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Noida News: किस्त भरने पर भी जब्त की कार, कंपनी को ब्याज समेत पैसा लौटाने के आदेश
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हथियार दिखाकर कार छीनकर ले गए, बाद में कंपनी ने कार जब्त होने की दी थी सूचना
जिला उपभोक्ता आयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। पूरी किस्त जमा करने के बाद भी फाइनेंस कंपनी ने कार जब्त कर उसे बेच दिया। जिला उपभोक्ता आयोग ने अब फाइनेंस कंपनी पर 6 प्रतिशत ब्याज के हिसाब से उपभोक्ता को 8.5 लाख रुपये 30 दिनों के भीतर लौटाने के आदेश दिए हैं। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने मामले की सुनवाई की।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा के तुस्याना गांव निवासी जितेंद्र ने साल 2012 में महेंद्रा एंड महेंद्रा फाइनेंशियल सर्विस लिमिटेड से एक कार फाइनेंस कराई थी। तय शर्तों के अनुसार, उन्हें हर महीने 13,050 रुपये की किस्त जमा करनी थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह समय पर सभी किस्तों का भुगतान करते रहे। 26 अगस्त 2017 उनके दोस्त कार लेकर गए थे। जब वह ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी गांव के पास पहुंचे तो कुछ लोगों ने उनकी कार रुकवा ली और हथियार दिखाकर कार छीनकर ले गए। बाद में कंपनी ने उनके पास फोन कर बताया कि बकाया किस्तों के कारण कार जब्त की गई है।
जितेंद्र ने कंपनी को बताया कि उन्होंने सभी किस्तें जमा कर दीं हैं, यदि कोई बकाया है तो वह उसे भी चुका देगा। बावजूद कंपनी ने न तो कार वापस की न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। बाद में उन्हें पता चला कि उसकी कार किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी गई है। काफी प्रयासों के बाद भी जब कंपनी ने कार और जमा रकम नहीं लौटाई तो उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने इसे कंपनी का अनुचित व्यापारिक व्यवहार माना। आयोग ने कंपनी को ब्याज समेत पूरी रकम वापस करने के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा कि पांच हजार रुपये मानसिक पीड़ा और पांच हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी भुगतान करने होंगे।
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जिला उपभोक्ता आयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। पूरी किस्त जमा करने के बाद भी फाइनेंस कंपनी ने कार जब्त कर उसे बेच दिया। जिला उपभोक्ता आयोग ने अब फाइनेंस कंपनी पर 6 प्रतिशत ब्याज के हिसाब से उपभोक्ता को 8.5 लाख रुपये 30 दिनों के भीतर लौटाने के आदेश दिए हैं। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने मामले की सुनवाई की।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा के तुस्याना गांव निवासी जितेंद्र ने साल 2012 में महेंद्रा एंड महेंद्रा फाइनेंशियल सर्विस लिमिटेड से एक कार फाइनेंस कराई थी। तय शर्तों के अनुसार, उन्हें हर महीने 13,050 रुपये की किस्त जमा करनी थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह समय पर सभी किस्तों का भुगतान करते रहे। 26 अगस्त 2017 उनके दोस्त कार लेकर गए थे। जब वह ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी गांव के पास पहुंचे तो कुछ लोगों ने उनकी कार रुकवा ली और हथियार दिखाकर कार छीनकर ले गए। बाद में कंपनी ने उनके पास फोन कर बताया कि बकाया किस्तों के कारण कार जब्त की गई है।
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जितेंद्र ने कंपनी को बताया कि उन्होंने सभी किस्तें जमा कर दीं हैं, यदि कोई बकाया है तो वह उसे भी चुका देगा। बावजूद कंपनी ने न तो कार वापस की न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। बाद में उन्हें पता चला कि उसकी कार किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी गई है। काफी प्रयासों के बाद भी जब कंपनी ने कार और जमा रकम नहीं लौटाई तो उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने इसे कंपनी का अनुचित व्यापारिक व्यवहार माना। आयोग ने कंपनी को ब्याज समेत पूरी रकम वापस करने के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा कि पांच हजार रुपये मानसिक पीड़ा और पांच हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी भुगतान करने होंगे।