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Gurugram News: मलबे के निस्तारण की जंग में प्रशासन फेल
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बसई स्थित सी एंड डी प्लांट में 1200 टन हो रहा मलबे का निस्तारण। संवाद
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क्षमता से अधिक निकल रहा मलबा, प्रोसेस हो रहा सिर्फ 1200 टन
नंबर गेम - 07 लाख टन मलबा शहर में जमा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर में निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के निस्तारण की जंग में प्रशासन अपंग साबित हो रहा है। शहर में मलबे के निस्तारण के लिए बसई स्थित सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) प्लांट स्थापित किया हुआ है लेकिन यह क्षमता के मुकाबले कम पड़ रहा है। वर्तमान में प्लांट में रोजाना लगभग 1200 टन मलबा ही प्रोसेस किया जा रहा है, जबकि शहर से प्रतिदिन करीब तीन हजार टन मलबा निकल रहा है। ऐसे में बड़ी मात्रा में मलबा बिना निस्तारण हुए इकट्ठा हो रहा है, जिससे पर्यावरण और स्वच्छता व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।
शहर में करीब सात लाख टन मलबा जमा हो चुका है, जो गंभीर समस्या बनता जा रहा है। इसके समाधान के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने 16 सीएंडडी कलेक्शन केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है, जिससे मलबा एकत्र कर बसई प्लांट भेजा जा सके। फिलहाल जगह-जगह फैले मलबे और उड़ती धूल के कारण हवा की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। बीते दो दिन पहले खराब हवा के कारण ग्रैप-1 लागू किया गया है, जिससे प्रदूषण नियंत्रण के उपाय सख्त किए गए हैं।
सीएक्यूएम ने गाइडलाइंस में किया बदलाव
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 2025 में अपनी गाइडलाइंस में बड़ा बदलाव किया है। नई गाइडलाइंस में निर्माण गतिविधियों, मलबा प्रबंधन और धूल नियंत्रण को लेकर सख्त नियम लागू किए गए हैं। नियमों के अनुसार अब निर्माण स्थलों पर डस्ट कंट्रोल उपाय अनिवार्य होंगे और सीएंडडी वेस्ट के निस्तारण में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खुले में मलबा फेंकने पर पांच से 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है।
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इस नंबर पर संपर्क कर उठवाएं कूड़ा
मलबा उठवाने के लिए नागरिक 9015339966 पर सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक कॉल कर सकते हैं। शिकायत मिलने के 48 घंटे के भीतर संबंधित स्थान से मलबा उठाया जाएगा और उसे बसई निस्तारण प्लांट भेजा जाएगा। छटा हुआ मलबा 360 रुपये प्रति मीट्रिक टन और खराब मलबा 720 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से उठाया जाता है। नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि मलबा निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही निस्तारण के लिए दें।
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शहर में मलबा निस्तारण के लिए 16 स्थानों पर कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे, जहां चिन्हित जगहों पर ही मलबा डाला जाएगा। इसके बाद इसे बसई प्लांट भेजकर निस्तारण किया जाएगा, जिससे शहर में अव्यवस्था और प्रदूषण कम हो सकेगा। -रविंद्र यादव, नगर निगम गुरुग्राम, अतिरिक्त आयुक्त
नंबर गेम - 07 लाख टन मलबा शहर में जमा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर में निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के निस्तारण की जंग में प्रशासन अपंग साबित हो रहा है। शहर में मलबे के निस्तारण के लिए बसई स्थित सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) प्लांट स्थापित किया हुआ है लेकिन यह क्षमता के मुकाबले कम पड़ रहा है। वर्तमान में प्लांट में रोजाना लगभग 1200 टन मलबा ही प्रोसेस किया जा रहा है, जबकि शहर से प्रतिदिन करीब तीन हजार टन मलबा निकल रहा है। ऐसे में बड़ी मात्रा में मलबा बिना निस्तारण हुए इकट्ठा हो रहा है, जिससे पर्यावरण और स्वच्छता व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।
शहर में करीब सात लाख टन मलबा जमा हो चुका है, जो गंभीर समस्या बनता जा रहा है। इसके समाधान के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने 16 सीएंडडी कलेक्शन केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है, जिससे मलबा एकत्र कर बसई प्लांट भेजा जा सके। फिलहाल जगह-जगह फैले मलबे और उड़ती धूल के कारण हवा की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। बीते दो दिन पहले खराब हवा के कारण ग्रैप-1 लागू किया गया है, जिससे प्रदूषण नियंत्रण के उपाय सख्त किए गए हैं।
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सीएक्यूएम ने गाइडलाइंस में किया बदलाव
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 2025 में अपनी गाइडलाइंस में बड़ा बदलाव किया है। नई गाइडलाइंस में निर्माण गतिविधियों, मलबा प्रबंधन और धूल नियंत्रण को लेकर सख्त नियम लागू किए गए हैं। नियमों के अनुसार अब निर्माण स्थलों पर डस्ट कंट्रोल उपाय अनिवार्य होंगे और सीएंडडी वेस्ट के निस्तारण में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खुले में मलबा फेंकने पर पांच से 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है।
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इस नंबर पर संपर्क कर उठवाएं कूड़ा
मलबा उठवाने के लिए नागरिक 9015339966 पर सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक कॉल कर सकते हैं। शिकायत मिलने के 48 घंटे के भीतर संबंधित स्थान से मलबा उठाया जाएगा और उसे बसई निस्तारण प्लांट भेजा जाएगा। छटा हुआ मलबा 360 रुपये प्रति मीट्रिक टन और खराब मलबा 720 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से उठाया जाता है। नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि मलबा निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही निस्तारण के लिए दें।
शहर में मलबा निस्तारण के लिए 16 स्थानों पर कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे, जहां चिन्हित जगहों पर ही मलबा डाला जाएगा। इसके बाद इसे बसई प्लांट भेजकर निस्तारण किया जाएगा, जिससे शहर में अव्यवस्था और प्रदूषण कम हो सकेगा। -रविंद्र यादव, नगर निगम गुरुग्राम, अतिरिक्त आयुक्त