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Noida News: बंचारी मामला में आरोपी की सदमे से मौत, एक गंभीर
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-ग्रामीणों ने शव रखकर सर्विस रोड किया जाम, एक प्रमुख दल के कार्यकर्ता पर दबाव बनाने का आरोप
-बंचारी में दलित बच्चे पर पेट्रोल झिड़ककर आग लगाने व करंट लगाने का मामला
-पुलिस ने आरोपी कार्यकर्ता व एक अन्य महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। बंचारी गांव में अनुसूचित जाति के नाबालिग बच्चे के साथ मारपीट करने के आरोपी राजेंद्र की मंगलवार रात को मौत हो गई। स्वजन ने आरोप लगाया कि एक राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता द्वारा जातिगत रंग देकर एससी/एसटी केस दर्ज कर राजीनामे के नाम पर मोटे पैसे की डिमांड करने से आहत आरोपी के परिवार गहरा सदमा लगा। इसके कारण राजेंद्र की मौत हो गई जबकि दूसरे व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक के शव को घर से उठाकर हाइवे के सर्विस रोड़ पर रखकर बैठ गए। सूचना मिलते ही डीएसपी साहिल ढिल्लों व मुंडकटी थाना प्रभारी तेजपाल भारी पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने ग्रामीणों को समझाया कि शिकायत के आधार पर आरोपी कार्यकर्ता सहित महिला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया हैं। आरोपी कांग्रेस का कार्यकर्ता बताया जा रहा है।
थाना प्रभारी तेजपाल सिंह ने बताया कि गांव बंचारी निवासी जितेंद्र ने शिकायत में आरोप लगाया कि गांव तिगांव निवासी जितेंद्र चंदेलिया व अन्य ने मिलकर उसके पिता राजेंद्र व परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ एससी/एसटी व पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करवा दिया। इस दौरान कार्यकर्ता चंदेलिया ने सोशल मीडिया फेसबुक के माध्यम से सत्तापक्ष के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने के अलावा झूठे केस में गिरफ्तार कराने के लिए पुलिस प्रशासन पर लगातार दबाव बनाया। पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि इस मामले में जितेंद्र चंदेलिया व नाबालिग की मां ने बडी रकम की मांग की।
मानसिक प्रताड़ना के कारण उसके दादा भीम सिंह उर्फ उन्ना को लकवा हो गया और उसके पिता राजेंद्र सिंह की हृदय की गति रुकने से मौत हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जितेंद्र चंदेलिया सहित महिला सविता के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धारा सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
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यह था मामला
गौरतलब है कि 10 दिसंबर की देर रात करीब 1 बजे गांव का एक नाबालिग अपने दो साथियों के साथ जितेंद्र के घर पर चोरी के इरादे से घुस आया था। परिजनों के जागने पर एक नाबालिग को मौके पर पकड़ लिया और डायल 112 को सूचना दी गई थी। इस दौरान न केवल उसकी पिटाई की गई, बल्कि उसके पैर पर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी गई। उसे करंट भी लगाया गया।
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ग्रामीणों ने हाइवे को किया जाम-
बुधवार सुबह कार्यकर्ता द्वारा दी गई मानसिक यातनाओं से हुई मौत से गुस्साए ग्रामीण मुंडकटी थाना पहुंच गए और घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज की मांग की। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी तेजपाल सिंह गांव पहुंचे तो ग्रामीण कार्यकर्ता की गिरफ्तारी कर केस दर्ज करने की मांग पर अड़ गए। थाना प्रभारी ने पोस्टमार्टम होने के बाद कार्रवाई की बात की तो ग्रामीण नहीं माने और सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुषों मृतक राजेंद्र सिंह के शव को उठा हाइवे के रखकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी तेजपाल सिंह भारी संख्या में पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंच गए। थाना प्रभारी के समझाने पर ग्रामीण नहीं माने। इसके बाद डीएसपी साहिल ढिल्लों मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। डीएसपी के आश्वासन के बाद ग्रामीण मृतक के शव पोस्टमार्टम के करवाने के लिए रजामंद हो गए।
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पुलिस कर रही थी परेशान- परिजन
मृतक राजेंद्र के परिवार के लोगों ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ उच्च न्यायालय के गिरफ्तारी की रोक के आदेश के बाद पुलिस प्रशासन लगातार उनके घर पर दबिश दे रहा था। मंगलवार को थाना पुलिस ने कई बार घर पर गिरफ्तारी के लिए दबिश दी । पुलिस और कार्यकर्ता के बढ़ते मानसिक दबाव से उनके पिता की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ हाई कोर्ट में बुधवार सुनवाई होनी हैं।
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-पुलिस ने आरोपी कार्यकर्ता व एक अन्य महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। बंचारी गांव में अनुसूचित जाति के नाबालिग बच्चे के साथ मारपीट करने के आरोपी राजेंद्र की मंगलवार रात को मौत हो गई। स्वजन ने आरोप लगाया कि एक राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता द्वारा जातिगत रंग देकर एससी/एसटी केस दर्ज कर राजीनामे के नाम पर मोटे पैसे की डिमांड करने से आहत आरोपी के परिवार गहरा सदमा लगा। इसके कारण राजेंद्र की मौत हो गई जबकि दूसरे व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक के शव को घर से उठाकर हाइवे के सर्विस रोड़ पर रखकर बैठ गए। सूचना मिलते ही डीएसपी साहिल ढिल्लों व मुंडकटी थाना प्रभारी तेजपाल भारी पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने ग्रामीणों को समझाया कि शिकायत के आधार पर आरोपी कार्यकर्ता सहित महिला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया हैं। आरोपी कांग्रेस का कार्यकर्ता बताया जा रहा है।
थाना प्रभारी तेजपाल सिंह ने बताया कि गांव बंचारी निवासी जितेंद्र ने शिकायत में आरोप लगाया कि गांव तिगांव निवासी जितेंद्र चंदेलिया व अन्य ने मिलकर उसके पिता राजेंद्र व परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ एससी/एसटी व पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करवा दिया। इस दौरान कार्यकर्ता चंदेलिया ने सोशल मीडिया फेसबुक के माध्यम से सत्तापक्ष के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने के अलावा झूठे केस में गिरफ्तार कराने के लिए पुलिस प्रशासन पर लगातार दबाव बनाया। पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि इस मामले में जितेंद्र चंदेलिया व नाबालिग की मां ने बडी रकम की मांग की।
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मानसिक प्रताड़ना के कारण उसके दादा भीम सिंह उर्फ उन्ना को लकवा हो गया और उसके पिता राजेंद्र सिंह की हृदय की गति रुकने से मौत हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जितेंद्र चंदेलिया सहित महिला सविता के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धारा सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
यह था मामला
गौरतलब है कि 10 दिसंबर की देर रात करीब 1 बजे गांव का एक नाबालिग अपने दो साथियों के साथ जितेंद्र के घर पर चोरी के इरादे से घुस आया था। परिजनों के जागने पर एक नाबालिग को मौके पर पकड़ लिया और डायल 112 को सूचना दी गई थी। इस दौरान न केवल उसकी पिटाई की गई, बल्कि उसके पैर पर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी गई। उसे करंट भी लगाया गया।
ग्रामीणों ने हाइवे को किया जाम-
बुधवार सुबह कार्यकर्ता द्वारा दी गई मानसिक यातनाओं से हुई मौत से गुस्साए ग्रामीण मुंडकटी थाना पहुंच गए और घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज की मांग की। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी तेजपाल सिंह गांव पहुंचे तो ग्रामीण कार्यकर्ता की गिरफ्तारी कर केस दर्ज करने की मांग पर अड़ गए। थाना प्रभारी ने पोस्टमार्टम होने के बाद कार्रवाई की बात की तो ग्रामीण नहीं माने और सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुषों मृतक राजेंद्र सिंह के शव को उठा हाइवे के रखकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी तेजपाल सिंह भारी संख्या में पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंच गए। थाना प्रभारी के समझाने पर ग्रामीण नहीं माने। इसके बाद डीएसपी साहिल ढिल्लों मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। डीएसपी के आश्वासन के बाद ग्रामीण मृतक के शव पोस्टमार्टम के करवाने के लिए रजामंद हो गए।
पुलिस कर रही थी परेशान- परिजन
मृतक राजेंद्र के परिवार के लोगों ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ उच्च न्यायालय के गिरफ्तारी की रोक के आदेश के बाद पुलिस प्रशासन लगातार उनके घर पर दबिश दे रहा था। मंगलवार को थाना पुलिस ने कई बार घर पर गिरफ्तारी के लिए दबिश दी । पुलिस और कार्यकर्ता के बढ़ते मानसिक दबाव से उनके पिता की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ हाई कोर्ट में बुधवार सुनवाई होनी हैं।