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Delhi NCR News: जामिया के प्रोफेसर को मिला 8.05 करोड़ का शोध अनुदान
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कैंसर से जुड़ी यह शोध भारतीय विज्ञान संस्थान के सहयोग से की जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रो. मो. इम्तियाज़ हसन को भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) से 8.05 करोड़ रुपये का प्रतिष्ठित शोध अनुदान मिला है। यह परियोजना भारतीय मरीजों में सिर और गर्दन से जुड़ी गंभीर स्थिति कैंसर कैकेक्सिया की प्रक्रियाओं को समझने में अभूतपूर्व सहयोगी परियोजना का समर्थन करती है। यह शोध भारतीय विज्ञान संस्थान सहित कई प्रमुख संस्थानों के सहयोग से की जाएगी। अध्ययन में मल्टी-ओमिक्स तकनीकों जैसे ट्रांसक्रिप्टोमिक्स, मेटाबोलोमिक्स और माइक्रोबायोम विश्लेषण का उपयोग कर नए बायोमार्कर और उपचार विकल्प खोजे जाएंगे। वैज्ञानिक रोग के जैविक और मनो-सामाजिक पहलुओं को भी समझेंगे।
प्रो. हसन को यह परियोजना कैंसर जीव विज्ञान और दवा खोज के क्षेत्र में विश्व स्तरीय विशेषज्ञता के कारण प्रदान की गई है। उनके 600 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रिसिजन मेडिसिन के जरिए मरीजों के इलाज के नतीजों में सुधार लाने में मदद करेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रो. मो. इम्तियाज़ हसन को भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) से 8.05 करोड़ रुपये का प्रतिष्ठित शोध अनुदान मिला है। यह परियोजना भारतीय मरीजों में सिर और गर्दन से जुड़ी गंभीर स्थिति कैंसर कैकेक्सिया की प्रक्रियाओं को समझने में अभूतपूर्व सहयोगी परियोजना का समर्थन करती है। यह शोध भारतीय विज्ञान संस्थान सहित कई प्रमुख संस्थानों के सहयोग से की जाएगी। अध्ययन में मल्टी-ओमिक्स तकनीकों जैसे ट्रांसक्रिप्टोमिक्स, मेटाबोलोमिक्स और माइक्रोबायोम विश्लेषण का उपयोग कर नए बायोमार्कर और उपचार विकल्प खोजे जाएंगे। वैज्ञानिक रोग के जैविक और मनो-सामाजिक पहलुओं को भी समझेंगे।
प्रो. हसन को यह परियोजना कैंसर जीव विज्ञान और दवा खोज के क्षेत्र में विश्व स्तरीय विशेषज्ञता के कारण प्रदान की गई है। उनके 600 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रिसिजन मेडिसिन के जरिए मरीजों के इलाज के नतीजों में सुधार लाने में मदद करेगी।
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