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Noida News: बिजली विभाग पर वादाखिलाफी का आरोप, झुलसे संविदाकर्मी का परिवार कर्ज में डूबा
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परिवार पर मंडराने लगा आजीविका का संकट
यमुना सिटी/जेवर। जेवर के सिरसा खादर गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही और वादाखिलाफी से पीड़ित परिवार गंभीर संकट में घिर गया है। 10 जनवरी को 11 हजार वोल्ट की लाइन पर कार्य के दौरान संविदाकर्मी सुभाष निषाद अचानक बिजली सप्लाई चालू हो जाने से बुरी तरह झुलस गए थे। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली घर का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया था। इसके बाद बिजली विभाग के अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को इलाज का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया था।
परिजनों का आरोप है कि आश्वासन के 15 दिन बीत जाने के बावजूद बिजली विभाग ने अब तक इलाज के लिए कोई आर्थिक सहायता नहीं दी। इस कारण सुभाष निषाद का परिवार इलाज के भारी खर्च के बोझ तले कर्ज में डूबता जा रहा है। पीड़ित का अस्पताल में अब भी उपचार चल रहा है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे को लेकर पुलिस ने भी कार्रवाई की थी। मामले में एसडीओ, लाइनमैन समेत बिजली विभाग के कुल पांच कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली विभाग ने जल्द अपने वादे पूरे नहीं किए तो वे दोबारा आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल पीड़ित परिवार मदद की आस लगाए बैठा है।
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13 फरवरी को दो बेटियों की होनी है शादी
परिवार के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है। सुभाष निषाद के पांच बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां शामिल हैं। आगामी 13 फरवरी को उनकी दो बेटियों की शादी तय है। परिवार के मुताबिक एक ओर अस्पताल में रोजाना करीब एक लाख रुपये तक इलाज में खर्च हो रहा है, तो दूसरी ओर शादी की तारीख नजदीक आने से परिवार पर दोहरी मार पड़ रही है। इसके साथ ही अन्य तीन बच्चों की पढ़ाई और पूरे परिवार की आजीविका भी संकट मंडराने लगी हैं।
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सामान्य जीवन नहीं जी पाएंगे सुभाष, पत्नी ने रखी तीन मांगें
परिजनों के मुताबिक हादसे के बाद सुभाष निषाद स्थायी रूप से अपंग हो गए हैं और अब सामान्य जीवन जीने में असमर्थ हैं। परिवार की जिम्मेदारी अब पूरी तरह उनकी पत्नी के कंधों पर आ गई है। मजबूरी में पीड़ित की पत्नी ने बिजली विभाग के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इलाज में अब तक और आगे होने वाले पूरे खर्च की भरपाई, बेटियों की शादी में आर्थिक सहायता तथा परिवार की आजीविका के लिए बड़े बेटे को नौकरी दी जाए।
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यमुना सिटी/जेवर। जेवर के सिरसा खादर गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही और वादाखिलाफी से पीड़ित परिवार गंभीर संकट में घिर गया है। 10 जनवरी को 11 हजार वोल्ट की लाइन पर कार्य के दौरान संविदाकर्मी सुभाष निषाद अचानक बिजली सप्लाई चालू हो जाने से बुरी तरह झुलस गए थे। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली घर का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया था। इसके बाद बिजली विभाग के अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को इलाज का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया था।
परिजनों का आरोप है कि आश्वासन के 15 दिन बीत जाने के बावजूद बिजली विभाग ने अब तक इलाज के लिए कोई आर्थिक सहायता नहीं दी। इस कारण सुभाष निषाद का परिवार इलाज के भारी खर्च के बोझ तले कर्ज में डूबता जा रहा है। पीड़ित का अस्पताल में अब भी उपचार चल रहा है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे को लेकर पुलिस ने भी कार्रवाई की थी। मामले में एसडीओ, लाइनमैन समेत बिजली विभाग के कुल पांच कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली विभाग ने जल्द अपने वादे पूरे नहीं किए तो वे दोबारा आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल पीड़ित परिवार मदद की आस लगाए बैठा है।
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13 फरवरी को दो बेटियों की होनी है शादी
परिवार के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है। सुभाष निषाद के पांच बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां शामिल हैं। आगामी 13 फरवरी को उनकी दो बेटियों की शादी तय है। परिवार के मुताबिक एक ओर अस्पताल में रोजाना करीब एक लाख रुपये तक इलाज में खर्च हो रहा है, तो दूसरी ओर शादी की तारीख नजदीक आने से परिवार पर दोहरी मार पड़ रही है। इसके साथ ही अन्य तीन बच्चों की पढ़ाई और पूरे परिवार की आजीविका भी संकट मंडराने लगी हैं।
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सामान्य जीवन नहीं जी पाएंगे सुभाष, पत्नी ने रखी तीन मांगें
परिजनों के मुताबिक हादसे के बाद सुभाष निषाद स्थायी रूप से अपंग हो गए हैं और अब सामान्य जीवन जीने में असमर्थ हैं। परिवार की जिम्मेदारी अब पूरी तरह उनकी पत्नी के कंधों पर आ गई है। मजबूरी में पीड़ित की पत्नी ने बिजली विभाग के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इलाज में अब तक और आगे होने वाले पूरे खर्च की भरपाई, बेटियों की शादी में आर्थिक सहायता तथा परिवार की आजीविका के लिए बड़े बेटे को नौकरी दी जाए।