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Gurugram News: कला को अर्पित की सुरों की साधना
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स्वरांजलि... मिलेनियम सिटी में आयोजन, ॐ नमः शिवाय और सुनो सुनो सांवरे की बंसी बजी जैसी प्रस्तुतियों ने मोहा मन
-फाेटो
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर में पं. भीमसेन जोशी संगीत अकादमी द्वारा स्वर कला संगम के सहयोग से आयोजित स्वरांजलि कार्यक्रम में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत और कथक नृत्य की समृद्ध परंपरा देखने को मिली। 19 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रम में कथक कलाकारों ने शिव वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद छोटे बच्चों ने ॐ नमः शिवाय और सुनो सुनो सांवरे की बंसी बजी पर प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं 7 से 10 वर्ष के विद्यार्थियों ने कवित्त परन, तीनताल मध्यलय और त्रिवट जैसी परिपक्व रचनाएं प्रस्तुत कीं।
इसके साथ ही राग देस, बिहाग, केदार, खमाज, बागेश्री जैसे रागों की प्रस्तुति ने शास्त्रीय संगीत की गहराई को दर्शाया। 15 साल के चैतन्य शर्मा की एकल प्रस्तुति निर्मोहीया हरजइया कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बनीं। इस मौके पर अकादमी की संस्थापक मुक्ता मोनिश मेहता, निदेशक मोनिश मेहता, अमजद अली खान, डॉ. असीम आर. श्रीवास्तव और फरीद खान मौजूद रहे।
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-फाेटो
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर में पं. भीमसेन जोशी संगीत अकादमी द्वारा स्वर कला संगम के सहयोग से आयोजित स्वरांजलि कार्यक्रम में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत और कथक नृत्य की समृद्ध परंपरा देखने को मिली। 19 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रम में कथक कलाकारों ने शिव वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद छोटे बच्चों ने ॐ नमः शिवाय और सुनो सुनो सांवरे की बंसी बजी पर प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं 7 से 10 वर्ष के विद्यार्थियों ने कवित्त परन, तीनताल मध्यलय और त्रिवट जैसी परिपक्व रचनाएं प्रस्तुत कीं।
इसके साथ ही राग देस, बिहाग, केदार, खमाज, बागेश्री जैसे रागों की प्रस्तुति ने शास्त्रीय संगीत की गहराई को दर्शाया। 15 साल के चैतन्य शर्मा की एकल प्रस्तुति निर्मोहीया हरजइया कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बनीं। इस मौके पर अकादमी की संस्थापक मुक्ता मोनिश मेहता, निदेशक मोनिश मेहता, अमजद अली खान, डॉ. असीम आर. श्रीवास्तव और फरीद खान मौजूद रहे।
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