{"_id":"6a6bb652417339c976099d3d","slug":"education-and-facilities-in-council-schools-will-be-regularly-monitored-using-kpis-noida-news-c-23-1-lko1064-101783-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: केपीआई से परिषदीय स्कूलों की शिक्षा और सुविधाओं की होगी नियमित निगरानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: केपीआई से परिषदीय स्कूलों की शिक्षा और सुविधाओं की होगी नियमित निगरानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- निपुण भारत मिशन से लेकर विद्यालय निर्माण तक तय होंगे प्रदर्शन मानक, पोर्टल से होगी समीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से लागू की गई परिणाम आधारित कार्य प्रणाली (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स-केपीआई) का असर अब गौतमबुद्ध नगर के परिषदीय विद्यालयों में भी दिखाई देगा। इसके तहत जिले में निपुण भारत मिशन, कैच-अप कार्यक्रम, शिक्षक प्रशिक्षण, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर और विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाएगी।
केपीआई के माध्यम से विद्यालय, ब्लॉक और जिला स्तर पर निर्धारित लक्ष्यों के आधार पर कार्यों की समीक्षा होगी। विद्यार्थियों के अधिगम स्तर, शिक्षण प्रक्रिया और विभिन्न योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन तय मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसके लिए पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग और गैप एनालिसिस की व्यवस्था की गई है, जिससे कमियों की पहचान कर समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
भाषा और गणितीय दक्षताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान -
निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों की बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षक प्रशिक्षण और मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जाएगा, ताकि विद्यालयों में शिक्षण गुणवत्ता बेहतर हो सके।केपीआई के तहत विद्यालयों की भौतिक सुविधाओं की भी समीक्षा होगी। इसमें विद्यालय निर्माण कार्यों की प्रगति, ऑपरेशन कायाकल्प के कार्य, जर्जर भवनों के निस्तारण, आधारभूत सुविधाओं के विकास और फर्नीचर की उपलब्धता जैसे बिंदु शामिल किए गए हैं।
विज्ञापन
गतिविधियों की प्रगति समय पर दर्ज करनी होगी-
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। अधिकारियों को सभी गतिविधियों की प्रगति समय पर दर्ज करनी होगी। लक्ष्य पूरे नहीं होने पर विशेष कार्ययोजना बनाकर सुधार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केपीआई व्यवस्था से विद्यालयों में जवाबदेही बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। समग्र शिक्षा अभियान के तहत अगस्त और सितंबर माह के लिए तय प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जाएगा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से लागू की गई परिणाम आधारित कार्य प्रणाली (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स-केपीआई) का असर अब गौतमबुद्ध नगर के परिषदीय विद्यालयों में भी दिखाई देगा। इसके तहत जिले में निपुण भारत मिशन, कैच-अप कार्यक्रम, शिक्षक प्रशिक्षण, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर और विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाएगी।
केपीआई के माध्यम से विद्यालय, ब्लॉक और जिला स्तर पर निर्धारित लक्ष्यों के आधार पर कार्यों की समीक्षा होगी। विद्यार्थियों के अधिगम स्तर, शिक्षण प्रक्रिया और विभिन्न योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन तय मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसके लिए पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग और गैप एनालिसिस की व्यवस्था की गई है, जिससे कमियों की पहचान कर समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
विज्ञापन
भाषा और गणितीय दक्षताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान -
निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों की बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षक प्रशिक्षण और मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जाएगा, ताकि विद्यालयों में शिक्षण गुणवत्ता बेहतर हो सके।केपीआई के तहत विद्यालयों की भौतिक सुविधाओं की भी समीक्षा होगी। इसमें विद्यालय निर्माण कार्यों की प्रगति, ऑपरेशन कायाकल्प के कार्य, जर्जर भवनों के निस्तारण, आधारभूत सुविधाओं के विकास और फर्नीचर की उपलब्धता जैसे बिंदु शामिल किए गए हैं।
विज्ञापन
गतिविधियों की प्रगति समय पर दर्ज करनी होगी-
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। अधिकारियों को सभी गतिविधियों की प्रगति समय पर दर्ज करनी होगी। लक्ष्य पूरे नहीं होने पर विशेष कार्ययोजना बनाकर सुधार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केपीआई व्यवस्था से विद्यालयों में जवाबदेही बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। समग्र शिक्षा अभियान के तहत अगस्त और सितंबर माह के लिए तय प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जाएगा।