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Noida News: बरसाती नुकसान के सर्वे पर विवाद, किसान की शिकायत पर जांच के आदेश
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- तीन सदस्यीय टीम करेगी पुनः सर्वे, रिपोर्ट तीन दिन में देने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। हाल ही में हुई असामयिक बारिश से गेहूं की फसल को हुए नुकसान के आकलन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बीमा कंपनी के सर्वे से असंतुष्ट एक किसान की शिकायत के बाद कृषि विभाग ने मामले में पुनः जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है, जो पूरे प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा करेगी।
जानकारी के अनुसार जिले में 24 किसानों ने भारत सरकार के टोल-फ्री नंबर 14447 पर फसल नुकसान की शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इनमें से 18 किसानों ने अपनी फसल का बीमा ही नहीं कराया था, जिसके चलते उनकी शिकायतें खारिज कर दी गईं। वहीं शेष छह किसानों की फसल बीमित पाई गई, जिनका सर्वे बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा किया गया। हालांकि सर्वे रिपोर्ट में इन किसानों की फसल को बारिश से प्रभावित नहीं माना गया, जिससे किसानों में असंतोष पैदा हो गया। फजालपुर निवासी किसान शेखर ने आरोप लगाया कि उनकी फसल का सही तरीके से सर्वे नहीं किया गया। उन्होंने आरजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए राजीव कुमार ने कृषि, राजस्व विभाग और बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को शामिल कर जांच समिति गठित की है। समिति को सभी मामलों का दोबारा सर्वे कर निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले की दादरी, सदर और जेवर तहसीलों में कुल 4260 किसानों ने 1543.20 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल का बीमा कराया है। मार्च और अप्रैल में हुई बारिश के कारण फसल को नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते मुआवजे को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं।
कोट-
किसान की शिकायत के आधार पर जांच कराई जा रही है। यदि पुनः सर्वे में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - राजीव कुमार उप कृषि निदेशक गौतमबुद्धनगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। हाल ही में हुई असामयिक बारिश से गेहूं की फसल को हुए नुकसान के आकलन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बीमा कंपनी के सर्वे से असंतुष्ट एक किसान की शिकायत के बाद कृषि विभाग ने मामले में पुनः जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है, जो पूरे प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा करेगी।
जानकारी के अनुसार जिले में 24 किसानों ने भारत सरकार के टोल-फ्री नंबर 14447 पर फसल नुकसान की शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इनमें से 18 किसानों ने अपनी फसल का बीमा ही नहीं कराया था, जिसके चलते उनकी शिकायतें खारिज कर दी गईं। वहीं शेष छह किसानों की फसल बीमित पाई गई, जिनका सर्वे बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा किया गया। हालांकि सर्वे रिपोर्ट में इन किसानों की फसल को बारिश से प्रभावित नहीं माना गया, जिससे किसानों में असंतोष पैदा हो गया। फजालपुर निवासी किसान शेखर ने आरोप लगाया कि उनकी फसल का सही तरीके से सर्वे नहीं किया गया। उन्होंने आरजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए राजीव कुमार ने कृषि, राजस्व विभाग और बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को शामिल कर जांच समिति गठित की है। समिति को सभी मामलों का दोबारा सर्वे कर निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले की दादरी, सदर और जेवर तहसीलों में कुल 4260 किसानों ने 1543.20 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल का बीमा कराया है। मार्च और अप्रैल में हुई बारिश के कारण फसल को नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते मुआवजे को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं।
कोट-
किसान की शिकायत के आधार पर जांच कराई जा रही है। यदि पुनः सर्वे में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - राजीव कुमार उप कृषि निदेशक गौतमबुद्धनगर