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Noida News: यीडा के आगरा अर्बन सेंटर में जल्द शुरू होगा विकास, बोर्ड में जाएगा प्रस्ताव
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- आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना पर आपत्ति-सुझाव की प्रक्रिया पूरी
- महायोजना क्षेत्र की किसी भी वेटलैंड और ग्रीनबेल्ट की जमीनों को सेक्टरों के विकास में नहीं किया जाएगा शामिल
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा अर्बन सेंटर में जल्दी विकास कार्य शुरू हो सकते हैं। इसके लिए महायोजना 2041 को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के बोर्ड में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। 14480 हेक्टेयर में विकास के लिए बनी महायोजना के ड्राफ्ट पर आपत्ति-सुझाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब बोर्ड की मंजूरी के बाद यहां जमीन खरीद और अन्य विकास कार्य की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
यीडा के अधिकारियों के मुताबिक महायोजना 2041 का ड्राफ्ट कई चरण की प्रक्रिया और बैठकों के बाद बोर्ड से अनुमोदित कर दिया गया था। इसके बाद आपत्ति और सुझाव की प्रक्रिया प्राधिकरण ने पिछले दिनों शुरू कराई थी। यह प्रक्रिया अब पूरी हो गई है। आईटी और पर्यटन उद्योग का हब बनाने और गैर प्रदूषणकारी उद्योग को विकसित करने की योजना यहां बनी है। इसी को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक पार्क और क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
औद्योगिक विकास में पर्यावरण के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हो। इसके लिए विशेष ध्यान रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रीनबेल्ट और तालाब-वेटलैंड को लेकर कुछ आपत्तियां इस प्रक्रिया में मिली थीं। इनका निस्तारण कर लिया गया है जिसकी सूचना बोर्ड के सामने अनुमति के लिए रखी जानी है। यह भी प्रस्ताव रखा जा रहा है कि किसी भी सेक्टर के विकास के दौरान जंगलनुमा ग्रीनबेल्ट और वेटलैंड को नहीं शामिल किया जाए। खासतौर पर यमुना किनारे और झरना नाला जंगल को औद्योगिक या आवासीय सेक्टरों के विकास के दौरान अलग रखा जाएगा।
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जीबीयू भी कर चुका महायोजना का परीक्षण
सीईओ राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर गौतमबुद्ध विवि के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर से भी इस महायोजना का परीक्षण कराया गया है। उनके 105 सुझावों को भी संशोधित ड्राफ्ट में शामिल कर लिया गया था। जीबीयू का सुझाव था कि इस योजना को अलग अर्बन नोड बनाने की जगह आगरा के ही विस्तार की तरह विकसित किया जाए। यहां के आर्किटेक्चर में भी आगरा की झलक दिखनी चाहिए।
इनसेट-
10 लाख को रोजगार, 15 लाख को आवास
महायोजना के मुताबिक तीन चरणों में 15 लाख की आबादी के लिए यहां विकास कार्य पूरे होंगे। एचआईजी, एमआईजी, एलआईजी और ईडब्लूएस वर्ग के लिए आवासीय सुविधा यहां दी जानी है। वहीं औद्योगिक सेक्टरों में करीब 10 लाख को रोजगार यहां मिल सकेगा। आगरा अर्बन सेंटर में 405 हेक्टेयर में पर्यटन क्षेत्र के लिए दो जोन अलग से विकसित होने हैं। यहां फाइव स्टार होटल के अलावा रिसोर्ट, एग्जीबिशन एंड ट्रेड सेंटर, रिवरफ्रंट, थीम पार्क, वेलनेस सेंटर आदि बनाए जाने हैं। इसके अलावा गोल्फ कोर्स, स्पोर्ट्स विलेज और बायोडायवर्सिटी पार्क की भी योजना शामिल की गई है।
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आगरा अर्बन सेंटर: लैंडयूज फैक्ट फाइल
लैंडयूज- प्रतिशत
आवासीय- 27.7
व्यावसायिक- 3.8
व्यावसायिक टूरिज्म- 1.6
औद्योगिक- 20.11
मिक्स लैंड- 5.0
संस्थागत- 2.7
सर्विस- 1.0
मनोरंजन- 3.6
पीएसपी टूरिज्म- 2.0
ग्रीन- 5.4
ग्रीन बफर, नदी किनारे- 8.2
कृषि- 1.4
वन- 3.0
लाजिस्टिक- 2.0
सड़क व इंफ्रास्ट्रक्चर- 12.6
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अतुल भारद्वाज
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- महायोजना क्षेत्र की किसी भी वेटलैंड और ग्रीनबेल्ट की जमीनों को सेक्टरों के विकास में नहीं किया जाएगा शामिल
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा अर्बन सेंटर में जल्दी विकास कार्य शुरू हो सकते हैं। इसके लिए महायोजना 2041 को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के बोर्ड में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। 14480 हेक्टेयर में विकास के लिए बनी महायोजना के ड्राफ्ट पर आपत्ति-सुझाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब बोर्ड की मंजूरी के बाद यहां जमीन खरीद और अन्य विकास कार्य की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
यीडा के अधिकारियों के मुताबिक महायोजना 2041 का ड्राफ्ट कई चरण की प्रक्रिया और बैठकों के बाद बोर्ड से अनुमोदित कर दिया गया था। इसके बाद आपत्ति और सुझाव की प्रक्रिया प्राधिकरण ने पिछले दिनों शुरू कराई थी। यह प्रक्रिया अब पूरी हो गई है। आईटी और पर्यटन उद्योग का हब बनाने और गैर प्रदूषणकारी उद्योग को विकसित करने की योजना यहां बनी है। इसी को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक पार्क और क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
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औद्योगिक विकास में पर्यावरण के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हो। इसके लिए विशेष ध्यान रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रीनबेल्ट और तालाब-वेटलैंड को लेकर कुछ आपत्तियां इस प्रक्रिया में मिली थीं। इनका निस्तारण कर लिया गया है जिसकी सूचना बोर्ड के सामने अनुमति के लिए रखी जानी है। यह भी प्रस्ताव रखा जा रहा है कि किसी भी सेक्टर के विकास के दौरान जंगलनुमा ग्रीनबेल्ट और वेटलैंड को नहीं शामिल किया जाए। खासतौर पर यमुना किनारे और झरना नाला जंगल को औद्योगिक या आवासीय सेक्टरों के विकास के दौरान अलग रखा जाएगा।
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जीबीयू भी कर चुका महायोजना का परीक्षण
सीईओ राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर गौतमबुद्ध विवि के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर से भी इस महायोजना का परीक्षण कराया गया है। उनके 105 सुझावों को भी संशोधित ड्राफ्ट में शामिल कर लिया गया था। जीबीयू का सुझाव था कि इस योजना को अलग अर्बन नोड बनाने की जगह आगरा के ही विस्तार की तरह विकसित किया जाए। यहां के आर्किटेक्चर में भी आगरा की झलक दिखनी चाहिए।
इनसेट-
10 लाख को रोजगार, 15 लाख को आवास
महायोजना के मुताबिक तीन चरणों में 15 लाख की आबादी के लिए यहां विकास कार्य पूरे होंगे। एचआईजी, एमआईजी, एलआईजी और ईडब्लूएस वर्ग के लिए आवासीय सुविधा यहां दी जानी है। वहीं औद्योगिक सेक्टरों में करीब 10 लाख को रोजगार यहां मिल सकेगा। आगरा अर्बन सेंटर में 405 हेक्टेयर में पर्यटन क्षेत्र के लिए दो जोन अलग से विकसित होने हैं। यहां फाइव स्टार होटल के अलावा रिसोर्ट, एग्जीबिशन एंड ट्रेड सेंटर, रिवरफ्रंट, थीम पार्क, वेलनेस सेंटर आदि बनाए जाने हैं। इसके अलावा गोल्फ कोर्स, स्पोर्ट्स विलेज और बायोडायवर्सिटी पार्क की भी योजना शामिल की गई है।
आगरा अर्बन सेंटर: लैंडयूज फैक्ट फाइल
लैंडयूज- प्रतिशत
आवासीय- 27.7
व्यावसायिक- 3.8
व्यावसायिक टूरिज्म- 1.6
औद्योगिक- 20.11
मिक्स लैंड- 5.0
संस्थागत- 2.7
सर्विस- 1.0
मनोरंजन- 3.6
पीएसपी टूरिज्म- 2.0
ग्रीन- 5.4
ग्रीन बफर, नदी किनारे- 8.2
कृषि- 1.4
वन- 3.0
लाजिस्टिक- 2.0
सड़क व इंफ्रास्ट्रक्चर- 12.6
अतुल भारद्वाज