Greater Noida: 90 डिग्री मोड़ पर कोहरे में नहीं दिखा रास्ता...नाले में गिरी कार; सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में कोहरे के कारण कार नाले में गिर गई। हालांकि कार में दोनों सवार सुरक्षित रहे। जांच में 90 डिग्री मोड़ पर सुरक्षा इंतजाम न होने का मामला सामने आया, प्राधिकरण को सुधार के निर्देश दिए गए।
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ग्रेटर नोएडा के कासना कोतवाली क्षेत्र में शनिवार रात सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज की मौत जैसा बड़ा हादसा टल गया। कोहरे के कारण रास्ता नहीं दिखने पर एक कार नाले में जा गिरी। गनीमत रही कि नाले में ज्यादा पानी नहीं था। कार में सवार दोनों व्यक्ति बाहर निकल आए। हालांकि, सूचना मिलने पर कासना कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाई और कार को बाहर निकलवाया।
वहीं रविवार को सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। जांच में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही सामने आई है। वहां 90 डिग्री मोड़ पर सुरक्षा इंतजाम नहीं मिले। वहीं घटना के बाद प्राधिकरण ने लकड़ी से कवर कर इतिश्री कर ली। इटावा निवासी सुनील कुमार शनिवार देर रात करीब तीन बजे अपनी कार व चालक रिजवान के साथ लुक्सर से परी चौक की तरफ जा रहे थे। उनकी कार ओला टैक्सी कंपनी के साथ जुड़ी है। उस समय घना कोहरा था। जब वो सेक्टर इकोटेक-6 की ओपो कंपनी की तरफ से भाटी गोल चक्कर की तरफ जा रहे थे तो कोहरे के कारण गोल चक्कर से पहले ही 90 डिग्री मोड़ नहीं दिखा और कार सीधे नाले में जा गिरी। गिरने के बाद कार सीधी खड़ी हो गई। नाले में पानी कम होने के साथ बहाव भी धीमा था। जिस कारण कार सवार दोनों व्यक्ति सुरक्षित बाहर निकल आए।
वहीं किसी ने डायल 112 पर सूचना दी। सूचना पर कासना कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कार में कोई नहीं था। रविवार सुबह क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया। मोड़ पर नाले की तरफ नहीं थी रोक : सदर तहसील की टीम ने घटना स्थल की जांच की। सेक्टर-150 की तरह यहां भी रास्ते में 90 डिग्री का मोड़ है। मोड़ पर नाला है, लेकिन वहां पर बैरिकेडिंग, बैरियर, रिफ्लेक्टर टेप जैसे सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। केवल मिट्टी का छोटा सा ढ़ेर लगाया हुआ था। प्रशासन ने जांच के बाद प्राधिकरण को पत्र लिखा है और वहां पर सीमेंटेड बैरिकेडिंग जैसे इंतजाम करने को कहा है। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराने को कहा है।
लकड़ी की बल्ली लगाकर की इतिश्री
घटना के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण हरकत में आया, लेकिन मौके पर केवल लकड़ी की बल्लियां लगाकर इतिश्री कर ली। उस पर छोटी-छोटी रिफ्लेक्टर टेप भी लगाई है, लेकिन वो काफी नहीं है। लोगों का आरोप है कि शहर के खतरनाक प्वाइंट पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है। वहां पर फिर हादसा होने का खतरा है।
घटना के बाद सभी विभाग रहे सक्रिय
नोएडा के सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज की मौत की घटना में पुलिस से लेकर प्रशासन और प्राधिकरण की लापरवाही देखने को मिली थी पर यहां सभी सक्रिय दिखे। सूचना पर कासना कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और कार को बाहर निकाला। साथ ही सुबह जिला प्रशासन व प्राधिकरण को सूचना दी। सूचना पर प्राधिकरण और प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। प्रशासन की टीम ने निरीक्षण कर वहां मिली खामियों की एक रिपोर्ट प्राधिकरण को भेजी है।
