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Gurugram News: आशियाने के लिए जीवनभर की पूंजी लुटाई मगर खत्म नहीं हो रहा इंतजार
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सड़कों पर प्रदर्शन के लिए विवश हैं लोग, निवशकों के करोड़ों रुपये डूबे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर में खासतौर पर द्वारका एक्सप्रेसवे पर आशियाने का सपना देखने वाले हजारों लोग अपने जीवनभर की कमाई लुटा कर सड़क पर धरना प्रदर्शन के लिए विवश हैं। उनके पैसे से शुरू हुआ प्रोजेक्ट खंडहर बन रहा है।
बिल्डरों के विवाद ने उनका सपना तोड़कर रख दिया है। द्वारका एक्सप्रेसवे पर ऐसे खंडहर लोगों के सपनों को मुंह चिढ़ाते नजर आ रहे हैं। हरेरा, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और न्यायालयों में भी मामले उलझे हुए हैं। कई रियल एस्टेट पर निवेश करने वालों के करोड़ों रुपये इन प्रोजेक्ट में फंसे हैं जो किसी विकास के मद में आगे खर्च हो सकते थे। करोड़ों की लागत से तैयार ये बिल्डिंगें खंडहर में बदल चुकी हैं। बिल्डर प्रोजेक्ट छोड़कर भाग गए हैं। अधूरे प्रोजेक्ट असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गए हैं। निवेशकों का कहना है कि वे बैंकों को लोन की किस्तें भर रहे हैं और दूसरी तरफ सालों से किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। उनकी जमा-पूंजी इन खंडहरों में दफन हो चुकी है। निवेशकों ने सरकार, हरेरा और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से गुहार लगाई है कि इन बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनके जीवन भर की कमाई को डूबने से बचाया जाए।
कुछ अधूरे प्रोजेक्ट
- सेक्टर 103 में 11.5 एकड़ में ए एन बिल्डर्स स्पाइन वुड सोसाइटी में 520 फ्लैट बनने थे। वर्ष 2011 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को 2014 में पूरा होना था। आज यह प्रोजेक्ट बंद और खंडहर है।
- सीएचडी 106 गोल्फ एवेन्यू में 12 एकड़ में 649 फ्लैट बनने थे। सितंबर 2012 में यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ था, प्रोजेक्ट 2021 में पूरा होना था। प्रोजेक्ट का काम 2017 से बंद है।
- सेक्टर 103 में 15.74 सिद्धार्थ एस्टेला सोसाइटी में 850 फ्लैट अप्रैल 2012 में शुरू हुए 2019 की डेडलाइन बीत जाने के बावजूद यह अधूरा है। प्रोजेक्ट के पास एनओसी नहीं है।इसका आधा हिस्सा खंडहर में बदल चुका है।
-5.40 एकड़ में सेक्टर 103 माहिरा होम्स 800 फ्लैट्स का प्रोजेक्ट मार्च 2019 में शुरू हुआ 2024 में पूरा होना था। प्रोजेक्ट स्थल खंडहर हो रहा है। माहिरा के सेक्टर 68 के प्रोजेक्ट 800 फ्लैट खरीदार पिछले कई साल से घर के लिए धक्के खा रहे हैं।
- सेक्टर 103 में चिंतामणि प्रोजेक्ट 2023 में शुरू हुआ। इस प्रोजेक्ट में 361 फ्लैट बनने हैं। इसे 2026 में पूरा होना है । पिछले कई महीनों से इसका निर्माण ठप है।
- सेक्टर 37 सी स्थित आशियारा सोसाइटी के 992 खरीदार हर रविवार प्रदर्शन करने को विवश है। इस अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट को जनवरी 2023 में लोगों को दिया जाना था।
वर्जन
मैंने सिद्धार्थ एस्टेला प्रोजेक्ट में वर्ष 2012 में 85 लाख रुपये जमा किए थे। प्रोजेक्ट बंद पड़ा है। बिल्डर के ऑफिस में चक्कर लगाकर थक चुके हैं न पैसा मिला न फ्लैट। - प्रेमजीत गुलिया
द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित कई अधूरे प्रोजेक्ट असामाजिक तत्वों का अड्डा बने हुए हैं। सेक्टर 103 माहिरा जैसे प्रोजेक्ट में तो निर्माण के लिए किए गड्ढे हादसे को दावत देते नजर आता रहे हैं। - बृज किशोर
मैंने 2008 में सीएचडी 106 के लिए 45 लाख रुपये जमा किए थे। आज तक फ्लैट नहीं मिला। न ही बिल्डर ने पैसे लौटाए। घर के लिए दर-दर भटक रहे हैं। - ब्रह्म प्रकाश
सेक्टर 103 में ईआरए लैंडमार्क प्रोजेक्ट के लिए वर्ष 2009 में 40 लाख रुपये जमा किए थे। आज तक प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ। - दुर्बल सिंह
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गुरुग्राम। शहर में खासतौर पर द्वारका एक्सप्रेसवे पर आशियाने का सपना देखने वाले हजारों लोग अपने जीवनभर की कमाई लुटा कर सड़क पर धरना प्रदर्शन के लिए विवश हैं। उनके पैसे से शुरू हुआ प्रोजेक्ट खंडहर बन रहा है।
बिल्डरों के विवाद ने उनका सपना तोड़कर रख दिया है। द्वारका एक्सप्रेसवे पर ऐसे खंडहर लोगों के सपनों को मुंह चिढ़ाते नजर आ रहे हैं। हरेरा, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और न्यायालयों में भी मामले उलझे हुए हैं। कई रियल एस्टेट पर निवेश करने वालों के करोड़ों रुपये इन प्रोजेक्ट में फंसे हैं जो किसी विकास के मद में आगे खर्च हो सकते थे। करोड़ों की लागत से तैयार ये बिल्डिंगें खंडहर में बदल चुकी हैं। बिल्डर प्रोजेक्ट छोड़कर भाग गए हैं। अधूरे प्रोजेक्ट असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गए हैं। निवेशकों का कहना है कि वे बैंकों को लोन की किस्तें भर रहे हैं और दूसरी तरफ सालों से किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। उनकी जमा-पूंजी इन खंडहरों में दफन हो चुकी है। निवेशकों ने सरकार, हरेरा और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से गुहार लगाई है कि इन बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनके जीवन भर की कमाई को डूबने से बचाया जाए।
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कुछ अधूरे प्रोजेक्ट
- सेक्टर 103 में 11.5 एकड़ में ए एन बिल्डर्स स्पाइन वुड सोसाइटी में 520 फ्लैट बनने थे। वर्ष 2011 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को 2014 में पूरा होना था। आज यह प्रोजेक्ट बंद और खंडहर है।
- सीएचडी 106 गोल्फ एवेन्यू में 12 एकड़ में 649 फ्लैट बनने थे। सितंबर 2012 में यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ था, प्रोजेक्ट 2021 में पूरा होना था। प्रोजेक्ट का काम 2017 से बंद है।
- सेक्टर 103 में 15.74 सिद्धार्थ एस्टेला सोसाइटी में 850 फ्लैट अप्रैल 2012 में शुरू हुए 2019 की डेडलाइन बीत जाने के बावजूद यह अधूरा है। प्रोजेक्ट के पास एनओसी नहीं है।इसका आधा हिस्सा खंडहर में बदल चुका है।
-5.40 एकड़ में सेक्टर 103 माहिरा होम्स 800 फ्लैट्स का प्रोजेक्ट मार्च 2019 में शुरू हुआ 2024 में पूरा होना था। प्रोजेक्ट स्थल खंडहर हो रहा है। माहिरा के सेक्टर 68 के प्रोजेक्ट 800 फ्लैट खरीदार पिछले कई साल से घर के लिए धक्के खा रहे हैं।
- सेक्टर 103 में चिंतामणि प्रोजेक्ट 2023 में शुरू हुआ। इस प्रोजेक्ट में 361 फ्लैट बनने हैं। इसे 2026 में पूरा होना है । पिछले कई महीनों से इसका निर्माण ठप है।
- सेक्टर 37 सी स्थित आशियारा सोसाइटी के 992 खरीदार हर रविवार प्रदर्शन करने को विवश है। इस अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट को जनवरी 2023 में लोगों को दिया जाना था।
वर्जन
मैंने सिद्धार्थ एस्टेला प्रोजेक्ट में वर्ष 2012 में 85 लाख रुपये जमा किए थे। प्रोजेक्ट बंद पड़ा है। बिल्डर के ऑफिस में चक्कर लगाकर थक चुके हैं न पैसा मिला न फ्लैट। - प्रेमजीत गुलिया
द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित कई अधूरे प्रोजेक्ट असामाजिक तत्वों का अड्डा बने हुए हैं। सेक्टर 103 माहिरा जैसे प्रोजेक्ट में तो निर्माण के लिए किए गड्ढे हादसे को दावत देते नजर आता रहे हैं। - बृज किशोर
मैंने 2008 में सीएचडी 106 के लिए 45 लाख रुपये जमा किए थे। आज तक फ्लैट नहीं मिला। न ही बिल्डर ने पैसे लौटाए। घर के लिए दर-दर भटक रहे हैं। - ब्रह्म प्रकाश
सेक्टर 103 में ईआरए लैंडमार्क प्रोजेक्ट के लिए वर्ष 2009 में 40 लाख रुपये जमा किए थे। आज तक प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ। - दुर्बल सिंह