सेंट्रल मार्केट: सात टीमों ने नोटिस देने किए शुरू, भारी पुलिस बल तैनात, महिलाओं ने धरने पर पढ़ी हनुमान चालीसा
मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में महिलाओं का धरना 14वें दिन भी जारी है। शासन के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों के तेवर नरम पड़े हैं और वे सरकार से अपनी दुकान और घर बचाने की गुहार लगा रही हैं।
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मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में अपनी दुकानों और घरों को बचाने की मांग को लेकर महिलाओं का धरना गुरुवार को 15वें दिन भी जारी रहा। महिलाओं ने धरनास्थल पर हनुमान चालीसा का पाठ किया। हालांकि शासन के उच्चाधिकारियों के साथ हुई सकारात्मक वार्ता के बाद आंदोलनकारियों के तेवर कुछ नरम पड़ते नजर आए। अब महिलाओं ने सरकार पर भरोसा जताते हुए राहत की उम्मीद जताई है।
धरना स्थल पर बैठीं महिलाओं का कहना है कि वे केवल अपने आशियाने और रोजगार की सुरक्षा चाहती हैं और सरकार से न्याय की उम्मीद लगाए बैठी हैं। वहीं शुक्रवार सुबह आवास विकास परिषद की सात टीमों ने सेंट्रल मार्केट में पहुंचकर व्यापारियों को नोटिस देने शुरू कर दिए। इस दौरान क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है।
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अधिकारियों से वार्ता के बाद बदले तेवर
बुधवार को मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, आवास एवं विकास परिषद के चेयरमैन पी. गुरु प्रसाद और आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने व्यापारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की थी।
इस बैठक में अधिकारियों ने व्यापारियों से दस्तावेज लिए और उनकी समस्याओं को विस्तार से समझा। अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन का असर गुरुवार को धरना स्थल पर भी दिखाई दिया, जहां आंदोलनकारी महिलाओं का रुख पहले की तुलना में शांत नजर आया।
पुलिस की सख्ती के बीच महिलाओं की मांग
इससे पहले बुधवार को आक्रोशित महिलाओं ने प्रतीकात्मक रूप से व्यापार की तेरहवीं, ब्रह्मभोज और शोकसभा आयोजित करने की घोषणा की थी, लेकिन पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए इस कार्यक्रम को रद्द करा दिया।
धरने पर बैठीं शोभा, रजनी, अंजू, कांता, ममता और संतोष समेत अन्य महिलाओं का कहना है कि वे पिछले 35 से 40 वर्षों से इन मकानों में रहकर दुकानें चला रही हैं। उनका दावा है कि ये मकान दुर्बल और अल्प आय वर्ग (LIG/EWS) श्रेणी के हैं और यदि सेटबैक के नाम पर कोई तोड़फोड़ की जाती है तो पूरा ढांचा गिरने का खतरा है।
सांसद के आश्वासन से बढ़ी उम्मीद
व्यापारी नेता और पूर्व पार्षद सतीश गर्ग के अनुसार व्यापारियों ने सेटबैक से छूट और व्यापार की अनुमति से जुड़े सभी दस्तावेज अधिकारियों को सौंप दिए हैं। साथ ही मेरठ के सांसद अरुण गोविल ने भी व्यापारियों की समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखने का आश्वासन दिया है, जिससे आंदोलनकारियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
नोटिस वितरण का कार्य आज से शुरू
बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के 9 अप्रैल के आदेश के अनुसार अवैध निर्माण हटाने के लिए दुकानदारों को दो सप्ताह का समय दिया जाना है। हालांकि आवास एवं विकास परिषद ने नोटिस तैयार कर लिए हैं, लेकिन तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए उन्हें वितरित करने को लेकर असमंजस बना रहा। हालांकि शुक्रवार सुबह को आवास विकास की सात टीमें सेंट्रल मार्केट पहुंचीं और नोटिस तामील कराने शुरू किए। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
व्यापारियों में भी बढ़ा विवाद
एक ओर जहां बाजार को बचाने की लड़ाई चल रही है, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों के बीच आपसी गुटबाजी भी खुलकर सामने आ गई है। बताया जा रहा है कि बाजार को बचाने और कानूनी लड़ाई के नाम पर करीब 14 लाख रुपये का चंदा इकट्ठा किया गया है। इस राशि के हिसाब को लेकर व्यापारियों के बीच सोशल मीडिया और बाजार में तीखी बहस छिड़ गई है।
कुछ व्यापारियों का आरोप है कि अधिकारियों से सांठगांठ कर अवैध निर्माण की सूची से कुछ नाम हटवा दिए गए। इस मामले में एडवोकेट ठाकुर अंजनेय सिंह ने मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी से लिखित शिकायत कर जांच की मांग की है।

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