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दिल्ली के उत्तराखंड आंदोलनकारियों की पहचान अब तक अधूरी : धीरेंद्र प्रताप
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने दिल्ली के उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर कहा कि दिल्ली के आंदोलनकारियों का उत्तराखंड राज्य निर्माण में अहम योगदान रहा, लेकिन सालों बाद भी की उनकी पहचान नहीं हो सका है। धीरेंद्र प्रताप के अनुसार, 300 से अधिक आंदोलनकारियों के आवेदन लंबे समय से देहरादून सचिवालय में लंबित पड़े हैं। यह प्रक्रिया हरीश रावत सरकार के समय से अटकी हुई है, लेकिन आज तक इसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह कई बार मुख्यमंत्री से मिलकर दिल्ली, चंडीगढ़, रोहतक, मेरठ, बहादुरगढ़, फरीदाबाद और मुंबई के आंदोलनकारियों की पहचान का मुद्दा उठा चुके हैं। इन सभी लोगों ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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नई दिल्ली।
उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने दिल्ली के उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की पहचान में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर कहा कि दिल्ली के आंदोलनकारियों का उत्तराखंड राज्य निर्माण में अहम योगदान रहा, लेकिन सालों बाद भी की उनकी पहचान नहीं हो सका है। धीरेंद्र प्रताप के अनुसार, 300 से अधिक आंदोलनकारियों के आवेदन लंबे समय से देहरादून सचिवालय में लंबित पड़े हैं। यह प्रक्रिया हरीश रावत सरकार के समय से अटकी हुई है, लेकिन आज तक इसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह कई बार मुख्यमंत्री से मिलकर दिल्ली, चंडीगढ़, रोहतक, मेरठ, बहादुरगढ़, फरीदाबाद और मुंबई के आंदोलनकारियों की पहचान का मुद्दा उठा चुके हैं। इन सभी लोगों ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।