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Noida News: बजट से रियल एस्टेट में नई उम्मीद, बंद परियोजनाओं के फिर शुरू होने की आस
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बजट से रियल एस्टेट में नई उम्मीद, बंद परियोजनाओं के फिर शुरू होने की आस
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। केंद्रीय बजट में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए की गई घोषणाओं ने फरीदाबाद के निवेशकों और खरीदारों में नई उम्मीद जगा दी है। रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट बनाने के प्रस्ताव को शहर के बाजार के लिए संभावित गेमचेंजर माना जा रहा है क्योंकि इससे वर्षों से अटकी हुई परियोजनाओं में फिर से काम शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।
ग्रेटर फरीदाबाद में कई बड़े आवासीय और मिश्रित उपयोग वाले प्रोजेक्ट लंबे समय से बंद पड़े हैं। इनमें हजारों फ्लैट और प्लॉट शामिल हैं, जिनमें निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसे हुए हैं। निर्माण रुकने, नकदी संकट और कानूनी अड़चनों के कारण ये परियोजनाएं अधर में लटकी रहीं, जिससे खरीदारों का भरोसा बुरी तरह प्रभावित हुआ।
बजट में प्रस्तावित रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट के जरिए परिसंपत्तियों की रीसाइक्लिंग तेज होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे डेवलपर्स को नई पूंजी मिलेगी और अधूरे प्रोजेक्ट फिर से पटरी पर लौट सकेंगे। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि ट्रस्ट प्रभावी ढंग से लागू हुआ तो बंद पड़े प्रोजेक्ट पूरे होने के साथ बाजार में तरलता भी बढ़ेगी।
स्थानीय बिल्डर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि ग्रेटर फरीदाबाद में अटकी परियोजनाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में मध्यम वर्गीय खरीदार प्रभावित हैं। उनका मानना है कि पुराने प्रोजेक्ट पूरे होने से नए निवेशकों का भरोसा लौटेगा और शहर के रियल एस्टेट बाजार में फिर से गति आएगी।
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फरीदाबाद। केंद्रीय बजट में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए की गई घोषणाओं ने फरीदाबाद के निवेशकों और खरीदारों में नई उम्मीद जगा दी है। रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट बनाने के प्रस्ताव को शहर के बाजार के लिए संभावित गेमचेंजर माना जा रहा है क्योंकि इससे वर्षों से अटकी हुई परियोजनाओं में फिर से काम शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।
ग्रेटर फरीदाबाद में कई बड़े आवासीय और मिश्रित उपयोग वाले प्रोजेक्ट लंबे समय से बंद पड़े हैं। इनमें हजारों फ्लैट और प्लॉट शामिल हैं, जिनमें निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसे हुए हैं। निर्माण रुकने, नकदी संकट और कानूनी अड़चनों के कारण ये परियोजनाएं अधर में लटकी रहीं, जिससे खरीदारों का भरोसा बुरी तरह प्रभावित हुआ।
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बजट में प्रस्तावित रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट के जरिए परिसंपत्तियों की रीसाइक्लिंग तेज होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे डेवलपर्स को नई पूंजी मिलेगी और अधूरे प्रोजेक्ट फिर से पटरी पर लौट सकेंगे। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि ट्रस्ट प्रभावी ढंग से लागू हुआ तो बंद पड़े प्रोजेक्ट पूरे होने के साथ बाजार में तरलता भी बढ़ेगी।
स्थानीय बिल्डर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि ग्रेटर फरीदाबाद में अटकी परियोजनाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में मध्यम वर्गीय खरीदार प्रभावित हैं। उनका मानना है कि पुराने प्रोजेक्ट पूरे होने से नए निवेशकों का भरोसा लौटेगा और शहर के रियल एस्टेट बाजार में फिर से गति आएगी।
