ग्रेटर नोएडा: इलजिन बिल्डिंग में मिलीं खामियां, तिरछा हो गया कंक्रीट से बना बीम; ऑडिट में चौंकाने वाला खुलासा
इलजिन इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी की बिल्डिंग का निर्माण मानकों के अनुसार नहीं हुआ है। पीडब्ल्यूडी की जांच में यह खुलासा हुआ है। पीडब्ल्यूडी ने स्ट्रक्चरल ऑडिट के बाद जांच रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है।
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औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-3 की इलजिन इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी की बिल्डिंग का निर्माण मानकों के अनुसार नहीं हुआ है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की जांच में इसका खुलासा हुआ है। पीडब्ल्यूडी ने स्ट्रक्चरल ऑडिट करने के बाद जांच रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। जांच में पता चला है कि बिल्डिंग में कंक्रीट से बना हुआ बीम भी आग से तिरछा हो गया था। जबकि आग में ऐसा सामान्यत: नहीं होता है। वहीं मौके पर कंपनी प्रबंधन स्ट्रक्चरल ड्राइंग या अन्य कागजात नहीं दिखा सका। वहीं अन्य एजेंसियां जांच में जुटी है।
इकोटेक-3 की इलजिन इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में लगी आग में बचाव कार्य के दौरान दीवार व बीम गिरने से दो दमकल कर्मियों की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस कमिश्नर ने पीडब्ल्यूडी से कंपनी के स्ट्रक्चरल ऑडिट की रिपोर्ट मांगी। बुधवार को पीडब्ल्यूडी की टीम कंपनी में स्ट्रक्चरल ऑडिट करने पहुंची। ऑडिट के दौरान टीम को काफी गड़बड़ी मिली है।
अफसरों का कहना है कि बिल्डिंग का निर्माण मानकों पर खरा नहीं उतरा है। इसी कारण दीवार गिरी है। दीवार में पिलर नहीं थे। बीम भी तिरछा हो गया। जबकि इतनी आग में यह संभव नहीं है। गुणवत्ता खराब थी तो दीवार पानी का प्रेशर नहीं झेल सकी। जबकि इससे ज्यादा प्रेशर बारिश और हवा का होता है। उसको घरों की दीवार झेल लेती है।
मलबे की लैब जांच में और पुख्ता होगी खामियां
अफसरों ने बताया कि अभी निर्माण सामग्री और प्लास्टर की लैब में जांच होगी। संबंधित विभाग को इसकी जांच करानी होगी। उसके बाद निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल स्ट्रक्चरल मानकों के अनुसार नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि आग टेस्टिंग लैब में लगी थी। आशंका है कि टेस्टिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग लगी हैं।
पिलर के अलावा दीवार पर नहीं था बीम
दमकल विभाग के अफसरों का कहना है कि कंपनी की जिस बिल्डिंग में आग लगी थी, उसकी दीवार की ऊंचाई काफी ज्यादा है। दीवार के दोनों छोर पर पिलर है लेकिन वो काफी छोटे है। जबकि दीवार काफी ऊंची है। दीवार के बीच में पिलर नहीं दिखे हैं। वहीं हर फ्लोर पर बीम भी जरूरी है लेकिन यहां बीम भी नहीं दिखे है। अफसरों ने बताया कि कंपनी में लगी आग ज्यादा बड़ी नहीं थी। केवल 30 मिनट की आग भी दीवार नहीं झेल सकी।
फायर एनओसी के सभी मानक मौजूद
घटना के बाद कंपनी को मिली फायर एनओसी पर सवाल उठ रहे है। इस पर दमकल विभाग के अफसरों का कहना है कि कंपनी में फायर के सभी मानक पूरे थे। जांच के बाद ही एनओसी जारी की गई थी। कंपनी के अंदर दो दरवाजे की जरूरत थी लेकिन छह दरवाजे बनाए गए। स्प्रिंक्लर की भी जरूरत नहीं थी पर वो भी लगे हुए थे।
घायल एक कर्मी को मिली अस्पताल से छुट्टी
घटना में घायल तीन दमकल कर्मियों को अस्पताल में इलाज चल रहा है। जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है। कर्मी अमित को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया है। पुलिस अफसरों ने बताया कि बाकी दोनों दमकल कर्मी की हालत में अब काफी सुधार है। जल्द ही उनको वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा और फिर घर भेज दिया जाएगा।
पुलिस की तरफ से स्ट्रक्चरल ऑडिट करने का पत्र मिला था। जिस पर जांच कर पुलिस को रिपोर्ट सौंप दी गई है। कंपनी की तरफ से स्ट्रक्चरल ड्राइंग और कंप्लीशन से जुड़े कागजात नहीं दिखाए गए।- कंचन वर्मा, अधिशासी अभियंता सिविल पीडब्ल्यूडी