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Noida News: शिव आराधना और नाग पूजा का बनेगा विशेष संयोग
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शिव आराधना और नाग पूजा का बनेगा विशेष संयोग
ग्रेटर नोएडा (संवाद)। नागपंचमी के साथ सोमवार का विशेष संयोग इस बार श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा अवसर लेकर आया है। 17 अगस्त को श्रावण शुक्ल पंचमी के साथ सावन का तीसरा सोमवार भी है। नागपंचमी और सावन सोमवार एक ही दिन पड़ने से शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करने के साथ नाग देवता की पूजा-अर्चना करेंगे।
बिसरख स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पुजारी सत्यम शुक्ला ने बताया कि नागपंचमी की पंचमी तिथि 16 अगस्त की शाम 4:52 बजे शुरू होकर 17 अगस्त की शाम 5 बजे तक रहेगी। नागपंचमी पर नाग देवता की पूजा करने के साथ अष्टनागों का स्मरण और मंत्र जाप करने की भी परंपरा है। घर के मुख्य द्वार पर नाग देवता का चित्र या प्रतीक बनाकर पूजा की जा सकती है। खील, भुने चने, खीर और सेवईं का भोग लगाने की भी परंपरा है। नागपंचमी के दिन भगवान शिव की पूजा और अभिषेक करने से राहु-केतु से जुड़े दोषों के प्रभाव को कम करने की धार्मिक मान्यता है।
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ग्रेटर नोएडा (संवाद)। नागपंचमी के साथ सोमवार का विशेष संयोग इस बार श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा अवसर लेकर आया है। 17 अगस्त को श्रावण शुक्ल पंचमी के साथ सावन का तीसरा सोमवार भी है। नागपंचमी और सावन सोमवार एक ही दिन पड़ने से शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करने के साथ नाग देवता की पूजा-अर्चना करेंगे।
बिसरख स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पुजारी सत्यम शुक्ला ने बताया कि नागपंचमी की पंचमी तिथि 16 अगस्त की शाम 4:52 बजे शुरू होकर 17 अगस्त की शाम 5 बजे तक रहेगी। नागपंचमी पर नाग देवता की पूजा करने के साथ अष्टनागों का स्मरण और मंत्र जाप करने की भी परंपरा है। घर के मुख्य द्वार पर नाग देवता का चित्र या प्रतीक बनाकर पूजा की जा सकती है। खील, भुने चने, खीर और सेवईं का भोग लगाने की भी परंपरा है। नागपंचमी के दिन भगवान शिव की पूजा और अभिषेक करने से राहु-केतु से जुड़े दोषों के प्रभाव को कम करने की धार्मिक मान्यता है।
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