सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   dsgf

Noida News: गैंगस्टर की गिरफ्तारी के लिए एसओजी ने बांदा में डाला डेरा, रेड कार्नर नोटिस की तैयारी

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 01 Feb 2026 08:24 PM IST
विज्ञापन
dsgf
विज्ञापन
फोटो
Trending Videos

- जेल से बाहर आने के बाद एक मिनट में फरार हुआ था गैंगस्टर रवि काना, नेपाल बॉर्डर तक दबिश
- नोएडा पुलिस ने बांदा जेल प्रशासन को व्हाट्सऐप पर संदेश भेजने के साथ फोन पर दी थी सीजेएम से जारी बी-वारंट की जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बांदा जेल से गैंगस्टर रवि काना की गुपचुप रिहाई के मामले में सेंट्रल नोएडा जोन पुलिस की एसओजी के साथ पुलिस टीमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर नेपाल बॉर्डर तक डेरा डाले हुए हैं। सेंट्रल नोएडा जोन की एसओजी सहित कुल छह विशेष पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जबकि तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपी और उसके मददगारों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। स्क्रैप माफिया के विदेश भागने की आशंका को देखते हुए नोएडा पुलिस अब उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की तैयारी कर रही है। इसके लिए इंटरपोल के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज और केस से जुड़ी पूरी जानकारी भेजी गई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि रवि काना की रिहाई पहले से सुनियोजित थी। जेल गेट के बाहर दो सफेद रंग की कारें पहले से मौजूद थीं। एक कार में एक महिला, जबकि दूसरी में तीन युवक सवार थे। आरोप है कि इनमें रवि काना की बहन और उसका चचेरा भाई शामिल थे। जैसे ही जेल से बाहर आया, रवि काना ने अपना सामान कार में रखा और बिना किसी देरी के मौके से फरार हो गया। उस समय अन्य बंदियों की भी रिहाई हो रही थी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और अधिक ढीली नजर आई। नोएडा पुलिस की ओर से बांदा जेल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जेल पहुंचने वाले वाहनों, लोगों और संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जेल प्रशासन के पास जानकारी होने के बावजूद हुई रिहाई: नोएडा पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रवि काना की ओर से जिला गैंगस्टर कोर्ट में जमानत से संबंधित दस्तावेज जमा किए गए थे। इसके बाद नोएडा पुलिस तुरंत हरकत में आई और सेक्टर-63 थाने में दर्ज जबरन वसूली के मामले में आरोपी को रिमांड पर लेने के लिए सीजेएम अदालत में आवेदन किया। अदालत ने जनवरी-2026 में दर्ज मामले में पहली बार रिमांड के लिए आरोपी को व्यक्तिगत रूप से पेश किए जाने का आदेश दिया था। लेकिन बांदा जेल प्रशासन ने पुलिस गार्द उपलब्ध न होने का हवाला देकर पेशी नहीं कराई। उसकी वीसी के माध्यम से भी पेश किया जाना था। साथ ही नोएडा पुलिस की ओर से बांदा जेल प्रशासन को व्हाट्सऐप संदेश और फोन कॉल के जरिए जारी होने वाले बी-वारंट और अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी के संबंध में जानकारी भी दी गई थी। इसके बावजूद जेल प्रशासन ने आरोपी को रिहा कर दिया।
अधिकारियों और सफेदपोशों का हाथ: रवि काना की गुपचुप रिहाई को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। चर्चा है कि लखनऊ में बैठे कुछ अधिकारियों और सफेदपोशों ने जेल प्रशासन पर दबाव बनाकर आरोपी को जल्द रिहा कराने की कोशिश की। उन्होंने बांदा जेल प्रशासन को गैंगस्टर को जल्द से जल्द छोड़ने के लिए भी कहा था। नोएडा पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजने की तैयारी में है।
पूर्व में थाईलैंड से हो चुकी है गिरफ्तारी: रवि काना पर स्क्रैप कारोबार की आड़ में अवैध वसूली, जमीन कब्जाने, धमकी, मारपीट और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस जांच में ऐसे इनपुट भी मिले हैं, जिनसे संकेत मिलते हैं कि वह एक बार फिर विदेश में पनाह लेने की कोशिश कर सकता है। इसी वजह से पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article