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Delhi: MCD का बड़ा कदम, ‘वन मैप-वन नेम’ की तैयारी, जिलों के नाम पर होंगे एमसीडी के जोन
विनोद डबास, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 24 Mar 2026 05:28 AM IST
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सार
दिल्ली में प्रशासनिक व्यवस्था को एकरूप बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राजस्व जिलों के पुनर्गठन के बाद अब एमसीडी भी अपने जोनों के नाम बदलने की तैयारी में है। एमसीडी के प्रस्ताव के अनुसार, उसके सभी जोनों के नाम अब दिल्ली सरकार के राजस्व जिलों के नाम पर होंगे।
एमसीडी मुख्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली में प्रशासनिक व्यवस्था को एकरूप बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राजस्व जिलों के पुनर्गठन के बाद अब एमसीडी भी अपने जोनों के नाम बदलने की तैयारी में है। एमसीडी के प्रस्ताव के अनुसार, उसके सभी जोनों के नाम अब दिल्ली सरकार के राजस्व जिलों के नाम पर होंगे। दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद जिलों की संख्या 11 से बढ़ाकर 13 कर दी है। अभी तक कई जगहों पर राजस्व जिला और एमसीडी जोन के नाम अलग-अलग होने से भ्रम का सामना करना पड़ता था।
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प्रस्ताव के मुताबिक, अब नरेला जोन का बाहरी उत्तर, सिविल लाइन्स का उत्तर, रोहिणी का उत्तर पश्चिम, केशवपुरम का मध्य उत्तर, शहरी-सदर पहाड़गंज का पुरानी दिल्ली, करोल बाग का मध्य, नजफगढ़ का दक्षिण पश्चिम, मध्य का दक्षिण पूर्व, शाहदरा उत्तरी का उत्तर पूर्व व शहिदरा दक्षिणी का पूर्व नाम होगा। वहीं, दक्षिणी और पश्चिमी जोन के नाम पहले की तरह ही रहेंगे। इस तरह एमसीडी के सभी जोन अपने-अपने संबंधित राजस्व जिलों के नाम से पहचाने जाएंगे। इस तरह जिलों व जोनों की सीमाएं एक जैसी ही रहेंगी और पहचान एक ही नाम से होगी।
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क्षेत्र की भौगोलिक सीमा से छेड़छाड़ नहीं
स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा के अनुसार, इस बदलाव में किसी भी क्षेत्र की भौगोलिक सीमा से छेड़छाड़ नहीं की जा रही है, सिर्फ नामों में परिवर्तन किया जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इसे वन मैप-वन नेम मॉडल की ओर बड़ा कदम माना जा रहा है। इस संबंध में स्थायी समिति के पास प्रस्ताव भेज दिया गया है।