{"_id":"69c29cad4baa7d2cb4038e56","slug":"nia-court-sentences-kashmiri-separatist-asiya-andrabi-to-life-imprisonment-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-129259-2026-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: एनआईए अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी को सुनाई उम्रकैद की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: एनआईए अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी को सुनाई उम्रकैद की सजा
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की विशेष एनआईए अदालत ने मंगलवार को कश्मीरी अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी को अवैध गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के एक मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने सजा की मात्रा पर बहस पूरी होने के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने आसिया अंद्राबी के दो सहयोगियों सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को भी इसी मामले में 30-30 वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई है।
आसिया अंद्राबी (64), दुख्तरान-ए-मिल्लत की चेयरपर्सन, सोफी फहमीदा (प्रेस सेक्रेटरी) और नाहिदा नसरीन (जनरल सेक्रेटरी) पर आरोप था कि उन्होंने भारत के खिलाफ साजिश रची, कश्मीर की अलगाववाद को बढ़ावा दिया, महिलाओं और युवाओं को कट्टरता की ओर उकसाया तथा देश की अखंडता और संप्रभुता के विरुद्ध गतिविधियां चलाईं। जनवरी 2026 में अदालत ने तीनों को दोषी ठहराया था। एनआईए ने सजा सुनवाई के दौरान उम्रकैद की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने स्वास्थ्य कारणों, उम्र और जेल में बिताए लगभग आठ वर्षों का हवाला देते हुए न्यूनतम सजा की अपील की थी। तीनों महिलाएं अप्रैल 2018 से तिहाड़ जेल में बंद हैं। इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने की थी।
Trending Videos
नई दिल्ली। दिल्ली की विशेष एनआईए अदालत ने मंगलवार को कश्मीरी अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी को अवैध गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के एक मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने सजा की मात्रा पर बहस पूरी होने के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने आसिया अंद्राबी के दो सहयोगियों सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को भी इसी मामले में 30-30 वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई है।
आसिया अंद्राबी (64), दुख्तरान-ए-मिल्लत की चेयरपर्सन, सोफी फहमीदा (प्रेस सेक्रेटरी) और नाहिदा नसरीन (जनरल सेक्रेटरी) पर आरोप था कि उन्होंने भारत के खिलाफ साजिश रची, कश्मीर की अलगाववाद को बढ़ावा दिया, महिलाओं और युवाओं को कट्टरता की ओर उकसाया तथा देश की अखंडता और संप्रभुता के विरुद्ध गतिविधियां चलाईं। जनवरी 2026 में अदालत ने तीनों को दोषी ठहराया था। एनआईए ने सजा सुनवाई के दौरान उम्रकैद की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने स्वास्थ्य कारणों, उम्र और जेल में बिताए लगभग आठ वर्षों का हवाला देते हुए न्यूनतम सजा की अपील की थी। तीनों महिलाएं अप्रैल 2018 से तिहाड़ जेल में बंद हैं। इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन