना है। सड़कों पर एक लेन में कार खड़ी रहती है, जिससे लोगों को परेशानी होती है।
ट्रैक न होने पर फुटपाथ पर चलती हैं साइकिल
न्यू गुरुग्राम में भी सड़कों की प्लानिंग नहीं हो रही है। इसके लिए जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार ही नहीं है। सेक्टर-102 की सोसाइटी में काम करने वाली महिला फुटपाथ पर साइकिल चलाकर जाती हैं। साइकिल ट्रैक नहीं होने के कारण वह फुटपाथ का प्रयोग करती हैं।
वर्जन
1.. रेलव रोड से लेकर उद्योग विहार तक कोई साइकिल ट्रैक नहीं है। रोजाना आने जाने में जान हथेली पर रखनी पड़ती है। -धर्मेन्द्र ठापकुर, धनवापुर
2.. लक्ष्मण विहार-1 से सेक्टर-37 औद्योगिक क्षेत्र मेंं आने-जाने वालों के लिए सबसे अधिक परेशानी साइकिल सवार की होती है। सुबह-शाम पीक ऑवर में वाहन दुर्घटना का डर बना रहता है। - नरेश कुमार, लक्ष्मण विहार फेज-वन
3.. बाबा प्रकाश पुरी चौक से लेकर रेलवे स्टेशन व आस-पास की सड़कों पर चलने वालों के लिए साइकिल ट्रैक व फुटपाथ गायब है। अधिकारी इस ओर ध्यान ही नहीं देते हैं। - दान सिंह, प्रकाशपुरी चौक
4.. सूरत नगर से लेकर मानेसर तक के बीच में साइकिल वालों का कोई गुजारा नहीं है। आए दिन लोग वाहन दुर्घटना के शिकार होते रहते हैं। - लल्लन सिंह, सूरतनगर
वाहन दुर्घटना का विवरण..
वर्ष-वाहन दुर्घटना - साइकिल या पैदल
वर्ष 2024 - 478 - 180
वर्ष 2025- 472 - 160
2026 में अब तक - 107 - 52
सड़क सुरक्षा की बैठक में होने वाली वाहन दुर्घटना के आधार पर संबंधित विभागों को इसे रोकने के लिए निर्देश दिया जाता है। जहां पर संभव है वहां पर साइकिल ट्रैक बनाने की प्लानिंग की जा रही है। - अजय कुमार, उपायुक्त