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Delhi NCR News: हरियाली तीज आज, महिलाएं शिव-पार्वती की करेंगी पूजा
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मेहंदी रचाई, हरी चूड़ियां खरीदीं, पूजा की थाली सजाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।राजधानी में सावन और सुहाग का पर्व हरियाली तीज शनिवार को श्रद्धा व उल्लास से मनाया जाएगा। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और दांपत्य सुख के लिए व्रत रखेंगी। महिलाएं हरे परिधान पहनकर, मेहंदी लगाकर और सोलह शृंगार कर शिव-पार्वती की पूजा करेंगी। कई जगह महिलाएं समूह में झूला झूलेंगी और सावन के पारंपरिक गीत गाएंगी। शुक्रवार को पर्व की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं। सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को शिव-पार्वती की पूजा का विशेष महत्व है। तीज के साथ झूले और सावन के गीतों की परंपरा जुड़ी है। तीज मिलन और सामूहिक आयोजनों के लिए भी तैयारी की गई है। हरियाली तीज पर हरे रंग के परिधान और चूड़ियां पहनने की परंपरा है।
तीज के बदलते रंग : नई पीढ़ी के लिए तीज की तैयारियां मोबाइल और सोशल मीडिया तक पहुंच गई हैं। पहले पेड़ पर झूला और सहेलियों संग गीत तीज की पहचान थे, अब इंस्टाग्राम रील, फोटोशूट और थीम आधारित आयोजन भी शामिल हैं। त्योहार का मूल स्वरूप कायम है, पर मनाने का तरीका बदल रहा है। अब शहरी इलाकों में पारंपरिक झूले कम दिखते हैं, उनकी जगह समारोहों में सजावटी झूले और फोटो कॉर्नर होते हैं। मुबारिकपुर की 80 वर्षीय रोशनी बताती हैं कि उनके समय तीज की तैयारी कई दिन पहले शुरू होती थी, घर की महिलाएं और सहेलियां मिलकर तीज मनाती थीं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।राजधानी में सावन और सुहाग का पर्व हरियाली तीज शनिवार को श्रद्धा व उल्लास से मनाया जाएगा। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और दांपत्य सुख के लिए व्रत रखेंगी। महिलाएं हरे परिधान पहनकर, मेहंदी लगाकर और सोलह शृंगार कर शिव-पार्वती की पूजा करेंगी। कई जगह महिलाएं समूह में झूला झूलेंगी और सावन के पारंपरिक गीत गाएंगी। शुक्रवार को पर्व की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं। सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को शिव-पार्वती की पूजा का विशेष महत्व है। तीज के साथ झूले और सावन के गीतों की परंपरा जुड़ी है। तीज मिलन और सामूहिक आयोजनों के लिए भी तैयारी की गई है। हरियाली तीज पर हरे रंग के परिधान और चूड़ियां पहनने की परंपरा है।
तीज के बदलते रंग : नई पीढ़ी के लिए तीज की तैयारियां मोबाइल और सोशल मीडिया तक पहुंच गई हैं। पहले पेड़ पर झूला और सहेलियों संग गीत तीज की पहचान थे, अब इंस्टाग्राम रील, फोटोशूट और थीम आधारित आयोजन भी शामिल हैं। त्योहार का मूल स्वरूप कायम है, पर मनाने का तरीका बदल रहा है। अब शहरी इलाकों में पारंपरिक झूले कम दिखते हैं, उनकी जगह समारोहों में सजावटी झूले और फोटो कॉर्नर होते हैं। मुबारिकपुर की 80 वर्षीय रोशनी बताती हैं कि उनके समय तीज की तैयारी कई दिन पहले शुरू होती थी, घर की महिलाएं और सहेलियां मिलकर तीज मनाती थीं।
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