{"_id":"69ac2b4a3540151ca60884a5","slug":"fraudsters-are-eyeing-your-earnings-through-duplicate-apps-grnoida-news-c-491-1-gnd1001-4690-2026-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: डुप्लीकेट एप से आपकी कमाई पर ठगों की नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: डुप्लीकेट एप से आपकी कमाई पर ठगों की नजर
विज्ञापन
विज्ञापन
डुप्लीकेट एप से आपकी कमाई पर ठगों की नजर
डाउनलोड करते ही ठगों तक पहुंच जाती है सारी जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। साइबर ठग अब लोगों को शिकार बनाने के लिए डुप्लीकेट एप का सहारा ले रहे हैं। विभिन्न कंपनियों से मिलते-जुलते एप तैयार करके ठग इसे लोगों तक पहुंचाते हैं। लोग जब इसे डाउनलोड करते हैं तो उनकी जानकारी ठगों तक पहुंच जाती है, जिसके बाद वह लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं।
यमुना सिटी के रबूपुरा, दनकौर, जेवर और बिलासपुर में कई ऐसे मामले आए हैं, जिसमें ठगों ने इसी तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाया है। जानकारी लेने के बाद आरोपी उनके खाते से रुपये पार कर लेते हैं। जब तक लोगों को इसकी जानकारी होती है तब तक वह ठगों का शिकार बन चुके होते हैं। इसमें ठग कम पढ़े लिखे और बुजुर्गों को अपना शिकार ज्यादा बना रहे हैं। पुलिस की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
बच्चों के लिए लुभावने गेमिंग एप
साइबर ठग बच्चों को ठगने के लिए फर्जी गेमिंग एप का भी सहारा ले रहे हैं। रोचक गेम देखकर जब बच्चे ऑनलाइन गेम को मोबाइल में डाउनलोड करते हैं तो भी उनसे सारी अनुमति लेकर मोबाइल से सूचनाएं शेयर हो जाती हैं। जिसके बाद लोगों को ठगी का शिकार होना पड़ता है।
पुलिस चला रही जागरुकता अभियान
एसीपी सार्थर सेंगर ने बताया कि जेवर क्षेत्र में साइबर ठगी के मामले अन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी कम हैं। ठग कम जानकारी वाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। स्कूली बच्चों को भी समय-समय पर जागरूक किया जाता है।
Trending Videos
डाउनलोड करते ही ठगों तक पहुंच जाती है सारी जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। साइबर ठग अब लोगों को शिकार बनाने के लिए डुप्लीकेट एप का सहारा ले रहे हैं। विभिन्न कंपनियों से मिलते-जुलते एप तैयार करके ठग इसे लोगों तक पहुंचाते हैं। लोग जब इसे डाउनलोड करते हैं तो उनकी जानकारी ठगों तक पहुंच जाती है, जिसके बाद वह लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं।
यमुना सिटी के रबूपुरा, दनकौर, जेवर और बिलासपुर में कई ऐसे मामले आए हैं, जिसमें ठगों ने इसी तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाया है। जानकारी लेने के बाद आरोपी उनके खाते से रुपये पार कर लेते हैं। जब तक लोगों को इसकी जानकारी होती है तब तक वह ठगों का शिकार बन चुके होते हैं। इसमें ठग कम पढ़े लिखे और बुजुर्गों को अपना शिकार ज्यादा बना रहे हैं। पुलिस की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बच्चों के लिए लुभावने गेमिंग एप
साइबर ठग बच्चों को ठगने के लिए फर्जी गेमिंग एप का भी सहारा ले रहे हैं। रोचक गेम देखकर जब बच्चे ऑनलाइन गेम को मोबाइल में डाउनलोड करते हैं तो भी उनसे सारी अनुमति लेकर मोबाइल से सूचनाएं शेयर हो जाती हैं। जिसके बाद लोगों को ठगी का शिकार होना पड़ता है।
पुलिस चला रही जागरुकता अभियान
एसीपी सार्थर सेंगर ने बताया कि जेवर क्षेत्र में साइबर ठगी के मामले अन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी कम हैं। ठग कम जानकारी वाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। स्कूली बच्चों को भी समय-समय पर जागरूक किया जाता है।