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Gurugram News: वाटिका कंपनी ब्याज समेत वापस करेगी 40.06 लाख रुपये
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वाटिका कंपनी के फरीदाबाद के एक प्रोजेक्ट पर युवक ने किया था निवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। वाटिका कंपनी की तरफ से कमर्शियल स्पेस का तीन साल तक एश्योर्ड रिटर्न न देने पर स्पेस खरीदार को 40.06 लाख रुपये ब्याज समेत वापस करने होंगे। कंपनी की तरफ से आठ महीने तक एश्योर्ड रिटर्न दिया भी गया था लेकिन बाद में बंद कर दिया गया।
यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है। कोलकाता निवासी निर्भोय सिंह और रेखा ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि उन्होंने वाटिका कंपनी की फरीदाबाद वाटिका माइंडसेप्स में 500 वर्ग फिट की जगह ली थी। इसके लिए उन्होंने कंपनी को 40.06 लाख रुपये दिए थे। कंपनी के साथ हुए उनके करार में आश्वासन दिया गया था कि परियोजना का कार्य पूरा होने के तीन साल तक उन्हें 65 रुपये प्रति वर्ग फिट का एश्योर्ड रिटर्न दिया जाएगा। अगर तीन साल में उनकी जगह अगर किराए पर चली जाती है तो एश्योर्ड रिटर्न नहीं दिया जाएगा।
उनका कहना है कि मार्च से दिसंबर 2018 तक उन्हें एश्योर्ड रिटर्न दिया गया था लेकिन इसके बाद कंपनी की तरफ से बंद कर दिया गया। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कंपनी को आदेश दिया है कि वह नौ प्रतिशत की दर से 40.06 लाख रुपये शिकायतकर्ता को वापस करें। इस दौरान उन्हें होने वाली मानसिक परेशानी पर दो लाख रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च होने पर 55 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।
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गुरुग्राम। वाटिका कंपनी की तरफ से कमर्शियल स्पेस का तीन साल तक एश्योर्ड रिटर्न न देने पर स्पेस खरीदार को 40.06 लाख रुपये ब्याज समेत वापस करने होंगे। कंपनी की तरफ से आठ महीने तक एश्योर्ड रिटर्न दिया भी गया था लेकिन बाद में बंद कर दिया गया।
यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है। कोलकाता निवासी निर्भोय सिंह और रेखा ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि उन्होंने वाटिका कंपनी की फरीदाबाद वाटिका माइंडसेप्स में 500 वर्ग फिट की जगह ली थी। इसके लिए उन्होंने कंपनी को 40.06 लाख रुपये दिए थे। कंपनी के साथ हुए उनके करार में आश्वासन दिया गया था कि परियोजना का कार्य पूरा होने के तीन साल तक उन्हें 65 रुपये प्रति वर्ग फिट का एश्योर्ड रिटर्न दिया जाएगा। अगर तीन साल में उनकी जगह अगर किराए पर चली जाती है तो एश्योर्ड रिटर्न नहीं दिया जाएगा।
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उनका कहना है कि मार्च से दिसंबर 2018 तक उन्हें एश्योर्ड रिटर्न दिया गया था लेकिन इसके बाद कंपनी की तरफ से बंद कर दिया गया। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कंपनी को आदेश दिया है कि वह नौ प्रतिशत की दर से 40.06 लाख रुपये शिकायतकर्ता को वापस करें। इस दौरान उन्हें होने वाली मानसिक परेशानी पर दो लाख रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च होने पर 55 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।