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Gurugram News: 40 साल पुराने मंदिर में तमिल महिलाएं सावन में मनाती आदि वेल्ली पर्व
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-22 स्थित श्री वरसिद्धि विनायक मंदिर शहर के सबसे पुराने गणेश मंदिरों में से एक है। 40 साल पुराने इस मंदिर में केवल नोएडा नहीं बल्कि दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के लोग भी दर्शन के लिए पहुंचते हैं। आषाढ़ माह के शुक्रवार को मंदिर में सामूहिक दीप पूजा का विशेष आयोजन होता है। इस मंदिर में आदि वेल्ली पर्व मनाती हैं।
दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार होने वाली इस पूजा में बड़ी संख्या में महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना करती हैं। वैदिक प्रचार संस्थान (वीपीएस) के वरिष्ठ सदस्य एस वेंकटेश ने बताया कि संस्था की स्थापना वर्ष 1987 में हुई थी। वर्तमान में यह संस्था सेक्टर-22 स्थित श्री वरसिद्धि विनायक मंदिर के साथ सेक्टर-62 स्थित श्री विनायक और श्री कार्तिकेय मंदिर का भी संचालन करती है। महिलाओं ने कई घंटे बैठकर किया श्री ललिता सहस्रनाम और सौंदरिया लाहारी का जाप किया।
मंदिर में सभी पूजा दक्षिण भारतीय वैदिक परंपरा के अनुसार संपन्न होती है। -स्मिता रवि
मैं पिछले 30 वर्षों से नियमित रूप से इस मंदिर में दर्शन करने आती हूं। -रेणुका शिवरामन
मैं यहां दर्शन और श्री ललिता सहस्रनाम के सामूहिक पाठ में शामिल होती हूं। -जानकी
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नोएडा। सेक्टर-22 स्थित श्री वरसिद्धि विनायक मंदिर शहर के सबसे पुराने गणेश मंदिरों में से एक है। 40 साल पुराने इस मंदिर में केवल नोएडा नहीं बल्कि दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के लोग भी दर्शन के लिए पहुंचते हैं। आषाढ़ माह के शुक्रवार को मंदिर में सामूहिक दीप पूजा का विशेष आयोजन होता है। इस मंदिर में आदि वेल्ली पर्व मनाती हैं।
दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार होने वाली इस पूजा में बड़ी संख्या में महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना करती हैं। वैदिक प्रचार संस्थान (वीपीएस) के वरिष्ठ सदस्य एस वेंकटेश ने बताया कि संस्था की स्थापना वर्ष 1987 में हुई थी। वर्तमान में यह संस्था सेक्टर-22 स्थित श्री वरसिद्धि विनायक मंदिर के साथ सेक्टर-62 स्थित श्री विनायक और श्री कार्तिकेय मंदिर का भी संचालन करती है। महिलाओं ने कई घंटे बैठकर किया श्री ललिता सहस्रनाम और सौंदरिया लाहारी का जाप किया।
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मंदिर में सभी पूजा दक्षिण भारतीय वैदिक परंपरा के अनुसार संपन्न होती है। -स्मिता रवि
मैं पिछले 30 वर्षों से नियमित रूप से इस मंदिर में दर्शन करने आती हूं। -रेणुका शिवरामन
मैं यहां दर्शन और श्री ललिता सहस्रनाम के सामूहिक पाठ में शामिल होती हूं। -जानकी