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Delhi NCR News: लाखों खर्च फिर भी नूंह शहर अंधेरे में, बारिश ने बढ़ाई परेशानी
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- 1500 स्ट्रीट लाइटों में से अधिकांश खराब, दिल्ली-अलवर हाईवे और मेडिकल कॉलेज रोड पर शाम ढलते ही छा जाता है अंधेरा।
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिला मुख्यालय नूंह में लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई स्ट्रीट लाइटें शहर की रोशनी बढ़ाने के बजाय लंबे समय से शोपीस बनी हुई हैं। शहर में करीब 1500 स्ट्रीट लाइटें लगी होने के बावजूद इनमें से अधिकांश खराब पड़ी हैं। इसके चलते शहर की प्रमुख सड़कें शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाती हैं। लगातार हो रही बारिश और जगह-जगह जलभराव के बीच सड़कों पर पसरा अंधेरा लोगों के लिए परेशानी के साथ हादसों का भी बड़ा कारण बन रहा है।दिल्ली-अलवर नेशनल हाईवे और मेडिकल कॉलेज रोड पर स्थिति विशेष रूप से खराब है। इन प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। रात के समय वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानी होती है। बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी और गड्ढे अंधेरे में दिखाई नहीं देने से हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।
बारिश, जलभराव और अंधेरे ने बढ़ाया खतरा : बीते दिनों हुई बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में खराब स्ट्रीट लाइटों ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई जगह सड़क और जलभराव वाले हिस्से के बीच अंतर करना भी मुश्किल हो जाता है। वाहन चालक अनुमान के आधार पर आगे बढ़ने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय अंधेरे का फायदा असामाजिक तत्व भी उठा सकते हैं। पहले भी शहर के सुनसान और अंधेरे हिस्सों में आपराधिक घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्य सड़कों और संवेदनशील स्थानों पर स्ट्रीट लाइटों को प्राथमिकता के आधार पर चालू कराया जाए।
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जिला मुख्यालय में प्रवेश के बाद भी नहीं दिखता शहर का एहसास : स्थानीय निवासी खलील अहमद एडवोकेट, डॉ. मकसूद अहमद, ताहिर हुसैन और एजाज खान ने कहा कि नूंह जिला मुख्यालय होने के बावजूद शहर की मुख्य सड़कों पर रोशनी की उचित व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि रात के समय अंधेरे, जलभराव और खराब सड़कों के बीच लोगों को रोजाना जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली-अलवर हाईवे और मेडिकल कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर स्ट्रीट लाइटों का चालू रहना बेहद जरूरी है। इन मार्गों से रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। प्रशासन को केवल लाइटें लगाने तक सीमित न रहकर उनके रखरखाव और नियमित संचालन की भी व्यवस्था करनी चाहिए।
नगरपालिका कराएगी लाइटें ठीक : नूंह नगर परिषद के चेयरमैन संजय ने बताया कि शहर में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराया जाएगा। कुछ नई लाइटें लगवाई जाएंगी । इस संदर्भ में कार्यवाही जारी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिला मुख्यालय नूंह में लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई स्ट्रीट लाइटें शहर की रोशनी बढ़ाने के बजाय लंबे समय से शोपीस बनी हुई हैं। शहर में करीब 1500 स्ट्रीट लाइटें लगी होने के बावजूद इनमें से अधिकांश खराब पड़ी हैं। इसके चलते शहर की प्रमुख सड़कें शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाती हैं। लगातार हो रही बारिश और जगह-जगह जलभराव के बीच सड़कों पर पसरा अंधेरा लोगों के लिए परेशानी के साथ हादसों का भी बड़ा कारण बन रहा है।दिल्ली-अलवर नेशनल हाईवे और मेडिकल कॉलेज रोड पर स्थिति विशेष रूप से खराब है। इन प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। रात के समय वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानी होती है। बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी और गड्ढे अंधेरे में दिखाई नहीं देने से हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।
बारिश, जलभराव और अंधेरे ने बढ़ाया खतरा : बीते दिनों हुई बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में खराब स्ट्रीट लाइटों ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई जगह सड़क और जलभराव वाले हिस्से के बीच अंतर करना भी मुश्किल हो जाता है। वाहन चालक अनुमान के आधार पर आगे बढ़ने को मजबूर हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय अंधेरे का फायदा असामाजिक तत्व भी उठा सकते हैं। पहले भी शहर के सुनसान और अंधेरे हिस्सों में आपराधिक घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्य सड़कों और संवेदनशील स्थानों पर स्ट्रीट लाइटों को प्राथमिकता के आधार पर चालू कराया जाए।
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जिला मुख्यालय में प्रवेश के बाद भी नहीं दिखता शहर का एहसास : स्थानीय निवासी खलील अहमद एडवोकेट, डॉ. मकसूद अहमद, ताहिर हुसैन और एजाज खान ने कहा कि नूंह जिला मुख्यालय होने के बावजूद शहर की मुख्य सड़कों पर रोशनी की उचित व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि रात के समय अंधेरे, जलभराव और खराब सड़कों के बीच लोगों को रोजाना जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली-अलवर हाईवे और मेडिकल कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर स्ट्रीट लाइटों का चालू रहना बेहद जरूरी है। इन मार्गों से रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। प्रशासन को केवल लाइटें लगाने तक सीमित न रहकर उनके रखरखाव और नियमित संचालन की भी व्यवस्था करनी चाहिए।
नगरपालिका कराएगी लाइटें ठीक : नूंह नगर परिषद के चेयरमैन संजय ने बताया कि शहर में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराया जाएगा। कुछ नई लाइटें लगवाई जाएंगी । इस संदर्भ में कार्यवाही जारी है।