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Noida News: महिला और साथियों पर झूठे केस में फंसाने व मारपीट का आरोप
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- गरीब महिला की मदद बनी मुसीबत, होटल में बुलाकर ब्लैकमेल कर 10 लाख की मांग का आरोप माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। आगरा निवासी एक व्यक्ति को कथित तौर पर महिलाओं और उनके साथियों के गिरोह ने पहले भावनात्मक तरीके से जाल में फंसाया और बाद में ब्लैकमेल कर 10 लाख रुपये की मांग की। पीड़ित ने मामले में न्यायालय की शरण लेते हुए सोमवार को बिसरख कोतवाली में केस दर्ज कराया है।
आगरा निवासी को उनकी सोसायटी के गार्ड ने एक महिला अंजुम परवीन से मिलवाया था। महिला ने बीमारी, आर्थिक तंगी और पारिवारिक समस्याओं का हवाला देकर सहायता मांगी। मानवता के नाते पीड़ित ने यूपीआई के माध्यम से उसे कुछ पैसे भेज दिए। कुछ समय बाद महिला ने अपनी छोटी बहन जोया उर्फ हीना का हवाला देकर भी पैसे मांगने शुरू कर दिए। इसी दौरान एक व्यक्ति राज नारायण सिंह ने खुद को हीना का कोचिंग टीचर बताते हुए फोन किया और आर्थिक मदद की अपील की। विश्वास में आकर पीड़ित ने कुछ और पैसे दे दिए।
14 दिसंबर 2025 को जोया उर्फ हीना ने पीड़ित को फोन कर गौड़ सिटी मॉल बुलाया। उसने कहा कि उसकी बहन बीमार है और वह पैसे लौटाना चाहती है। पीड़ित पैसे वापस लेने और उनकी मदद करने के उद्देश्य से मॉल पहुंच गए। मॉल में कुछ देर बातचीत के बाद जोया पीड़ित को एक होटल के कमरे में ले गई। वहां अचानक उसने शोर मचाना शुरू कर दिया और पीड़ित को धमकाते हुए कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो वह झूठे मुकदमे में फंसा देगी। घबराया हुआ पीड़ित किसी तरह वहां से निकलकर अपनी गाड़ी तक पहुंचे। इसी बीच उन्हें राज नारायण सिंह का फोन आया, जिसने मामले को सुलझाने का झांसा देकर दोबारा मिलने को कहा। जब पीड़ित वापस पहुंचे तो वहां अंजुम परवीन, राज नारायण और कुछ अन्य लोग पहले से मौजूद थे। सभी ने पीड़ित से 10 लाख रुपये की मांग की और मना करने पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। वहीं कोतवाली प्रभारी कृष्ण गोपाल शर्मा का कहना है कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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ग्रेटर नोएडा। आगरा निवासी एक व्यक्ति को कथित तौर पर महिलाओं और उनके साथियों के गिरोह ने पहले भावनात्मक तरीके से जाल में फंसाया और बाद में ब्लैकमेल कर 10 लाख रुपये की मांग की। पीड़ित ने मामले में न्यायालय की शरण लेते हुए सोमवार को बिसरख कोतवाली में केस दर्ज कराया है।
आगरा निवासी को उनकी सोसायटी के गार्ड ने एक महिला अंजुम परवीन से मिलवाया था। महिला ने बीमारी, आर्थिक तंगी और पारिवारिक समस्याओं का हवाला देकर सहायता मांगी। मानवता के नाते पीड़ित ने यूपीआई के माध्यम से उसे कुछ पैसे भेज दिए। कुछ समय बाद महिला ने अपनी छोटी बहन जोया उर्फ हीना का हवाला देकर भी पैसे मांगने शुरू कर दिए। इसी दौरान एक व्यक्ति राज नारायण सिंह ने खुद को हीना का कोचिंग टीचर बताते हुए फोन किया और आर्थिक मदद की अपील की। विश्वास में आकर पीड़ित ने कुछ और पैसे दे दिए।
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14 दिसंबर 2025 को जोया उर्फ हीना ने पीड़ित को फोन कर गौड़ सिटी मॉल बुलाया। उसने कहा कि उसकी बहन बीमार है और वह पैसे लौटाना चाहती है। पीड़ित पैसे वापस लेने और उनकी मदद करने के उद्देश्य से मॉल पहुंच गए। मॉल में कुछ देर बातचीत के बाद जोया पीड़ित को एक होटल के कमरे में ले गई। वहां अचानक उसने शोर मचाना शुरू कर दिया और पीड़ित को धमकाते हुए कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो वह झूठे मुकदमे में फंसा देगी। घबराया हुआ पीड़ित किसी तरह वहां से निकलकर अपनी गाड़ी तक पहुंचे। इसी बीच उन्हें राज नारायण सिंह का फोन आया, जिसने मामले को सुलझाने का झांसा देकर दोबारा मिलने को कहा। जब पीड़ित वापस पहुंचे तो वहां अंजुम परवीन, राज नारायण और कुछ अन्य लोग पहले से मौजूद थे। सभी ने पीड़ित से 10 लाख रुपये की मांग की और मना करने पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। वहीं कोतवाली प्रभारी कृष्ण गोपाल शर्मा का कहना है कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है।