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Delhi NCR News: गड्ढा भर दिया गया होता तो बेटा जिंदा होता
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नई दिल्ली। इमरान की मौत के बाद से उसके पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। वह सिर्फ इतना कहते हैं कि अगर गड्ढा भर दिया गया होता तो आज उनका बेटा जिंदा होता। उन्होंने बताया कि उसने अपने बेटे को स्कूल जाने के लिए तैयार किया था। लेकिन कुछ देर बाद ही उसकी मौत की सूचना मिली। एक बार तो उन्हें इसपर यकीन नहीं हुआ, लेकिन परिवार वाले घटनास्थल पर पहुंचकर शवों को देखकर इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उसे अपने बेटे के जिंदा होने की उम्मीद थी, वह भागकर अस्पताल पहुंचे कि बेटा जिंदा मिलेगा। मुझे क्या पता था कि वह कभी वापस नहीं आएगा। अरमान ने बताया कि इमरान की मां उसे छोड़कर जा चुकी है। वह उसके साथ ही रहता था। वह उनके आंखों का तारा था। वह उसकी पढ़ाई, स्कूल और रोजमर्रा की जरूरतों का ध्यान रखते थे। बेटे की मौत ने उनका सहारा छीन लिया है। उन्होंने बताया कि वह अक्सर उसे स्कूल छोड़ने और लेने जाते थे, लेकिन बृहस्पतिवार को काम होने की वजह से वह उसे स्कूल जाने के लिए तैयार कर घर से निकल गए थे। उन्होंने मांग की कि अब भी विभाग इन गड्ढों को ढंक दे, ताकि किसी और का घर का चिराग की मौत न हो सके। ब्यूरो
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उन्होंने बताया कि उसे अपने बेटे के जिंदा होने की उम्मीद थी, वह भागकर अस्पताल पहुंचे कि बेटा जिंदा मिलेगा। मुझे क्या पता था कि वह कभी वापस नहीं आएगा। अरमान ने बताया कि इमरान की मां उसे छोड़कर जा चुकी है। वह उसके साथ ही रहता था। वह उनके आंखों का तारा था। वह उसकी पढ़ाई, स्कूल और रोजमर्रा की जरूरतों का ध्यान रखते थे। बेटे की मौत ने उनका सहारा छीन लिया है। उन्होंने बताया कि वह अक्सर उसे स्कूल छोड़ने और लेने जाते थे, लेकिन बृहस्पतिवार को काम होने की वजह से वह उसे स्कूल जाने के लिए तैयार कर घर से निकल गए थे। उन्होंने मांग की कि अब भी विभाग इन गड्ढों को ढंक दे, ताकि किसी और का घर का चिराग की मौत न हो सके। ब्यूरो
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