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Gurugram News: बिजली का अस्थायी कनेक्शन बना आफत
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अस्थायी कनेक्शन पर चल रही हैं 57 सोसाइटियां, निवासियों ने सरकार से समाधान की गुहार लगाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नए गुरुग्राम में बसी 57 सोसाइटियों में अस्थायी बिजली कनेक्शन के कारण लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। केबल फॉल्ट, ओवरलोडेड सिस्टम में गड़बड़ी के कारण लोग घंटों बिजली कटौती से जूझने को विवश हैं। वहीं जेनरेटर चलाने पर लोगों को चार से पांच गुना ज्यादा बिजली का बिल भरना पड़ रहा है।
अफोर्डेबल हाउसिंग समूह में केवल कॉमन एरिया और जरूरी सेवाओं के लिए ही जेनसेट की बिजली होती है। कई घंटे की बिजली कटौती इन सोसाइटियों पर बहुत भारी पड़ रही है। कम क्षमता के इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण अस्थायी कनेक्शन वाली सोसाइटियों के लोग एसी आदि सभी बिजली के उपकरणों का प्रयोग एक साथ नहीं कर पा रहे हैं। इन सोसाइटियों के लोगों ने बिजली निगम और सरकार से इसके हल की गुहार लगाई है।
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गुरुग्राम की 57 सोसाइटियां बिजली के अस्थायी कनेक्शन के भरोसे चल रही हैं। सोसाइटी में 4 हजार किलोवाट क्षमता की जरूरत है लेकिन अस्थायी कनेक्शन के कारण 500 किलोवाट क्षमता की बिजली सोसाइटी में है। -नवदीप सिंह, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, एटीएस ट्रायंफ सेक्टर-104
यह सेक्टर-109 की सोसाइटियों एटीएस ककून और कैलेडियम में बिजली संकट की एक बेहद गंभीर स्थिति है। 2017 में ओसी मिलने के बावजूद अब तक स्थायी बिजली कनेक्शन न होने और तय लोड के मुकाबले सिर्फ 1000 किलोवाट मिलने के कारण परेशानी हो रही है। -गौरव सलूजा, एटीएस ककून, सेक्टर-109
हमारी सोसाइटी में 700 परिवार रहते हैं। 1800 किलोवाट का लोड योजनाओं में हैं लेकिन अस्थायी कनेक्शन के कारण सोसाइटी में 600 किलोवाट क्षमता की बिजली आती है। बिजली की ज्यादा मांग होने की स्थिति में हमें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। -दलबीर सिंह बेनीवाल, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, हैबिटेट सेक्टर-99ए
मुख्यमंत्री की ग्रीवेंश कमेटी में अप्रैल मई तक हमारा 33 केवी सबस्टेशन चालू करने वादा बिजली निगम ने किया था। बिल्डर की बैंक गारंटी ले चुके हैं। सोसाइटी के पास तक 33 केवी लाइन आ चुकी है लेकिन जीएमडीए और मानेसर नगर निगम की जमीन पर कार्य की अनुमति नहीं ली गई। -अभिनीत झा, कोषाध्यक्ष पीवोटल दीवान सोसाइटी
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नई सोसाइटियों में जहां बिल्डरों ने 33 केवी सबस्टेशन नहीं बनाए उन्हें नोटिस दिया गया है। पुरानी सोसाइटियों के लिए ऐसा सिस्टम नहीं था। बिजली निगम निवासियों की समस्याओं के समाधान में सहयोग करेगा। -श्यामबीर सैनी, एसई, बिजली निगम
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नए गुरुग्राम में बसी 57 सोसाइटियों में अस्थायी बिजली कनेक्शन के कारण लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। केबल फॉल्ट, ओवरलोडेड सिस्टम में गड़बड़ी के कारण लोग घंटों बिजली कटौती से जूझने को विवश हैं। वहीं जेनरेटर चलाने पर लोगों को चार से पांच गुना ज्यादा बिजली का बिल भरना पड़ रहा है।
अफोर्डेबल हाउसिंग समूह में केवल कॉमन एरिया और जरूरी सेवाओं के लिए ही जेनसेट की बिजली होती है। कई घंटे की बिजली कटौती इन सोसाइटियों पर बहुत भारी पड़ रही है। कम क्षमता के इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण अस्थायी कनेक्शन वाली सोसाइटियों के लोग एसी आदि सभी बिजली के उपकरणों का प्रयोग एक साथ नहीं कर पा रहे हैं। इन सोसाइटियों के लोगों ने बिजली निगम और सरकार से इसके हल की गुहार लगाई है।
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गुरुग्राम की 57 सोसाइटियां बिजली के अस्थायी कनेक्शन के भरोसे चल रही हैं। सोसाइटी में 4 हजार किलोवाट क्षमता की जरूरत है लेकिन अस्थायी कनेक्शन के कारण 500 किलोवाट क्षमता की बिजली सोसाइटी में है। -नवदीप सिंह, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, एटीएस ट्रायंफ सेक्टर-104
यह सेक्टर-109 की सोसाइटियों एटीएस ककून और कैलेडियम में बिजली संकट की एक बेहद गंभीर स्थिति है। 2017 में ओसी मिलने के बावजूद अब तक स्थायी बिजली कनेक्शन न होने और तय लोड के मुकाबले सिर्फ 1000 किलोवाट मिलने के कारण परेशानी हो रही है। -गौरव सलूजा, एटीएस ककून, सेक्टर-109
हमारी सोसाइटी में 700 परिवार रहते हैं। 1800 किलोवाट का लोड योजनाओं में हैं लेकिन अस्थायी कनेक्शन के कारण सोसाइटी में 600 किलोवाट क्षमता की बिजली आती है। बिजली की ज्यादा मांग होने की स्थिति में हमें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। -दलबीर सिंह बेनीवाल, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, हैबिटेट सेक्टर-99ए
मुख्यमंत्री की ग्रीवेंश कमेटी में अप्रैल मई तक हमारा 33 केवी सबस्टेशन चालू करने वादा बिजली निगम ने किया था। बिल्डर की बैंक गारंटी ले चुके हैं। सोसाइटी के पास तक 33 केवी लाइन आ चुकी है लेकिन जीएमडीए और मानेसर नगर निगम की जमीन पर कार्य की अनुमति नहीं ली गई। -अभिनीत झा, कोषाध्यक्ष पीवोटल दीवान सोसाइटी
नई सोसाइटियों में जहां बिल्डरों ने 33 केवी सबस्टेशन नहीं बनाए उन्हें नोटिस दिया गया है। पुरानी सोसाइटियों के लिए ऐसा सिस्टम नहीं था। बिजली निगम निवासियों की समस्याओं के समाधान में सहयोग करेगा। -श्यामबीर सैनी, एसई, बिजली निगम