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Gurugram News: प्रतियोगिता के आधार पर हर माह होगा वार्डों का मूल्यांकन
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बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों को किया जाएगा सम्मानित
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर को स्वच्छ बनाने और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से नगर निगम गुरुग्राम की ओर से मासिक स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत सभी वार्डों का हर महीने निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों को सम्मानित किया जाएगा।
इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य शहर में स्वच्छता को एक नियमित प्रक्रिया बनाना और केवल एक बार चलाए जाने वाले अभियानों से आगे बढ़कर स्थायी स्वच्छता सुनिश्चित करना है। प्रतियोगिता के लिए नगर निगम की ओर से एक समिति का गठन किया गया है, जो विभिन्न स्वच्छता मानकों के आधार पर वार्डों का आंतरिक मूल्यांकन करेगी। समिति में अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि स्वच्छ भारत मिशन के कार्यकारी अभियंता, जनसंपर्क अधिकारी, कंसल्टेंट, आईईसी विशेषज्ञ और प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
100 अंकों के आधार पर होगा मूल्यांकन
वार्डों का मूल्यांकन कुल 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए कई प्रमुख मानक तय किए गए हैं। इनमें नियमित सफाई, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरा संवेदनशील स्थानों की सफाई और सौंदर्यीकरण, संकरी गलियों की सफाई तथा सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता शामिल हैं। प्रतियोगिता के तहत आवासीय क्षेत्रों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई, संकरी गलियों और बैक लेन की साफ-सफाई, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था समेत अन्य पहलुओं पर अंक दिए जाएंगे।
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गुरुग्राम को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगर निगम लगातार प्रयास कर रहा है। मासिक स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता से वार्डों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। पार्षदों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों की भागीदारी भी बढ़ेगी। - राजरानी मल्होत्रा, मेयर नगर निगम
इस प्रतियोगिता के माध्यम से वार्डों में स्वच्छता के विभिन्न मानकों पर नियमित निगरानी की जाएगी और तय मापदंडों के आधार पर अंक दिए जाएंगे। सफाई व्यवस्था में निरंतर सुधार होगा, कचरा प्रबंधन, डोर-टू-डोर कलेक्शन तथा स्रोत पर कचरा पृथक्करण जैसे कार्यों को और मजबूती मिलेगी। - प्रदीप दहिया, निगमायुक्त
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गुरुग्राम। शहर को स्वच्छ बनाने और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से नगर निगम गुरुग्राम की ओर से मासिक स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत सभी वार्डों का हर महीने निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों को सम्मानित किया जाएगा।
इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य शहर में स्वच्छता को एक नियमित प्रक्रिया बनाना और केवल एक बार चलाए जाने वाले अभियानों से आगे बढ़कर स्थायी स्वच्छता सुनिश्चित करना है। प्रतियोगिता के लिए नगर निगम की ओर से एक समिति का गठन किया गया है, जो विभिन्न स्वच्छता मानकों के आधार पर वार्डों का आंतरिक मूल्यांकन करेगी। समिति में अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि स्वच्छ भारत मिशन के कार्यकारी अभियंता, जनसंपर्क अधिकारी, कंसल्टेंट, आईईसी विशेषज्ञ और प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
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100 अंकों के आधार पर होगा मूल्यांकन
वार्डों का मूल्यांकन कुल 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए कई प्रमुख मानक तय किए गए हैं। इनमें नियमित सफाई, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरा संवेदनशील स्थानों की सफाई और सौंदर्यीकरण, संकरी गलियों की सफाई तथा सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता शामिल हैं। प्रतियोगिता के तहत आवासीय क्षेत्रों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई, संकरी गलियों और बैक लेन की साफ-सफाई, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था समेत अन्य पहलुओं पर अंक दिए जाएंगे।
गुरुग्राम को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगर निगम लगातार प्रयास कर रहा है। मासिक स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता से वार्डों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। पार्षदों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों की भागीदारी भी बढ़ेगी। - राजरानी मल्होत्रा, मेयर नगर निगम
इस प्रतियोगिता के माध्यम से वार्डों में स्वच्छता के विभिन्न मानकों पर नियमित निगरानी की जाएगी और तय मापदंडों के आधार पर अंक दिए जाएंगे। सफाई व्यवस्था में निरंतर सुधार होगा, कचरा प्रबंधन, डोर-टू-डोर कलेक्शन तथा स्रोत पर कचरा पृथक्करण जैसे कार्यों को और मजबूती मिलेगी। - प्रदीप दहिया, निगमायुक्त