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Gurugram News: जुलाई से शिक्षकों को मिलेगा स्किल आधारित शिक्षा का प्रशिक्षण
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- नई शिक्षा नीति के अनुरूप होंगे विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, छात्रों की रचनात्मकता, कौशल और व्यवहारिक ज्ञान पर रहेगा फोकस
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शिक्षा निदेशालय ने शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों और कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों की तैयारी शुरू कर दी है। जुलाई से प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे, जिनमें सरकारी स्कूलों के शिक्षक भाग लेंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप छात्रों की रचनात्मकता, व्यवहारिक ज्ञान और कौशल विकास के लिए तैयार करना है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसमें शिक्षकों को बदलती शैक्षणिक जरूरतों, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान गतिविधि आधारित शिक्षण, समस्या समाधान क्षमता, टीमवर्क, नेतृत्व विकास और नवाचार आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
शिक्षकों को यह भी बताया जाएगा कि छात्रों की रुचि और क्षमता के अनुसार सीखने के अवसर कैसे विकसित किए जाएं, ताकि वे केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें बल्कि व्यावहारिक जीवन में भी सफल हो सकें। इसके अलावा कक्षा में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और सीखने को रोचक बनाने के उपायों पर भी चर्चा होगी। अधिकारियों का कहना है कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से शिक्षकों की दक्षता में वृद्धि होगी और स्कूलों में शिक्षण की गुणवत्ता बेहतर बनेगी। इससे छात्रों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा शिक्षा को अधिक प्रभावी और रोजगारोन्मुख बनाने में मदद मिलेगी। नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को जमीन पर उतारने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शिक्षा निदेशालय ने शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों और कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों की तैयारी शुरू कर दी है। जुलाई से प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे, जिनमें सरकारी स्कूलों के शिक्षक भाग लेंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप छात्रों की रचनात्मकता, व्यवहारिक ज्ञान और कौशल विकास के लिए तैयार करना है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसमें शिक्षकों को बदलती शैक्षणिक जरूरतों, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान गतिविधि आधारित शिक्षण, समस्या समाधान क्षमता, टीमवर्क, नेतृत्व विकास और नवाचार आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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शिक्षकों को यह भी बताया जाएगा कि छात्रों की रुचि और क्षमता के अनुसार सीखने के अवसर कैसे विकसित किए जाएं, ताकि वे केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें बल्कि व्यावहारिक जीवन में भी सफल हो सकें। इसके अलावा कक्षा में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और सीखने को रोचक बनाने के उपायों पर भी चर्चा होगी। अधिकारियों का कहना है कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से शिक्षकों की दक्षता में वृद्धि होगी और स्कूलों में शिक्षण की गुणवत्ता बेहतर बनेगी। इससे छात्रों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा शिक्षा को अधिक प्रभावी और रोजगारोन्मुख बनाने में मदद मिलेगी। नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को जमीन पर उतारने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।