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Noida News: आधुनिकता के रंग में ढला पारंपरिक त्योहार
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नोएडा। सेक्टर -61 में तीज का उत्सव मनाती महिलाएं।
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तीज पर महिलाओं ने मनाया अपना मी टाइम, बच्चों की जिम्मेदारी पापा पर
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। आधुनिक जीवनशैली और बदलते दौर के साथ त्योहारों को मनाने का अंदाज भी बदल रहा है। नोएडा के सेक्टर-61 में रविवार को आयोजित भव्य तीज उत्सव में इसका जीवंत नजारा देखने को मिला। कंचनजंगा सहित विभिन्न सोसाइटियों की 100 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक शृंगार और हरे रंग की साड़ियों में सजकर इस उत्सव को बेहद खास बनाया।
इस बार तीज का त्योहार सिर्फ व्रत और पूजा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें आधुनिकता और महिला सशक्तिकरण का अनूठा संगम देखने को मिला। महिलाओं ने पारंपरिक मेहंदी की जगह हाथों पर पतियों के नाम के टैटू बनवाए, तो वहीं आत्मनिर्भरता का संदेश देते हुए कई स्टॉल्स भी लगाए। रविवार का पूरा लुत्फ उठाने के लिए महिलाओं ने बच्चों की जिम्मेदारी पतियों को सौंपी और सहेलियों के साथ झूला झूलने, तंबोला खेलने और तीज क्वीन प्रतियोगिता जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों का जमकर आनंद लिया। शीतल ने बताया कि 8 अगस्त को क्लियो काउंटी और अनीता जोशी ने बताया कि 11 अगस्त को सेक्टर-51 में अपराजिता के नाम से तीज पर कार्यक्रम कराया जाएगा। हर सोसाइटी में हरे रंग की धूम होने वाली है।
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तीज रस्म नहीं, सामाजिक मिलन का अवसर
स्वीट सिक्सटी की उम्र में हम त्योहार मना रहे हैं। झूले ने बचपन की यादें ताजा कर दी हैं। ऐसे आयोजन महिलाओं को मानसिक रूप से भी तरोताजा करते हैं। - पुष्पा शाह
घर और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच ऐसा मौका बहुत कम मिलता है। आज बच्चों की जिम्मेदारी पति ने संभाली, इसलिए हम सभी खुलकर तीज मना सके। - दीपा
तीज अब सिर्फ रस्म नहीं बल्कि महिलाओं के लिए एक सामाजिक मिलन का अवसर बन गया है। अलग-अलग सोसाइटियों की महिलाओं से मिलने का मौका मिला। -ईला
उम्र सिर्फ एक संख्या है। हमने भी झूला झूला, तंबोला खेला और खूब मस्ती की। आज हम नानी और दादी दोनों बन गए हैं, पर जमकर पहाड़ी गानों में नाचकर मजा आ गया। -ऊषा
महिलाओं की ओर से लगाए गए स्टॉल्स
मैं रिटायर्ड बैंक मैनेजर हूं। एक बार उत्तराखंड घूमने गई थी वहां कि महिलाओं को यह बनाते देखा। तब दिमाग में आया कि क्यों न उनके द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट को यहां तक लाया जाएं। इसी के साथ उनको रोजगार मिलता है। - जोबश, उद्यमी महिला
हम करीब दो साल से महिलाओं की ओर से बनाए गए हैंडमेड प्रोडक्ट को मार्केट तक लेकर आते है। इसमें हैंड एंब्रॉयडरी, सुई धागे से बनाए गई बेहद ही सुंदर कपड़े हम बनाते हैं। हमारा उद्देश्य है कि कारिगरों को पहचान मिले। - हिमानी वर्मा, उद्यमी महिला
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। आधुनिक जीवनशैली और बदलते दौर के साथ त्योहारों को मनाने का अंदाज भी बदल रहा है। नोएडा के सेक्टर-61 में रविवार को आयोजित भव्य तीज उत्सव में इसका जीवंत नजारा देखने को मिला। कंचनजंगा सहित विभिन्न सोसाइटियों की 100 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक शृंगार और हरे रंग की साड़ियों में सजकर इस उत्सव को बेहद खास बनाया।
इस बार तीज का त्योहार सिर्फ व्रत और पूजा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें आधुनिकता और महिला सशक्तिकरण का अनूठा संगम देखने को मिला। महिलाओं ने पारंपरिक मेहंदी की जगह हाथों पर पतियों के नाम के टैटू बनवाए, तो वहीं आत्मनिर्भरता का संदेश देते हुए कई स्टॉल्स भी लगाए। रविवार का पूरा लुत्फ उठाने के लिए महिलाओं ने बच्चों की जिम्मेदारी पतियों को सौंपी और सहेलियों के साथ झूला झूलने, तंबोला खेलने और तीज क्वीन प्रतियोगिता जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों का जमकर आनंद लिया। शीतल ने बताया कि 8 अगस्त को क्लियो काउंटी और अनीता जोशी ने बताया कि 11 अगस्त को सेक्टर-51 में अपराजिता के नाम से तीज पर कार्यक्रम कराया जाएगा। हर सोसाइटी में हरे रंग की धूम होने वाली है।
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तीज रस्म नहीं, सामाजिक मिलन का अवसर
स्वीट सिक्सटी की उम्र में हम त्योहार मना रहे हैं। झूले ने बचपन की यादें ताजा कर दी हैं। ऐसे आयोजन महिलाओं को मानसिक रूप से भी तरोताजा करते हैं। - पुष्पा शाह
घर और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच ऐसा मौका बहुत कम मिलता है। आज बच्चों की जिम्मेदारी पति ने संभाली, इसलिए हम सभी खुलकर तीज मना सके। - दीपा
तीज अब सिर्फ रस्म नहीं बल्कि महिलाओं के लिए एक सामाजिक मिलन का अवसर बन गया है। अलग-अलग सोसाइटियों की महिलाओं से मिलने का मौका मिला। -ईला
उम्र सिर्फ एक संख्या है। हमने भी झूला झूला, तंबोला खेला और खूब मस्ती की। आज हम नानी और दादी दोनों बन गए हैं, पर जमकर पहाड़ी गानों में नाचकर मजा आ गया। -ऊषा
महिलाओं की ओर से लगाए गए स्टॉल्स
मैं रिटायर्ड बैंक मैनेजर हूं। एक बार उत्तराखंड घूमने गई थी वहां कि महिलाओं को यह बनाते देखा। तब दिमाग में आया कि क्यों न उनके द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट को यहां तक लाया जाएं। इसी के साथ उनको रोजगार मिलता है। - जोबश, उद्यमी महिला
हम करीब दो साल से महिलाओं की ओर से बनाए गए हैंडमेड प्रोडक्ट को मार्केट तक लेकर आते है। इसमें हैंड एंब्रॉयडरी, सुई धागे से बनाए गई बेहद ही सुंदर कपड़े हम बनाते हैं। हमारा उद्देश्य है कि कारिगरों को पहचान मिले। - हिमानी वर्मा, उद्यमी महिला