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Noida News: नए सत्र की शुरुआत, एनसीईआरटी किताबों का इंतजार, अभिभावक चिंतित
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दुकानदार बोले, एनसीईआरटी किताबों का स्टॉक सीमित, इंतजार करें
किताबें न मिलने से सत्र की शुरुआत में ही प्रभावित हो सकती है पढ़ाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर के कई स्कूलों में आज से नया सत्र शुरू हो रहा है, लेकिन एनसीईआरटी की किताबों की कमी ने विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। जरूरी किताबें बाजार में उपलब्ध न होने से सत्र के शुरुआती दिनों में ही पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। स्थिति यह है कि कई विद्यार्थी पुरानी कक्षाओं के विद्यार्थियों से किताबें लेकर काम चलाने का प्रयास रहे हैं। खासतौर पर 10वीं की किताबों की कमी ज्यादा है।
सिर्फ सीबीएसई में ही नहीं यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों को भी एनसीईआरटी की किताबें नहीं मिल रहीं हैं। जिले में 500 से अधिक सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूल हैं। अभिभावकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से एनसीईआरटी किताबों की सप्लाई प्रभावित हुई है। पहले भले ही बाजार में थोड़ी कमी रहती थी, लेकिन सत्र शुरू होने से पहले स्कूलों के माध्यम से किताबें मिल जाती थीं। इस बार स्कूल भी अभिभावकों को इंतजार करने की सलाह दे रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार अभी सप्लाई पूरी तरह नहीं पहुंची है, जिससे स्टॉक सीमित है।
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वैकल्पिक व्यवस्था - स्कूलों ने उपलब्ध कराईं हेल्प बुक्स
स्कूल प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए विद्यार्थियों को हेल्प बुक्स उपलब्ध कराई हैं, ताकि पढ़ाई बाधित न हो। हालांकि विद्यार्थियों का कहना है कि मजबूत आधार के लिए एनसीईआरटी किताबें जरूरी होती हैं, जबकि हेल्प बुक्स केवल सहायक का काम करती हैं। ऑल नोएडा स्कूल्स एसोसिएशन का कहना है कि प्रशासन से जल्द से जल्द एनसीईआरटी किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की जाएगी, ताकि छात्रों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके।
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स्कूल ने स्टेशनरी और दूसरी किताबें तो दीं, लेकिन एनसीईआरटी किताबें अब तक नहीं मिलीं। बाहर दुकानों पर भी ये उपलब्ध नहीं हैं। - यतेंद्र कसाना, अध्यक्ष, ऑल नोएडा स्कूल्स पैरेंट्स एसोसिएशन
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स्कूल से 9वीं की किताब मिल गई है, लेकिन 10वीं के लिए किताब नहीं मिली। इसलिए पुरानी किताबों से काम चला रहे हैं। - विकास बंसल, अभिभावक
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किताबें न मिलने से सत्र की शुरुआत में ही प्रभावित हो सकती है पढ़ाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर के कई स्कूलों में आज से नया सत्र शुरू हो रहा है, लेकिन एनसीईआरटी की किताबों की कमी ने विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। जरूरी किताबें बाजार में उपलब्ध न होने से सत्र के शुरुआती दिनों में ही पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। स्थिति यह है कि कई विद्यार्थी पुरानी कक्षाओं के विद्यार्थियों से किताबें लेकर काम चलाने का प्रयास रहे हैं। खासतौर पर 10वीं की किताबों की कमी ज्यादा है।
सिर्फ सीबीएसई में ही नहीं यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों को भी एनसीईआरटी की किताबें नहीं मिल रहीं हैं। जिले में 500 से अधिक सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूल हैं। अभिभावकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से एनसीईआरटी किताबों की सप्लाई प्रभावित हुई है। पहले भले ही बाजार में थोड़ी कमी रहती थी, लेकिन सत्र शुरू होने से पहले स्कूलों के माध्यम से किताबें मिल जाती थीं। इस बार स्कूल भी अभिभावकों को इंतजार करने की सलाह दे रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार अभी सप्लाई पूरी तरह नहीं पहुंची है, जिससे स्टॉक सीमित है।
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वैकल्पिक व्यवस्था - स्कूलों ने उपलब्ध कराईं हेल्प बुक्स
स्कूल प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए विद्यार्थियों को हेल्प बुक्स उपलब्ध कराई हैं, ताकि पढ़ाई बाधित न हो। हालांकि विद्यार्थियों का कहना है कि मजबूत आधार के लिए एनसीईआरटी किताबें जरूरी होती हैं, जबकि हेल्प बुक्स केवल सहायक का काम करती हैं। ऑल नोएडा स्कूल्स एसोसिएशन का कहना है कि प्रशासन से जल्द से जल्द एनसीईआरटी किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की जाएगी, ताकि छात्रों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके।
स्कूल ने स्टेशनरी और दूसरी किताबें तो दीं, लेकिन एनसीईआरटी किताबें अब तक नहीं मिलीं। बाहर दुकानों पर भी ये उपलब्ध नहीं हैं। - यतेंद्र कसाना, अध्यक्ष, ऑल नोएडा स्कूल्स पैरेंट्स एसोसिएशन
स्कूल से 9वीं की किताब मिल गई है, लेकिन 10वीं के लिए किताब नहीं मिली। इसलिए पुरानी किताबों से काम चला रहे हैं। - विकास बंसल, अभिभावक