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Delhi NCR News: गोगी गैंग से प्रभावित होकर गैंग बनाने वाला मोनू मंगोलपुरिया गिरफ्तार
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-बाहरी जिला पुलिस ने की गिरफ्तारी, तीन तीन सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल समेत चार पिस्टल और चाकू बरामद
-गैंग में पांच से छह युवाओं को कर चुका है भर्ती, नाबालिगों को भर्ती कराने की कोशिश कर रहा था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बाहरी जिला पुलिस ने जेल में बंद गोगी गैंग के सदस्यों से प्रभावित होकर इलाके के युवकों और नाबालिगों की मदद से अपना गैंग बना रहे मोनू मंगोलपुरिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इसके कब्जे से तीन सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल समेत चार पिस्टल और एक चाकू बरामद किए हैं। मोनू पर हत्या, आर्म्स एक्ट सहित चार मामले दर्ज हैं।
जिला पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि जिले के झपटमारी और सेंधमारी निरोधक शाखा को 17 जुलाई को जानकारी मिली कि हथियारों की बिक्री और सप्लाई में शामिल मोनू नाम के बदमाश दुर्बल नाथ पार्क के पास आने वाला है। इस सूचना पर निरीक्षक रितेश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वहां घेराबंदी कर एक व्यक्ति को पकड़ा। उसकी पहचान विनेश उर्फ मोनू के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से हथियार मिले। पूछताछ में पता चला कि आरोपी हत्या के एक मामले में तीन साल तक तिहाड़ जेल में बंद था। जेल में रहने के दौरान वह गोगी गैंग के सदस्यों योगेश उर्फ टुंडा, दीपक उर्फ तीतर और नवीन उर्फ भांजे के संपर्क में आया।
जेल से रिहा होने के बाद आरोपी ने मंगोलपुरी इलाके में एक संगठित आपराधिक नेटवर्क बनाने के मकसद से एमएम (मोनू मंडी मंगोलपुरिया) गैंग के नाम से अपना खुद का आपराधिक गैंग बनाया।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि उसने गैंग के पांच छह स्थानीय युवाओं को शामिल किया था। कुछ साथियों की पहचान पहले ही हो चुकी है, जबकि बाकी सदस्यों की पहचान और पुष्टि करने की कोशिशें जारी हैं। इसके साथ ही वह कुछ नाबालिगों को भी प्रलोभन देकर अपने गैंग में शामिल करने का प्रयास कर रहा था। गैंग के हथियार खरीद फरोख्त में शामिल होने की आशंका है। पुलिस गिरफ्तार बदमाश से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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-गैंग में पांच से छह युवाओं को कर चुका है भर्ती, नाबालिगों को भर्ती कराने की कोशिश कर रहा था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बाहरी जिला पुलिस ने जेल में बंद गोगी गैंग के सदस्यों से प्रभावित होकर इलाके के युवकों और नाबालिगों की मदद से अपना गैंग बना रहे मोनू मंगोलपुरिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इसके कब्जे से तीन सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल समेत चार पिस्टल और एक चाकू बरामद किए हैं। मोनू पर हत्या, आर्म्स एक्ट सहित चार मामले दर्ज हैं।
जिला पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि जिले के झपटमारी और सेंधमारी निरोधक शाखा को 17 जुलाई को जानकारी मिली कि हथियारों की बिक्री और सप्लाई में शामिल मोनू नाम के बदमाश दुर्बल नाथ पार्क के पास आने वाला है। इस सूचना पर निरीक्षक रितेश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वहां घेराबंदी कर एक व्यक्ति को पकड़ा। उसकी पहचान विनेश उर्फ मोनू के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से हथियार मिले। पूछताछ में पता चला कि आरोपी हत्या के एक मामले में तीन साल तक तिहाड़ जेल में बंद था। जेल में रहने के दौरान वह गोगी गैंग के सदस्यों योगेश उर्फ टुंडा, दीपक उर्फ तीतर और नवीन उर्फ भांजे के संपर्क में आया।
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जेल से रिहा होने के बाद आरोपी ने मंगोलपुरी इलाके में एक संगठित आपराधिक नेटवर्क बनाने के मकसद से एमएम (मोनू मंडी मंगोलपुरिया) गैंग के नाम से अपना खुद का आपराधिक गैंग बनाया।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि उसने गैंग के पांच छह स्थानीय युवाओं को शामिल किया था। कुछ साथियों की पहचान पहले ही हो चुकी है, जबकि बाकी सदस्यों की पहचान और पुष्टि करने की कोशिशें जारी हैं। इसके साथ ही वह कुछ नाबालिगों को भी प्रलोभन देकर अपने गैंग में शामिल करने का प्रयास कर रहा था। गैंग के हथियार खरीद फरोख्त में शामिल होने की आशंका है। पुलिस गिरफ्तार बदमाश से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।