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Noida News: 4 वर्षीय बच्ची की आंत से निकले 50 से अधिक कीड़े, ऑपरेशन से बचाई जान
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बच्ची की आंत में था एस्केरिस लुम्ब्रिकोइड्स संक्रमण, स्वच्छता की कमी मुख्य कारण
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिम्स के डॉक्टरों ने बेहद जटिल और चौंकाने वाले मामले में चार साल की बच्ची को जीवनदान दिया है। बच्ची की आंतों में कीड़ों (राउंडवर्म) के गुच्छे ने इस कदर रुकावट पैदा कर दी थी कि उसकी जान पर बन आई थी। डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर बच्ची की आंत से 15 से 20 सेमी. लंबे 50 से अधिक कीड़े निकाले हैं।
सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. मोहित कुमार माथुर ने बताया कि बच्ची की बड़ी आंत में 'एस्केरिस लुम्ब्रिकोइड्स' (राउंडवर्म) का संक्रमण था। समय पर ऑपरेशन न होने की स्थिति में संक्रमण बच्ची के शरीर के दूसरे अंगों को भी प्रभावित कर सकता था।
अस्वच्छता बनी गंभीर स्थिति का कारण
डॉक्टरों के अनुसार, यह संक्रमण मुख्य रूप से स्वच्छता की कमी के कारण हुआ। डॉक्टरों ने गंदे हाथों से भोजन करने, दूषित पानी पीने या बिना धुले फल और सब्जियों के सेवन करने की वजह से कीड़ों के अंडों के बच्ची के शरीर में पहुंचने की संभावना जताई है। धीरे-धीरे इन्होंने आंतों में अपनी संख्या बढ़ा ली और एक बड़ा गुच्छा बना लिया, जिससे आंतों का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया।
शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज
संक्रमण के कारण बच्ची को पेट में तेज दर्द, उल्टी, भूख न लगना और पेट फूलने जैसी समस्याएं हो रही थीं। डॉ. माथुर ने बताया कि ऐसे संक्रमण बच्चों के पोषण और शारीरिक-मानसिक विकास में बड़ी बाधा बनते हैं। यदि इन्हें शुरुआती चरण में नजरअंदाज किया जाए, तो यह आंतों के फटने या गंभीर विकार का कारण बन सकते हैं।
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क्या है एस्केरिस लुम्ब्रिकोइड्स?
प्रोफेसर डॉ. मोहित कुमार माथुर ने बताया कि यह एक प्रकार का आंतों में रहने वाला कीड़ा है, जो विशेष रूप से बच्चों में पाया जाता है। यह गंदगी और अस्वच्छ वातावरण के जरिए शरीर में प्रवेश करता है। अधिक संख्या में होने पर ये आंतों में गुच्छा बनाकर रुकावट पैदा कर सकते हैं, जिससे गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। कीड़ों का संक्रमण भले ही आम हों, लेकिन इसे हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। सही जानकारी, स्वच्छता और नियमित डीवॉर्मिंग से इस समस्या से आसानी से बचाव किया जा सकता है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिम्स के डॉक्टरों ने बेहद जटिल और चौंकाने वाले मामले में चार साल की बच्ची को जीवनदान दिया है। बच्ची की आंतों में कीड़ों (राउंडवर्म) के गुच्छे ने इस कदर रुकावट पैदा कर दी थी कि उसकी जान पर बन आई थी। डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर बच्ची की आंत से 15 से 20 सेमी. लंबे 50 से अधिक कीड़े निकाले हैं।
सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. मोहित कुमार माथुर ने बताया कि बच्ची की बड़ी आंत में 'एस्केरिस लुम्ब्रिकोइड्स' (राउंडवर्म) का संक्रमण था। समय पर ऑपरेशन न होने की स्थिति में संक्रमण बच्ची के शरीर के दूसरे अंगों को भी प्रभावित कर सकता था।
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अस्वच्छता बनी गंभीर स्थिति का कारण
डॉक्टरों के अनुसार, यह संक्रमण मुख्य रूप से स्वच्छता की कमी के कारण हुआ। डॉक्टरों ने गंदे हाथों से भोजन करने, दूषित पानी पीने या बिना धुले फल और सब्जियों के सेवन करने की वजह से कीड़ों के अंडों के बच्ची के शरीर में पहुंचने की संभावना जताई है। धीरे-धीरे इन्होंने आंतों में अपनी संख्या बढ़ा ली और एक बड़ा गुच्छा बना लिया, जिससे आंतों का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया।
शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज
संक्रमण के कारण बच्ची को पेट में तेज दर्द, उल्टी, भूख न लगना और पेट फूलने जैसी समस्याएं हो रही थीं। डॉ. माथुर ने बताया कि ऐसे संक्रमण बच्चों के पोषण और शारीरिक-मानसिक विकास में बड़ी बाधा बनते हैं। यदि इन्हें शुरुआती चरण में नजरअंदाज किया जाए, तो यह आंतों के फटने या गंभीर विकार का कारण बन सकते हैं।
क्या है एस्केरिस लुम्ब्रिकोइड्स?
प्रोफेसर डॉ. मोहित कुमार माथुर ने बताया कि यह एक प्रकार का आंतों में रहने वाला कीड़ा है, जो विशेष रूप से बच्चों में पाया जाता है। यह गंदगी और अस्वच्छ वातावरण के जरिए शरीर में प्रवेश करता है। अधिक संख्या में होने पर ये आंतों में गुच्छा बनाकर रुकावट पैदा कर सकते हैं, जिससे गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। कीड़ों का संक्रमण भले ही आम हों, लेकिन इसे हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। सही जानकारी, स्वच्छता और नियमित डीवॉर्मिंग से इस समस्या से आसानी से बचाव किया जा सकता है।