{"_id":"6a308e29939b8bd201006483","slug":"farmers-delighted-to-see-the-magnificent-airport-in-jewar-noida-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"'हमारे पूर्वजों की जमीन अब देश की धरोहर': शानदार हवाई अड्डा देख हुए खुश, लखनऊ जाने वाले किसानों में 28 महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'हमारे पूर्वजों की जमीन अब देश की धरोहर': शानदार हवाई अड्डा देख हुए खुश, लखनऊ जाने वाले किसानों में 28 महिलाएं
रोहित शर्मा, अमर उजाला, यमुना सिटी
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 16 Jun 2026 05:14 AM IST
विज्ञापन
सार
सोमवार को उन्होंने लखनऊ जाने वाली पहली फ्लाइट में यात्रा की। एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले 170 किसान और कामगार उनके साथ विमान में नोएडा से लखनऊ पहुंचे। सभी जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ रवाना हुए। इनमें 28 महिलाएं और किसान परिवार की बेटियां भी शामिल थीं।
Noida International Airport
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
मैंने अपनी पूरी उम्र इस जमीन पर खेती देखी। परिवार के साथ मिलकर फसलें बोईं। पहले मवेशियों की मदद से हल चलाते थे। बाद में ट्रैक्टर आए। लेकिन कभी नहीं सोचा था कि यहां से हवाई जहाज भी उड़ेंगे। पहली उड़ान में हमें भी शामिल किया जाएगा। आज अपनी जमीन पर शानदार हवाई अड्डा देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। हमारे पूर्वजों की जमीन अब देश की धरोहर बन चुकी है। देश दुनिया में लोग इसे जानेंगे। यह बातें कहीं 104 वर्ष की बुजुर्ग राजवती देवी ने।
सोमवार को उन्होंने लखनऊ जाने वाली पहली फ्लाइट में यात्रा की। एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले 170 किसान और कामगार उनके साथ विमान में नोएडा से लखनऊ पहुंचे। सभी जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ रवाना हुए। इनमें 28 महिलाएं और किसान परिवार की बेटियां भी शामिल थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
हवाई यात्रा करने वाली बुजुर्ग महिलाओं ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी जमीन पर एयरपोर्ट बनेगा और उन्हें इस तरह से हवाई यात्रा करने में शामिल होने का मौका मिलेगा। अपने जीवन में उन्होंने ट्रेन की यात्रा भी गिनी चुनी बार ही की है। जिन जमीन पर वह अनाज उगाया करती थीं और उनके मकान बने थे। अब उसी जमीन पर रोज हवाई जहाज उड़ेंगे और देश विदेश की यात्रा करने के लिए लोग यहां आएंगे।
पहले चरण में सात गांव हुए थे विस्थापित
नोएडा एयरपोर्ट का पूरा काम कुल चार चरण में पूरा किया जाएगा। इस एयरपोर्ट को इस तरीके से विकसित किया जा रहा है कि चौथा चरण पूरा होने के बाद यह एशिया का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एयरपोर्ट बन जाएगा। पहले चरण में जेवर के सात गांवों के किसान विस्थापित हुए थे। इसमें रोही, नगला गणेशी, नगला फूल खां, किशोरपुर, दयानतपुर खेड़ा, नगला शरीफ खां और नगला छीतर के किसान विस्थापित हुए थे।
उड़ान भरने वाली महिलाएं बोलीं
मेरी उम्र 104 साल हो गई है। मैने कभी नहीं सोचा था कि हमारी जमीन पर हवाई अड्डा बनेगा और हमें यहां से यात्रा करने का मौका मिलेगा। -राजवती देवी
शुरू में जब हमें यहां मकान-जमीन से हटाया गया था तो अंदाजा नहीं था कि आगे क्या होगा। सरकार लगातार हमारी देखरेख कर रही है। -मिथलेश
पहले दिन 5 विमानों ने भरी उड़ान
जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों का सपना सोमवार को पूरा हो गया। एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीनें देने वाले किसान, कामगार व महिलाओं के साथ उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। सतीश महाना लखनऊ से नोएडा आने वाली पहली फ्लाइट में सवार थे। इसके बाद एयरपोर्ट से पहले विमान ने लखनऊ के लिए उड़ान भरी। इस फ्लाइट में जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ नोएडा एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसान, कामगार और महिलाएं शामिल थीं। उड़ान शुरू होने के पहले दिन केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू भी नोएडा एयरपोर्ट पहुंचे। सुबह 8.05 पहले यात्री विमान का स्वागत वाटर कैनन के जरिये सलामी देकर किया गया।