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Gurugram News: समसपुर गांव में बत्ती गुल...वादे चमके, लाइटें नहीं
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स्ट्रीट लाइट व्यवस्था बदहाल, वार्ड नंबर 14 के पार्कों और गलियों में छाया रहता है अंधेरा
नंबर गेम- 03 हाई मास्क लाइटें लंबे समय से खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। नगर निगम द्वारा विकास कार्यों और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर किए जा रहे वादे और दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मामला वार्ड नंबर 14 के समसपुर गांव का है जहां नगर निगम पर लाइटें लगाने और उनके रखरखाव में भेदभाव बरतने का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण पूरा गांव रात के समय अंधेरे के साए में जीने को मजबूर है।
समसपुर गांव के स्थानीय निवासी योगेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में लगी स्ट्रीट लाइटें बेहद पुरानी हो चुकी हैं। पुरानी तकनीक और जर्जर हालत के कारण ये लाइटें आए दिन खराब हो जाती हैं। वहीं, प्रशासन ने गांव में कुछ जगह नए पोल खड़े कर दिए हैं लेकिन उन पर लाइटें लगाना ही भूल गया। इसके साथ ही गांव की मुख्य चौपालों और रास्तों पर लगाई गई 3 हाई मास्क लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। मरम्मत न होने के कारण ये लाखों रुपये की लाइटें अब महज शोपीस बनकर रह गई हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित जूनियर इंजीनियर को लिखित और मौखिक शिकायतें दी गईं। नई लाइटें लगाने के लिए भी बार-बार गुहार लगाई गई लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
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लोग बोले - समाधान के नाम पर मिलता है आश्वासन
शाम ढलते ही पूरे गांव की गलियों में सन्नाटा पसर जाता है। अंधेरे के कारण महिलाओं और बेटियों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। -सचिन कुमार, स्थानीय निवासी
पार्क नंबर 3 और 4 में इतना अंधेरा रहता है कि पैर फिसलने या किसी लावारिस पशु से टकराने का डर बना रहता है। -दीपक कुमार, स्थानीय निवासी
चौपाल के पास इतना अंधेरा रहता है कि रात के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। - योगेंद्र सिंह, स्थानीय निवासी
यह सीधे तौर पर हमारे वार्ड के साथ भेदभाव है। जब भी हम जेई साहब से बात करने की कोशिश करते हैं तो सिर्फ आश्वासन मिलता है काम नहीं। - सुरेंद्र सिंह
नंबर गेम- 03 हाई मास्क लाइटें लंबे समय से खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। नगर निगम द्वारा विकास कार्यों और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर किए जा रहे वादे और दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मामला वार्ड नंबर 14 के समसपुर गांव का है जहां नगर निगम पर लाइटें लगाने और उनके रखरखाव में भेदभाव बरतने का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण पूरा गांव रात के समय अंधेरे के साए में जीने को मजबूर है।
समसपुर गांव के स्थानीय निवासी योगेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में लगी स्ट्रीट लाइटें बेहद पुरानी हो चुकी हैं। पुरानी तकनीक और जर्जर हालत के कारण ये लाइटें आए दिन खराब हो जाती हैं। वहीं, प्रशासन ने गांव में कुछ जगह नए पोल खड़े कर दिए हैं लेकिन उन पर लाइटें लगाना ही भूल गया। इसके साथ ही गांव की मुख्य चौपालों और रास्तों पर लगाई गई 3 हाई मास्क लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। मरम्मत न होने के कारण ये लाखों रुपये की लाइटें अब महज शोपीस बनकर रह गई हैं।
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ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित जूनियर इंजीनियर को लिखित और मौखिक शिकायतें दी गईं। नई लाइटें लगाने के लिए भी बार-बार गुहार लगाई गई लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
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लोग बोले - समाधान के नाम पर मिलता है आश्वासन
शाम ढलते ही पूरे गांव की गलियों में सन्नाटा पसर जाता है। अंधेरे के कारण महिलाओं और बेटियों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। -सचिन कुमार, स्थानीय निवासी
पार्क नंबर 3 और 4 में इतना अंधेरा रहता है कि पैर फिसलने या किसी लावारिस पशु से टकराने का डर बना रहता है। -दीपक कुमार, स्थानीय निवासी
चौपाल के पास इतना अंधेरा रहता है कि रात के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। - योगेंद्र सिंह, स्थानीय निवासी
यह सीधे तौर पर हमारे वार्ड के साथ भेदभाव है। जब भी हम जेई साहब से बात करने की कोशिश करते हैं तो सिर्फ आश्वासन मिलता है काम नहीं। - सुरेंद्र सिंह