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2019 में 90 से घटकर सात रह गए जलभराव के हॉटस्पॉट : सीईओ

Sat, 25 Jul 2026 01:05 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 01:05 AM IST
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Waterlogging hotspots dropped from 90 to seven in 2019: CEO
13 किमी नया स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क तैयार, 70 किमी से अधिक मास्टर ड्रेन की सफाई
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आईआईटी दिल्ली के साथ बनेंगे ग्रीन वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने दावा किया है कि शहर में पिछले कुछ वर्षों में किए गए ड्रेनेज सुधार कार्यों का असर इस मानसून में दिखाई दे रहा है। वर्ष 2019 में जहां शहर में करीब 90 जलभराव वाले हॉटस्पॉट थे, वहीं अब इनकी संख्या घटकर केवल सात रह गई है। इन सात स्थानों पर भी जलभराव की समस्या को समाप्त करने के लिए कार्य जारी है।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने बताया कि स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क के विस्तार, मास्टर ड्रेनों की सफाई, पंपिंग व्यवस्था और रियल टाइम मॉनिटरिंग के कारण शहर की बाढ़ प्रबंधन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्तमान में नरसिंहपुर, खांडसा चौक, ज्वाला मिल रोड, सेक्टर-28 चक्करपुर, लक्ष्मण विहार, शीतला माता रोड और कृष्णा चौक ऐसे सात स्थान हैं, जहां जलभराव की चुनौती बनी हुई है।
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सीईओ ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में 13 किलोमीटर से अधिक नया स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। इसमें वाटिका चौक से एनएच-48 तक सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) के साथ मास्टर कैरियर ड्रेन लेग-4, नरसिंहपुर में लेग-3 बादशाहपुर ड्रेन से जुड़ा 700 मीटर लंबा स्टॉर्म वाटर ड्रेन और ताऊ देवी लाल स्टेडियम के पास विकसित ड्रेनेज सिस्टम प्रमुख हैं। इससे एसपीआर, मेदांता रोड, नरसिंहपुर और राजीव चौक जैसे क्षेत्रों में जलभराव में कमी आई है।
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आईआईटी की मदद से रेन वाटर हार्वेस्टिंग
जीएमडीए अब प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित समाधान (नेचर बेस्ड सॉल्यूशन) भी अपना रहा है। इसके तहत आईआईटी दिल्ली के तकनीकी सहयोग से सेक्टर-31, सेक्टर-39 और एआईटी चौक के पास ग्रीन बेल्ट में ग्रीन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर विकसित किए जा रहे हैं।


70 किमी से अधिक मास्टर ड्रेन की हुई सफाई
सीईओ ने बताया कि 70.56 किलोमीटर से अधिक मास्टर ड्रेन नेटवर्क की सफाई और गाद निकासी की गई है। इसके अलावा 60 किलोमीटर से अधिक सतही नालों को भी साफ कर उनकी जल निकासी क्षमता बहाल की गई है। शहर में 1,500 से अधिक नए रोड गली इनलेट बनाए गए हैं ताकि बारिश का पानी तेजी से ड्रेनों तक पहुंच सके। करीब 45 किलोमीटर लंबी ग्रीन बेल्ट से मलबा और गाद हटाकर उसे पुनर्स्थापित किया गया है।
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