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Delhi NCR News: कारों में कैंसरकारी रसायनों पर एनजीटी ने आईसीएमआर से मांगी प्रगति रिपोर्ट
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-आईसीएमआर के वैज्ञानिक डॉ. शिवपेरुमल ने अधिकरण को अध्ययन की रूपरेखा बताई, अगली सुनवाई 4 नवंबर को
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कारों के अंदर मौजूद कैंसरकारी रसायनों के संपर्क को लेकर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अध्ययन पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने संज्ञान लिया है। अधिकरण ने आईसीएमआर को अध्ययन की प्रगति रिपोर्ट अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी।
सुनवाई के दौरान आईसीएमआर के वैज्ञानिक-ई डॉ. शिवपेरुमल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बताया कि अध्ययन 3 नवंबर, 2025 को शुरू हुआ था और इसे 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। अध्ययन देश के दक्षिणी, पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में किया जा रहा है। प्रत्येक क्षेत्र से 60 नमूने लिए जाने हैं, जबकि 97 नियंत्रित नमूने भी अध्ययन में शामिल किए गए हैं।
आईसीएमआर के अनुसार, पश्चिमी क्षेत्र में अब तक 50 नमूने लिए जा चुके हैं और इनमें से 40 का विश्लेषण पूरा हो गया है। परिषद ने अधिकरण को बताया कि पूरे अध्ययन के 2 मई, 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। यह मामला एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर सामने आया था, जिसमें कारों के अंदर कैंसरकारी रसायनों की मौजूदगी का उल्लेख किया गया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कारों के अंदर मौजूद कैंसरकारी रसायनों के संपर्क को लेकर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अध्ययन पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने संज्ञान लिया है। अधिकरण ने आईसीएमआर को अध्ययन की प्रगति रिपोर्ट अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी।
सुनवाई के दौरान आईसीएमआर के वैज्ञानिक-ई डॉ. शिवपेरुमल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बताया कि अध्ययन 3 नवंबर, 2025 को शुरू हुआ था और इसे 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। अध्ययन देश के दक्षिणी, पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में किया जा रहा है। प्रत्येक क्षेत्र से 60 नमूने लिए जाने हैं, जबकि 97 नियंत्रित नमूने भी अध्ययन में शामिल किए गए हैं।
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आईसीएमआर के अनुसार, पश्चिमी क्षेत्र में अब तक 50 नमूने लिए जा चुके हैं और इनमें से 40 का विश्लेषण पूरा हो गया है। परिषद ने अधिकरण को बताया कि पूरे अध्ययन के 2 मई, 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। यह मामला एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर सामने आया था, जिसमें कारों के अंदर कैंसरकारी रसायनों की मौजूदगी का उल्लेख किया गया था।
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