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Noida News: मानकों पर खड़े नहीं उतरे 54% नमूने, पनीर में सबसे ज्यादा मिलावट
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खाद्य विभाग की टीम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 630 जगह पर छापेमारी कर 792 नमूने लिए
खाद्य पदार्थों के 637 नमूने में से 343 मानकों पर खड़े नहीं उतरे
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पनीर से लेकर खोआ, दूध, घी, मसाले आदि में बड़े स्तर पर मिलावट हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में खाद्य पदार्थों के 637 नमूने में से 343 मानकों पर खड़े नहीं उतरे। केवल 46 प्रतिशत नमूने ही ठीक पाए गए।
खाद्य पदार्थों में सबसे अधिक मिलावट पनीर में हो रही है। पनीर के 82 नमूनों में खामियां मिलीं हैं। वहीं, अनाज और दूध से बने अन्य उत्पादों में भी मिलावट लगातार बढ़ रही है। अफसरों ने बताया कि जो नमूने अनसेफ मिले हैं, उनके खिलाफ सीजेएम कोर्ट में केस दर्ज किया गया है। बाकी के खिलाफ एडीएम प्रशासन की कोर्ट में वाद दायर किया गया है, जिन पर सुनवाई चल रही है।
किसी में वसा की कमी तो किसी में रिफाइंड की मिलावट
खाद्य विभाग की टीम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 630 जगह पर छापेमारी कर 792 नमूने लिए। इनमें से 637 नमूनों की जांच रिपोर्ट विभाग को मिली है, जिनमें से 258 नमूने मानकों पर फेल हो गए और 75 नमूने अनसेफ निकले। 10 खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग में खामियां मिली। कुल मिलाकर 343 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे।अफसरों ने बताया कि पनीर के 100 में से 82 नमूने मानकों पर खड़े नहीं उतरे। इसके 18 नमूने अनसेफ मिले। इसके अलावा दूध से बने अन्य उत्पादों के 30 में से 25 नमूने और दूध की ही मिठाइयाें के 56 में से 21 नमूने फेल रहे। अन्य चीज से बनीं मिठाइयों के 53 नमूनों में से 12 में कमियां मिलीं हैं।
वहीं, दूध के 16, खोया के 11 और घी के 13 नमूनों में भी कमियां पाई गईं हैं। किसी में वसा की कमी तो किसी में रिफाइंड की मिलावट की गई है। अनाज से बने उत्पाद के 72 नमूनों में से 34 में भी मिलावट मिली है।
पैकेज्ड पानी भी नहीं है सुरक्षित
विभाग को पैकेज्ड वाटर के 17 नमूनों की जांच रिपोर्ट मिली थी। इनमें से 12 नमूनों में कमी मिली है। इनमें से पांच नमूनों का पानी पीने योग्य नहीं था। वहीं, बेकरी उत्पाद के 33 में से आठ नमूने मानकों पर फेल हो गए। मसालों के 15 नमूने भी फेल मिले हैं। प्रोसेस्ड फल और सब्जी के 31 प्रतिशत नमूनों में भी गड़बड़ी मिली।
कोट
54 प्रतिशत नमूने मानकों के अनुसार नहीं हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार सभी के खिलाफ वाद दायर किया गया है। मिलावटखाेरों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी को भी लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे। सर्वेश मिश्रा, सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय
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खाद्य पदार्थों के 637 नमूने में से 343 मानकों पर खड़े नहीं उतरे
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पनीर से लेकर खोआ, दूध, घी, मसाले आदि में बड़े स्तर पर मिलावट हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में खाद्य पदार्थों के 637 नमूने में से 343 मानकों पर खड़े नहीं उतरे। केवल 46 प्रतिशत नमूने ही ठीक पाए गए।
खाद्य पदार्थों में सबसे अधिक मिलावट पनीर में हो रही है। पनीर के 82 नमूनों में खामियां मिलीं हैं। वहीं, अनाज और दूध से बने अन्य उत्पादों में भी मिलावट लगातार बढ़ रही है। अफसरों ने बताया कि जो नमूने अनसेफ मिले हैं, उनके खिलाफ सीजेएम कोर्ट में केस दर्ज किया गया है। बाकी के खिलाफ एडीएम प्रशासन की कोर्ट में वाद दायर किया गया है, जिन पर सुनवाई चल रही है।
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किसी में वसा की कमी तो किसी में रिफाइंड की मिलावट
खाद्य विभाग की टीम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 630 जगह पर छापेमारी कर 792 नमूने लिए। इनमें से 637 नमूनों की जांच रिपोर्ट विभाग को मिली है, जिनमें से 258 नमूने मानकों पर फेल हो गए और 75 नमूने अनसेफ निकले। 10 खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग में खामियां मिली। कुल मिलाकर 343 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे।अफसरों ने बताया कि पनीर के 100 में से 82 नमूने मानकों पर खड़े नहीं उतरे। इसके 18 नमूने अनसेफ मिले। इसके अलावा दूध से बने अन्य उत्पादों के 30 में से 25 नमूने और दूध की ही मिठाइयाें के 56 में से 21 नमूने फेल रहे। अन्य चीज से बनीं मिठाइयों के 53 नमूनों में से 12 में कमियां मिलीं हैं।
वहीं, दूध के 16, खोया के 11 और घी के 13 नमूनों में भी कमियां पाई गईं हैं। किसी में वसा की कमी तो किसी में रिफाइंड की मिलावट की गई है। अनाज से बने उत्पाद के 72 नमूनों में से 34 में भी मिलावट मिली है।
पैकेज्ड पानी भी नहीं है सुरक्षित
विभाग को पैकेज्ड वाटर के 17 नमूनों की जांच रिपोर्ट मिली थी। इनमें से 12 नमूनों में कमी मिली है। इनमें से पांच नमूनों का पानी पीने योग्य नहीं था। वहीं, बेकरी उत्पाद के 33 में से आठ नमूने मानकों पर फेल हो गए। मसालों के 15 नमूने भी फेल मिले हैं। प्रोसेस्ड फल और सब्जी के 31 प्रतिशत नमूनों में भी गड़बड़ी मिली।
कोट
54 प्रतिशत नमूने मानकों के अनुसार नहीं हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार सभी के खिलाफ वाद दायर किया गया है। मिलावटखाेरों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी को भी लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे। सर्वेश मिश्रा, सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय

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