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Noida News: स्वतंत्रता सेनानी के बच्चों को प्रमाणपत्र देने में लापरवाही पर शासन सख्त
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स्वतंत्रता सेनानी के बच्चों को प्रमाणपत्र देने में लापरवाही पर शासन सख्त
चार साल से लंबित आवेदन-पत्रों को लटकाने वाले अफसरों तथा कर्मचारियों का ब्यौरा डीएम से मांगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। महिला स्वतंत्रता सेनानी के बच्चों को आश्रित प्रमाणपत्र जारी नहीं करने पर उत्तर प्रदेश शासन ने दोषी अफसरों तथा कर्मचारियों का ब्यौरा मांगा है। गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी से कहा गया है कि वह चार साल से लंबित आवेदन-पत्रों को लटकाने वाले अफसर और कर्मचारियों के उत्तरदायित्व निर्धारित करके उसकी जानकारी दें।
गौतमबुद्धनगर की स्वतंत्रता सेनानी सावित्री देवी वाष्णेय की बेटियों मंजू गुप्ता तथा सुभ्रा रोहतगी ने अपना तथा अपने बच्चों का आश्रित प्रमाण-पत्र जारी कराने के लिए अक्तूबर 2021 में आवेदन किया था। सेनानी की दोनों बेटियां आगरा में रहती हैं। जिला प्रशासन ने इन दोनों का सत्यापन कराने के लिए आगरा के जिलाधिकारी को पत्र भेजा। आगरा के जिलाधिकारी ने 2022 में ही अपनी सत्यापन रिपोर्ट गौतमबुद्ध नगर भेज दी थी। उसके बाद से ही वह लगातार सर्टिफिकेट के लिए जिलाधिकारी कार्यालय से आग्रह कर रहे हैं। प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी उनके सर्टिफिकेट नहीं बनाए गए।
दोनों बहनों का कहना है कि उनकी छोटी बहन दीप्ति और उनके दोनों बच्चों तथा भाई विवेक वाष्णेय का आश्रित प्रमाण-पत्र फरवरी 2020 में जारी कर दिया गया था। चार साल से अधिक देरी होने पर मामले की शिकायत प्रदेश सरकार से की गई। उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव मनोज कुमार राय ने जिलाधिकारी से कहा, वह मामले को लटकाने वाले अफसरों और कर्मचारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करें। जल्द से जल्द रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए।
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चार साल से लंबित आवेदन-पत्रों को लटकाने वाले अफसरों तथा कर्मचारियों का ब्यौरा डीएम से मांगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। महिला स्वतंत्रता सेनानी के बच्चों को आश्रित प्रमाणपत्र जारी नहीं करने पर उत्तर प्रदेश शासन ने दोषी अफसरों तथा कर्मचारियों का ब्यौरा मांगा है। गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी से कहा गया है कि वह चार साल से लंबित आवेदन-पत्रों को लटकाने वाले अफसर और कर्मचारियों के उत्तरदायित्व निर्धारित करके उसकी जानकारी दें।
गौतमबुद्धनगर की स्वतंत्रता सेनानी सावित्री देवी वाष्णेय की बेटियों मंजू गुप्ता तथा सुभ्रा रोहतगी ने अपना तथा अपने बच्चों का आश्रित प्रमाण-पत्र जारी कराने के लिए अक्तूबर 2021 में आवेदन किया था। सेनानी की दोनों बेटियां आगरा में रहती हैं। जिला प्रशासन ने इन दोनों का सत्यापन कराने के लिए आगरा के जिलाधिकारी को पत्र भेजा। आगरा के जिलाधिकारी ने 2022 में ही अपनी सत्यापन रिपोर्ट गौतमबुद्ध नगर भेज दी थी। उसके बाद से ही वह लगातार सर्टिफिकेट के लिए जिलाधिकारी कार्यालय से आग्रह कर रहे हैं। प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी उनके सर्टिफिकेट नहीं बनाए गए।
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दोनों बहनों का कहना है कि उनकी छोटी बहन दीप्ति और उनके दोनों बच्चों तथा भाई विवेक वाष्णेय का आश्रित प्रमाण-पत्र फरवरी 2020 में जारी कर दिया गया था। चार साल से अधिक देरी होने पर मामले की शिकायत प्रदेश सरकार से की गई। उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव मनोज कुमार राय ने जिलाधिकारी से कहा, वह मामले को लटकाने वाले अफसरों और कर्मचारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करें। जल्द से जल्द रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए।
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