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Gurugram News: आरडी सिटी पार्क में खुले गड्ढे में गिरे दो मासूम, मजदूरों ने बचाई जान
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नगर निगम की लापरवाही, वर्षा जल संचयन के लिए खुदे 12.5 फीट के गड्ढे में भरा था बारिश का पानी
हादसे के बाद नगर निगम ने आनन-फानन में मिट्टी डालकर काम रोका
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सेक्टर-52 स्थित आरडी सिटी के एक स्थानीय पार्क में नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मंगलवार शाम वर्षा जल संचयन के लिए खोदे गए एक गहरे गड्ढे में दो बच्चे गिर गए। यह गड्ढा करीब 12.5 फीट गहरा था और हालिया बारिश के पानी से लबालब भरा हुआ था।
पार्क में खेलते समय करीब 12 वर्ष का एक बच्चा अचानक इस गड्ढे में जा गिरा। उसे डूबता देख उसका दोस्त भी बचाने के चक्कर में गड्ढे में कूद गया। दोनों बच्चों की चीख-पुकार सुनकर पास के निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे मजदूर दौड़कर मौके पर पहुंचे। मजदूरों ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस त्वरित बचाव कार्य से एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना नगर निगम की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। हादसे के बाद नगर निगम ने आनन-फानन में कार्रवाई की। वर्षा जल संचयन पिट के खुले गड्ढे में तुरंत मिट्टी डालकर काम रोक दिया गया। यह गड्ढा वर्षा जल संचयन के उद्देश्य से बनाया जा रहा था। खुला और पानी से भरा यह गड्ढा बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता था। नगर निगम की इस चूक से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
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बच्चों की चिल्लाने की आवाज सुनकर भागा और बच्चों को निकालने के लिए जल्दी से कपड़े निकाले और गढ्डे में कूद गया। दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। दोनों बच्चें डरे हुए थे। - आकाश
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बच्चों की चीख सुनकर तुरंत गड्ढे की तरफ भागा। वहां दोनों बच्चे पानी में छटपटा रहे थे। मुझे तैरना नहीं आता था, इसलिए मैं सीधे पानी में नहीं कूद सका और मदद के लिए चिल्लाने लगा। इसी बीच वहां पहुंचे मजदूर आकाश ने बिना वक्त गंवाए बहादुरी दिखाई और गड्ढे में उतरकर दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। - लाल बहादुर
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण यह हादसा हुआ। पार्क जैसी जगह पर जहां बच्चे खेलते हैं, वहां इतना गहरा गड्ढा बिना घेराबंदी या चेतावनी बोर्ड के छोड़ दिया गया। निगम कर्मचारियों ने बुहस्पतिवार को बांस लगाकर औपचारिक घेराबंदी की और गड्ढे को मिट्टी डालकर भर दिया। वहीं अभी तक भी वर्षा जल संचयन के काम को पूरा नहीं किया गया है। - महेश कुमार
आरडब्ल्यूए द्वारा कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से इस कार्य को सही समय पर और सुरक्षा मानकों के साथ पूरा करने के लिए कहा गया। इसके बावजूद प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते यह हादसा हुआ। - राजकुमार, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, आरडी सिटी, गेट-2
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हादसे के बाद नगर निगम ने आनन-फानन में मिट्टी डालकर काम रोका
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सेक्टर-52 स्थित आरडी सिटी के एक स्थानीय पार्क में नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मंगलवार शाम वर्षा जल संचयन के लिए खोदे गए एक गहरे गड्ढे में दो बच्चे गिर गए। यह गड्ढा करीब 12.5 फीट गहरा था और हालिया बारिश के पानी से लबालब भरा हुआ था।
पार्क में खेलते समय करीब 12 वर्ष का एक बच्चा अचानक इस गड्ढे में जा गिरा। उसे डूबता देख उसका दोस्त भी बचाने के चक्कर में गड्ढे में कूद गया। दोनों बच्चों की चीख-पुकार सुनकर पास के निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे मजदूर दौड़कर मौके पर पहुंचे। मजदूरों ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस त्वरित बचाव कार्य से एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना नगर निगम की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। हादसे के बाद नगर निगम ने आनन-फानन में कार्रवाई की। वर्षा जल संचयन पिट के खुले गड्ढे में तुरंत मिट्टी डालकर काम रोक दिया गया। यह गड्ढा वर्षा जल संचयन के उद्देश्य से बनाया जा रहा था। खुला और पानी से भरा यह गड्ढा बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता था। नगर निगम की इस चूक से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
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बच्चों की चिल्लाने की आवाज सुनकर भागा और बच्चों को निकालने के लिए जल्दी से कपड़े निकाले और गढ्डे में कूद गया। दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। दोनों बच्चें डरे हुए थे। - आकाश
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बच्चों की चीख सुनकर तुरंत गड्ढे की तरफ भागा। वहां दोनों बच्चे पानी में छटपटा रहे थे। मुझे तैरना नहीं आता था, इसलिए मैं सीधे पानी में नहीं कूद सका और मदद के लिए चिल्लाने लगा। इसी बीच वहां पहुंचे मजदूर आकाश ने बिना वक्त गंवाए बहादुरी दिखाई और गड्ढे में उतरकर दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। - लाल बहादुर
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण यह हादसा हुआ। पार्क जैसी जगह पर जहां बच्चे खेलते हैं, वहां इतना गहरा गड्ढा बिना घेराबंदी या चेतावनी बोर्ड के छोड़ दिया गया। निगम कर्मचारियों ने बुहस्पतिवार को बांस लगाकर औपचारिक घेराबंदी की और गड्ढे को मिट्टी डालकर भर दिया। वहीं अभी तक भी वर्षा जल संचयन के काम को पूरा नहीं किया गया है। - महेश कुमार
आरडब्ल्यूए द्वारा कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से इस कार्य को सही समय पर और सुरक्षा मानकों के साथ पूरा करने के लिए कहा गया। इसके बावजूद प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते यह हादसा हुआ। - राजकुमार, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, आरडी सिटी, गेट-2