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Noida News: जब आग लगी और सच आया सामने, फैक्टरी में सुरक्षा थी केवल दिखावा
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-जब आग लगी तो सच आया सामने, फैक्टरी में उड़ाई जा रही थी नियमों की धज्जियां
- शॉर्ट सर्किट से लगी आग में एक कर्मी की हुई थी माैत, 35 घायल, सुरक्षा नियमों की अनदेखी आई सामने
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-4 स्थित कैपिटल पावर सिस्टम्स लिमिटेड में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासन ने फैक्टरी के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जांच में सामने आया कि यह हादसा विद्युत शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ, जिसमें एक कर्मी की मौत हो गई जबकि 35 कर्मचारी घायल हुए।
नोएडा क्षेत्र के सहायक निदेशक कारखाना राम बहादुर, सहायक निदेशक कारखाना संदीप कुमार सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी सुप्रिया द्विवेदी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी जितेंद्र भदौरिया ने स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि कारखाना भवन में दो बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर, प्रथम तल व द्वितीय तल निर्मित हैं और छत को टीन शेड से ढककर भंडारण कार्य के लिए उपयोग में लाया जा रहा था। जबकि अग्नि सुरक्षा विभाग की ओर से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र केवल दो बेसमेंट व तीन तल तक ही स्वीकृत था।
कारखाना परिसर के चारों ओर नियमानुसार आवश्यक सेटबैक क्षेत्र नहीं छोड़ा गया था। कारखाने में स्थापित स्मोक डिटेक्टर घटना के समय कार्यशील नहीं थे। साथ ही, अभिलेख मांगे जाने पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इस दौरान कारखाने में लगभग 50 टन पॉलीकार्बोनेट और लगभग 200 लीटर कन्फॉर्मल कोटिंग रसायन का भंडारण किया जाता था, जो ज्वलनशील जोखिमपूर्ण श्रेणी में आते हैं, लेकिन सुरक्षित भंडारण नहीं मिला।
विभाग का कहना है कि अग्निकांड संभावित रूप से शॉर्ट सर्किट से हुआ। यह स्थिति जर्जर व पुरानी विद्युत वायरिंग, खुले तारों या मशीनों पर निर्धारित सीमा से अधिक विद्युत भार पड़ने से हो सकती है।
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नोएडा। सेक्टर-4 स्थित कैपिटल पावर सिस्टम्स लिमिटेड में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासन ने फैक्टरी के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जांच में सामने आया कि यह हादसा विद्युत शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ, जिसमें एक कर्मी की मौत हो गई जबकि 35 कर्मचारी घायल हुए।
नोएडा क्षेत्र के सहायक निदेशक कारखाना राम बहादुर, सहायक निदेशक कारखाना संदीप कुमार सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी सुप्रिया द्विवेदी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी जितेंद्र भदौरिया ने स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि कारखाना भवन में दो बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर, प्रथम तल व द्वितीय तल निर्मित हैं और छत को टीन शेड से ढककर भंडारण कार्य के लिए उपयोग में लाया जा रहा था। जबकि अग्नि सुरक्षा विभाग की ओर से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र केवल दो बेसमेंट व तीन तल तक ही स्वीकृत था।
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कारखाना परिसर के चारों ओर नियमानुसार आवश्यक सेटबैक क्षेत्र नहीं छोड़ा गया था। कारखाने में स्थापित स्मोक डिटेक्टर घटना के समय कार्यशील नहीं थे। साथ ही, अभिलेख मांगे जाने पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इस दौरान कारखाने में लगभग 50 टन पॉलीकार्बोनेट और लगभग 200 लीटर कन्फॉर्मल कोटिंग रसायन का भंडारण किया जाता था, जो ज्वलनशील जोखिमपूर्ण श्रेणी में आते हैं, लेकिन सुरक्षित भंडारण नहीं मिला।
विभाग का कहना है कि अग्निकांड संभावित रूप से शॉर्ट सर्किट से हुआ। यह स्थिति जर्जर व पुरानी विद्युत वायरिंग, खुले तारों या मशीनों पर निर्धारित सीमा से अधिक विद्युत भार पड़ने से हो सकती है।