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UP: ग्रेटर नोएडा वेस्ट को कब मिलेगी मेट्रो? प्रस्ताव और डीपीआर बनी पर न मिली सुविधा; तीन बार टेंडर भी हुआ जारी
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 16 Feb 2026 03:24 PM IST
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सार
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) का ग्रेनो वेस्ट के लिए प्रस्ताव और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनी। 2023 में डीपीआर केंद्र सरकार में पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड से मंजूरी भी मिल गई। लेकिन अभी तक मेट्रो नहीं दौड़ी।
greater noida west metro
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एक्वा लाइन मेट्रो के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक रूट विस्तार को मंजूरी मिलने के बाद ग्रेनो वेस्ट में एक बार फिर मेट्रो की मांग तेज हो गई है। निवासी कहते हैं कि अब और कितने साल इंतजार करें? उन्होंने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर जनप्रतिनिधियों को टैग करते हुए उठाया।
दरअसल, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की ब्लू लाइन 2009 में जब नोएडा में सिटी सेंटर तक पहुंची थी तो उम्मीद जगी थी कि मेट्रो सेक्टर-71 होते हुए ग्रेनो वेस्ट को भी जोड़ेगी। फिर नोएडा मेट्रो की परियोजना आई तो चर्चा शुरू हुई कि ग्रेनो वेस्ट की तरफ नोएडा मेट्रो की लाइन जाएगी लेकिन इन दोनों लाइनों की दिशा बदल गई और इलाका मेट्रो की रेस में पीछे रह गया।
ब्लू लाइन सेक्टर-71 से सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन होते हुए सेक्टर-62 की तरफ मुड़ गई। नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन ग्रेटर नोएडा चली गई। 2019 में इन दोनों लाइन पर मेट्रो का संचालन शुरू हो गया।
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दरअसल, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की ब्लू लाइन 2009 में जब नोएडा में सिटी सेंटर तक पहुंची थी तो उम्मीद जगी थी कि मेट्रो सेक्टर-71 होते हुए ग्रेनो वेस्ट को भी जोड़ेगी। फिर नोएडा मेट्रो की परियोजना आई तो चर्चा शुरू हुई कि ग्रेनो वेस्ट की तरफ नोएडा मेट्रो की लाइन जाएगी लेकिन इन दोनों लाइनों की दिशा बदल गई और इलाका मेट्रो की रेस में पीछे रह गया।
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ब्लू लाइन सेक्टर-71 से सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन होते हुए सेक्टर-62 की तरफ मुड़ गई। नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन ग्रेटर नोएडा चली गई। 2019 में इन दोनों लाइन पर मेट्रो का संचालन शुरू हो गया।
2023 में बनी थी डीपीआर
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) का ग्रेनो वेस्ट के लिए प्रस्ताव और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनी। 2023 में डीपीआर केंद्र सरकार में पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड से मंजूरी भी मिल गई। कैबिनेट की मंजूरी की जगह डीपीआर और रूट में बदलाव का निर्णय मंत्रालय में हुआ फिर नई डीपीआर को फरवरी 2024 में एनएमआरसी बोर्ड ने मंजूरी दी। इसे इस साल नवंबर में यूपी सरकार को मंजूरी मिली। इसके बाद फिर डीपीआर केंद्र में पहुंची।
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) का ग्रेनो वेस्ट के लिए प्रस्ताव और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनी। 2023 में डीपीआर केंद्र सरकार में पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड से मंजूरी भी मिल गई। कैबिनेट की मंजूरी की जगह डीपीआर और रूट में बदलाव का निर्णय मंत्रालय में हुआ फिर नई डीपीआर को फरवरी 2024 में एनएमआरसी बोर्ड ने मंजूरी दी। इसे इस साल नवंबर में यूपी सरकार को मंजूरी मिली। इसके बाद फिर डीपीआर केंद्र में पहुंची।
करीब 15 साल से ग्रेनो वेस्ट में मेट्रो परियोजना की सुगबुगाहट है और निवासियों की उम्मीदें दौड़ रही हैं। इसे बिल्डरों ने खूब भुनाया। प्रस्ताव के दम पर मेट्रो के सपने दिखाकर अपने फ्लैट बेचे। आलम यह है कि इस क्षेत्र में 100 से अधिक सोसाइटियां हैं। आबादी पांच लाख के करीब पहुंच गई है। ग्रेनो के सेक्टर 1,2,3 4, टेक जोन-4, सेक्टर-16, 16 बी, 16 सी, सेक्टर-10और 12, ईकोटेक-6, नॉलेज पार्क-5 में अधिक बसावट है।
तीन बार जारी हो चुका है टेंडर
मेट्रो नेटवर्क बढ़ाने के लिए एनएमआरसी की नजर 2018 से ही ग्रेनो वेस्ट पर है। 2019 में एक्वा लाइन पर मेट्रो दौड़ने के बाद ग्रेनो वेस्ट की कवायद फिर शुरू हुई। डीपीआर तैयार करवाया। 2020 से टेंडर की प्रक्रिया शुरू की। मंत्रालय से मंजूरी मिलने की उम्मीद में तीन बार टेंडर जारी हुआ। दो बार में एजेंसियों की संख्या ही तीन नहीं हो पाई। तीसरी बार में तीन एजेंसी आई लेकिन डीपीआर को मंजूरी ही नहीं मिली।
मेट्रो नेटवर्क बढ़ाने के लिए एनएमआरसी की नजर 2018 से ही ग्रेनो वेस्ट पर है। 2019 में एक्वा लाइन पर मेट्रो दौड़ने के बाद ग्रेनो वेस्ट की कवायद फिर शुरू हुई। डीपीआर तैयार करवाया। 2020 से टेंडर की प्रक्रिया शुरू की। मंत्रालय से मंजूरी मिलने की उम्मीद में तीन बार टेंडर जारी हुआ। दो बार में एजेंसियों की संख्या ही तीन नहीं हो पाई। तीसरी बार में तीन एजेंसी आई लेकिन डीपीआर को मंजूरी ही नहीं मिली।
परियोजना, उसकी स्थिति और अड़चन
सेक्टर-51 से नॉलेज पार्क-5 तक 11 स्टेशन व 17.345 किलोमीटर लंबा एक्वा मेट्रो का रूट प्रस्तावित है। इसमें पहले चरण में 11 किलोमीटर और 7 स्टेशन सेक्टर-61, सेक्टर-70 ,सेक्टर-122, सेक्टर-123, सेक्टर-4 ग्रेटर नोएडा, सेक्टर-12 इकोटेक, सेक्टर-2 ग्रेटर नोएडा शामिल होंगे। सेक्टर-3, ग्रेटर नोएडा, सेक्टर-10 ,सेक्टर-12 नॉलेज पार्क-5 स्टेशन दूसरे चरण में बनने हैं। दोनों चरण को आधिकारिक मंजूरी केंद्र की मंजूरी के बाद मिलेगी। रूट की निर्माण लागत 2991 करोड़ रुपये अनुमानित है।
सेक्टर-51 से नॉलेज पार्क-5 तक 11 स्टेशन व 17.345 किलोमीटर लंबा एक्वा मेट्रो का रूट प्रस्तावित है। इसमें पहले चरण में 11 किलोमीटर और 7 स्टेशन सेक्टर-61, सेक्टर-70 ,सेक्टर-122, सेक्टर-123, सेक्टर-4 ग्रेटर नोएडा, सेक्टर-12 इकोटेक, सेक्टर-2 ग्रेटर नोएडा शामिल होंगे। सेक्टर-3, ग्रेटर नोएडा, सेक्टर-10 ,सेक्टर-12 नॉलेज पार्क-5 स्टेशन दूसरे चरण में बनने हैं। दोनों चरण को आधिकारिक मंजूरी केंद्र की मंजूरी के बाद मिलेगी। रूट की निर्माण लागत 2991 करोड़ रुपये अनुमानित है।
2024 के बाद गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर तक रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) रूट प्रस्तावित हुआ है। इसका रूट गाजियाबाद से एकमूर्ति गोलचक्कर के पास रैपिड मेट्रो आकर ग्रेनो वेस्ट में जुड़ेगी। यह रूट ग्रेनो वेस्ट होकर ही आगे बढ़ेगा। इसी रूट के समानांतर एनएमआरसी मेट्रो रूट भी नॉलेज पार्क-5 तक प्रस्तावित है। एनएमआरसी ग्रेनो वेस्ट मेट्रो रूट की वकालत का रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि सेक्टर-51 से नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो (ग्रेनो वेस्ट मेट्रो बड़ी आबादी की जरूरत है। एक ट्रैक पर दोनों का संचालन मुमकिन नहीं है। इसका कारण है कि मेट्रो की रफ्तार 50 तो रैपिड मेट्रो की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा रहती है। दोनों रूट समानांतर बनाए जाने पर दोनों ही परियोजनाओं की उपयोगिता कम होगी। अब इसका समाधान मंत्रालय स्तर पर ही निकाला जाना है।
सेक्टर-51 से नॉलेज पार्क-5 एनएमआरसी का महत्वपूर्ण प्रस्तावित मेट्रो रूट है। इसकी डीपीआर मंजूरी के लिए केंद्र में है। एनएमआरसी इस रूट की मंजूरी के लिए भी प्रयासरत है। -कृष्ण करुणेश, एमडी, नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन
ग्रेनो वेस्ट में अब तक मेट्रो की सुविधा नहीं होना लोगों के साथ छलावा है। सरकार की अनदेखी से यहां रहने वाले मेरे जैसे लाखों लोग प्रभावित हैं। - पूनम शुक्ला, ऐस डिविनो सोसाइटी
केंद्र सरकार ने मेट्रो जिस रूट को मंजूरी दी है उससे ज्यादा जरूरत ग्रेनो वेस्ट को है लेकिन फिर भी प्रदेश और केंद्र सरकार अनदेखी कर रही है। राहुल कुमार, रक्षा एडेला सोसाइटी
ग्रेनो वेस्ट के लिए मेट्रो एक अधूरा सपना बनकर रह गई है। हर बार चुनाव से पहले सरकार भरोसा दिलाती है लेकिन चुनाव के बाद भूल जाती है। दीपांकर कुमार, पंचशील ग्रींस-2
ट्रैफिक की बदतर हालत को सुधारने के लिए मेट्रो की बहुत आवश्यकता है। यहां दूसरा कोई सार्वजनिक परिवहन भी नहीं हैं। यह कैसा विकास है? - चमन नागर, रोजा जलालपुर
यहां लाखों लोग रहते हैं लेकिन कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं है। न बस और न ही मेट्रो। जिनके पास निजी वाहन नहीं हैं उनके लिए कहीं आना-जाना मुश्किल है। -धीरज त्रिपाठी, पंचशील हाईनिश
निवासियों के हित में फैसला लिया जाना चाहिए था। सबसे अधिक ग्रेनो वेस्ट के लोगों के लिए मेट्रो जरूरी है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। - आशीष दुबे, लॉ रेजिडेंशिया सोसाइटी