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Gurugram News: परेशान महिलाएं...ऑटो न ई-रिक्शा, निजी कैब व पैदल चलना मजबूरी
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सदर्न पेरिफेरल रोड पर बसी सोसाइटियों में कनेक्टिविटी की कमी बन रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। चमक-धमक वाली ऊंची इमारतों और मिलेनियम सिटी के तमगे के बीच सदर्न पेरिफेरल रोड पर बसी सोसाइटियों की महिलाएं सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं होने से परेशान हैं। सेक्टर-70ए स्थित बीपीटीपी एस्टेयर गार्डन और पिरामिड अर्बन होम्स जैसी सोसाइटियों में रहने वाली महिलाओं और बुजुर्गों के लिए जीवन किसी दुर्गम टापू जैसा हो गया है। सार्वजनिक परिवहन के नाम पर यहां शून्य व्यवस्था है। न तो बसें चलती हैं और न ही ई-रिक्शा या ऑटो का कोई ठिकाना है। ट्यूलिप चौक जहां कभी-कभी सिटी बसें आती हैं, वह इस सोसाइटी से करीब 2 किमी दूर है। आलम यह है कि घर से बाहर निकलने के लिए महिलाओं को घंटों निजी कैब का इंतजार करना पड़ता है, जो अक्सर इस इलाके में आने से मना कर देते हैं। कनेक्टिविटी के इस अभाव ने न केवल निवासियों की आवाजाही को ठप कर दिया है, बल्कि घरेलू सहायिकाओं के न मिलने से गृहिणियों की मुश्किलें भी कई गुना बढ़ा दी हैं।
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महिलाएं बोलीं- बस स्टैंड व मेट्रो आदि के लिए चलाए जाएं वाहन
कोई भी सार्वजनिक वाहन सुविधा जैसे ऑटो, ई-रिक्शा व सिटी बसें नहीं होने की वजह से ऑनलाइन टैक्सी पर निर्भर रहना पड़ता है। कभी कैब नहीं आती है तो मुश्किलों का सामना करना पड़ता हैं। -प्रियंका श्रीवास्तव, बीपीटीपी एस्टेयर गार्डन, सेक्टर 70 ए
काफी परेशानी होती है। हमारी सोसाइटी ट्यूलिप चौक से करीब दो किमी दूर है। ऑटो, बस लेने के लिए भी इतनी दूर आना पड़ता है। निजी कैब की भी बहुत अनिश्चितता है। -स्वाति मिश्रा, एस्टेयर गार्डन
किसी भी महिला को अगर गाड़ी नहीं चलानी आती है तो उसके लिए यहां बहुत परेशानी है। प्रशासन को यहां भी सार्वजनिक परिवहन की सुविधा देनी चाहिए। -नीलू तोमर, एस्टेयर गार्डन
नए गुरुग्राम में बसना एक बहुत बड़ी चुनौती है। सेक्टर-70ए में तो कैब वाले भी आना नहीं चाहते। कहीं भी जाना काफी खर्चीला और इंतजार कराने वाला काम है। -रीतिका, पिरामिड अर्बन होम्स
इन इलाकों में मुख्य चौराहों, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन आदि जगहों के लिए बसें और ऑटो आदि चलाए जाने चाहिए। कई बार ऐसा लगता है कि हम टापू में बसे हुए हैं। -नेहा मुखी, पिरामिड अर्बन होम्स
कामकाजी महिलाओं को काफी दिक्कत आती है। वे बगैर निजी कैब के कार्यालय नहीं जा सकती हैं। सार्वजनिक परिवहन नहीं होने के कारण घरेलू सहायिकाओं को काफी दिक्कत होती है। -प्रीति, पिरामिड अर्बन होम्स
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महिलाएं बोलीं- बस स्टैंड व मेट्रो आदि के लिए चलाए जाएं वाहन
कोई भी सार्वजनिक वाहन सुविधा जैसे ऑटो, ई-रिक्शा व सिटी बसें नहीं होने की वजह से ऑनलाइन टैक्सी पर निर्भर रहना पड़ता है। कभी कैब नहीं आती है तो मुश्किलों का सामना करना पड़ता हैं। -प्रियंका श्रीवास्तव, बीपीटीपी एस्टेयर गार्डन, सेक्टर 70 ए
काफी परेशानी होती है। हमारी सोसाइटी ट्यूलिप चौक से करीब दो किमी दूर है। ऑटो, बस लेने के लिए भी इतनी दूर आना पड़ता है। निजी कैब की भी बहुत अनिश्चितता है। -स्वाति मिश्रा, एस्टेयर गार्डन
किसी भी महिला को अगर गाड़ी नहीं चलानी आती है तो उसके लिए यहां बहुत परेशानी है। प्रशासन को यहां भी सार्वजनिक परिवहन की सुविधा देनी चाहिए। -नीलू तोमर, एस्टेयर गार्डन
नए गुरुग्राम में बसना एक बहुत बड़ी चुनौती है। सेक्टर-70ए में तो कैब वाले भी आना नहीं चाहते। कहीं भी जाना काफी खर्चीला और इंतजार कराने वाला काम है। -रीतिका, पिरामिड अर्बन होम्स
इन इलाकों में मुख्य चौराहों, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन आदि जगहों के लिए बसें और ऑटो आदि चलाए जाने चाहिए। कई बार ऐसा लगता है कि हम टापू में बसे हुए हैं। -नेहा मुखी, पिरामिड अर्बन होम्स
कामकाजी महिलाओं को काफी दिक्कत आती है। वे बगैर निजी कैब के कार्यालय नहीं जा सकती हैं। सार्वजनिक परिवहन नहीं होने के कारण घरेलू सहायिकाओं को काफी दिक्कत होती है। -प्रीति, पिरामिड अर्बन होम्स

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